ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News उत्तर प्रदेशयूपी में रामराज्य नहीं मनुराज, दलित छात्र की फायरिंग में मौत पर भड़के उदित राज, आंबेडकर बोर्ड पर हुआ था विवाद

यूपी में रामराज्य नहीं मनुराज, दलित छात्र की फायरिंग में मौत पर भड़के उदित राज, आंबेडकर बोर्ड पर हुआ था विवाद

यूपी के रामपुर में आंबेडकर बोर्ड को लेकर हुए विवाद में दलित छात्र की फायरिंग में मौत के मामले में कांग्रेस ने भाजपा पर हमला बोला है। डॉ. उदित राज ने कहा कि वहां रामराज्य नहीं मनुराज चल रहा है।

यूपी में रामराज्य नहीं मनुराज, दलित छात्र की फायरिंग में मौत पर भड़के उदित राज, आंबेडकर बोर्ड पर हुआ था विवाद
Yogesh Yadavवार्ता,रामपुरWed, 28 Feb 2024 06:19 PM
ऐप पर पढ़ें

यूपी के रामपुर में आंबेडकर बोर्ड लगाने को लेकर हुए बवाल में दलित छात्र की फायरिंग में मौत पर राजनीति भी गरमा रही है। कांग्रेस ने यूपी की भाजपा सरकार पर इसे लेकर हमला बोला है। कांग्रेस ने कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि राज्य में दलितों, पिछड़ों, महिलाओं और आदिवासियों पर अत्याचार हो रहा है। कांग्रेस के असंगठित क्षेत्र के वर्कर्स तथा कर्मचारी संगठन के प्रमुख डॉ. उदित राज ने बुधवार को यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भाजपा का रामराज्य पिछड़ों, दलितों, महिलाओं और आदिवासियों के लिए मनुराज है। 

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के रामपुर में कुछ अधिकारी पुलिस फोर्स और दबंगों के साथ पहुंचे थे। जहां दलित छात्र सुमेश कुमार की हत्या कर दी गई। उनकी गलती यही थी कि ये गड्ढे को पाटकर बाबा साहेब का बोर्ड लगाना चाह रहे थे। उप्र में इस तरह का जुल्म जारी है।

आंबेडकर बोर्ड विवाद: दलित छात्र की फायरिंग में मौत पर एक्शन, चार पुलिस वालों पर केस

राज्य में कई सालों बाद करीब 60,000 पदों पर पुलिस कांस्टेबल की भर्ती आई थी। इस भर्ती का पेपर लीक करा दिया गया ताकि रेगुलर भर्ती न हो और लोकसभा चुनाव बीत जाने के बाद भर्ती न की जाए। कांग्रेस नेता ने कहा कि भाजपा सरकार सरकारी नौकरियों की सबसे बड़ी दुश्मन है। क्योंकि जब दलित-पिछड़े वर्ग के छात्र शासन-प्रशासन में आते हैं तो इन्हें तकलीफ होती है। हमारी मांग है कि रामपुर में दलित छात्र की हत्या के मामले में जांच हो, दोषियों पर सख्त एक्शन हो, क्योंकि एसडीएम की मौजूदगी में गोली मारा जाना स्टेट टेररज्मि है।

रामपुर में क्या हुआ है

रामपुर के मिलक कोतवाली क्षेत्र के सिलई बड़ा गांव में मंगलवार शाम ग्राम समाज की जमीन पर आंबेडकर का बोर्ड लगाने को लेकर बवाल हो गया था। आरोप है कि इस दौरान पुलिस ने फायरिंग कर दी, जिसमें गोली लगने से दसवीं के छात्र की मौत हो गई जबकि, दो अन्य घायल हो गए। हालांकि, पुलिस अधीक्षक ने साफ किया है कि गोली पुलिस की थी या पब्लिक की, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। रात करीब तीन बजे चार पुलिस वालों समेत 25 पर केस दर्ज करने के बाद मामला किसी तरह शांत हो सका था।

 मिलक कोतवाली क्षेत्र के सिलई बड़ा गांव में गंगवार और जाटव समाज के कुछ लोगों के बीच सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर विवाद चला आ रहा था। बताया जाता है कि 15 दिन पहले प्रशासन ने अवैध कब्जा हटवा दिया था। करीब 10 दिन पहले संबंधित जमीन पर डा. आंबेडकर का बोर्ड लगा दिया था, जिसकी गंगवार समाज के कुछ लोगों ने फिर शिकायत की। मंगलवार को इसी शिकायत पर बोर्ड हटवाने के लिए राजस्व प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। करीब साढ़े चार बजे जब टीम ने फोर्स की मौजूदगी में कब्जा हटवाने का प्रयास किया तो वहां पथराव हो गया।

इससे एसडीएम-तहसीलदार समेत राजस्व टीम पीछे हटने लगी। आरोप है कि इसी बीच पुलिस ने फायरिंग कर दी, जिसमें गोली लगने से 17 साल के सोमेश पुत्र गेंदनलाल की मौत हो गई। सोमेश हाईस्कूल का छात्र था। फायरिंग और पथराव में  रमन पुत्र वीर सिंह और रहीस पाल पुत्र ओमकार घायल हो गए। इससे लोगों में आक्रोश फैल गया। सूचना पर कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। एडीएम प्रशासन लालता प्रसाद शाक्य और एसपी राजेश द्विवेदी मौके पर पहुंचे। आक्रोशित परिजनों को समझाया। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया। 

 

हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें