ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News उत्तर प्रदेशआंबेडकर बोर्ड विवाद: दलित छात्र की फायरिंग में मौत पर एक्शन, चार पुलिस वालों पर केस

आंबेडकर बोर्ड विवाद: दलित छात्र की फायरिंग में मौत पर एक्शन, चार पुलिस वालों पर केस

रामपुर में आंबेडकर की प्रतिमा लगाने और बोर्ड के विवाद में हुए बवाल में दलित छात्र की फायरिंग में मौत के मामले में एक्शन हुआ है। चार पुलिस वालों समेत 25 के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

आंबेडकर बोर्ड विवाद: दलित छात्र की फायरिंग में मौत पर एक्शन, चार पुलिस वालों पर केस
Yogesh Yadavवार्ता,रामपुरWed, 28 Feb 2024 07:01 PM
ऐप पर पढ़ें

उत्तर प्रदेश में रामपुर के मिलक क्षेत्र में आंबेडकर प्रतिमा लगाने को लेकर हुए विवाद में दलित छात्र की गोली लगने से मौत के मामले में चौकी प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मियों समेत 25 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इसमें तीन सिपाही, एसडीएम और तहसीलदार के दो हमराह सहित 19 ग्रामीणों के नाम शामिल हैं। डीएम ने इस मामले में मजिस्ट्रीयल जांच के आदेश देते हुए पीड़ित परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिया है। गांव में तनाव के मद्देनजर पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है। उधर, भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर भी गांव पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर सांत्वना दी।

मिलक कोतवाली क्षेत्र के सिलई बड़ा गांव में गंगवार और जाटव समाज के कुछ लोगों के बीच सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर विवाद चला आ रहा था। प्रशासन ने 15 दिन पहले अवैध कब्जा हटवा दिया था। करीब 10 दिन पहले संबंधित जमीन पर डा. आंबेडकर का बोर्ड लगा दिया गया था। इसकी गंगवार समाज के कुछ लोगों ने फिर शिकायत की। इसी शिकायत पर मंगलवार को आंबेडकर का बोर्ड समेत अवैध कब्जा हटवाने के लिए राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने शाम को कब्जा हटवाने का प्रयास किया तो वहां पथराव हो गया था।

आरोप है कि इसी बीच पुलिस ने फायरिंग कर दी, जिसमें गोली लगने से 17 साल के सोमेश पुत्र गेंदनलाल की मौत हो गई थी, जबकि रहीश पाल और रमन घायल हो गए थे। इसको लेकर मामला और गरमा गया। आक्रोशित ग्रामीणों ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर छात्र का शव पुलिस को आठ घंटे तक नहीं उठाने दिया। देर रात मंडलायुक्त आन्जनेय कुमार और डीआईजी मुनिराज जी भी मौके पर पहुंचे और जाटव समाज के लोगों को कार्रवाई का आश्वासन देकर समझाया। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम भिजवाया। 

उधर, पोस्टमार्टम के बाद छात्र का शव बुधवार की सुबह गांव पहुंचा तो जाटव समाज के लोग शव को वाहन से उतारने के लिए तैयार नहीं हुए। जाटव समाज के लोग एफआईआर में एसडीएम मिलक और तहसीलदार के नाम को जोड़ने पर अड़े रहे। इस दौरान कई बार बवाल के हालात बन गए। इस पर डीआईजी, डीएम और एसपी सहित सांसद समेत तमाम जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाया।

कमिश्नर ने भी पीड़ित पक्ष से फोन पर बात कार्रवाई का आश्वासन दिया। करीब छह घंटे बाद परिजनों को समझाकर कड़ी सुरक्षा के बीच अंत्येष्टि कराई गई। वहीं, भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर के आने की सूचना पर जिले की सीमा सील कर दी गई थी, लेकिन, वह फिर भी गांव पहुंच गए और परिजनों से मुलाकात की। 

एफआईआर में इन लोगों के नाम शामिल
सिलईबड़ा गांव में हुए बवाल के बाद मृतक छात्र सोमेश के पिता ने तहरीर दी। इसके बाद पुलिस ने सिलईबड़ा गांव चौकी प्रभारी सुरेंद्र सिंह, सिपाही आदेश चौहान, सिपाही वीरेंद्र, सिपाही मुमतीरीन, उपजिलाधिकारी मिलक के होमगार्ड हमराह, तहसीलदार मिलक के होमगार्ड हमराह के अलावा ग्रामीण नत्थू, हेमराज, निर्वेश कुमार, झंजन लाल, तीरथ सिंह, जहोरी लाल, दिनेश कुमार, नौबतराम, हरनेन्दन, रामप्रकाश, ऊदल, लाल सिंह, बद्ररी प्रसाद, चरन सिंह, रविंद्र कुमार, राजेंद्र, भूपराम, नरेंद्र, कपिल के नाम शामिल हैं। 

इन धारा में दर्ज हुआ केस
सिलईबड़ा गांव प्रकरण में छह धाराओं में केस दर्ज किया गया है। जिसमें धारा 147, 148, 149, 323, 302 और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अधिनियम में मामला दर्ज हुआ है।
 
डीएम जोगिंदर सिंह ने बताया कि जो घटना हुई है वह दुर्भाग्यपूर्ण है। पीड़ित परिवार से बात की गई है, परिवार काफी गरीब है। इन्हें स्थानीय स्तर पर प्रशासन जो भी मदद कर सकता है, वह तत्काल कराने का आश्वासन दिया है। इस संबंध में अधिकारियों को भी आदेश दे दिए गए हैं। वहीं, शासन स्तर से भी जो मदद संभव होगी, इस परिवार की मदद कराएंगे। प्रकरण की मजिस्ट्रीयल जांच होगी। जो भी दोषी होंगे, उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें