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राज्यसभा चुनाव: कौन हैं वो चार चेहरे जिनको भाजपा ने यूपी से दिया टिकट, एक केशव मौर्य तो दूसरा रक्षामंत्री का है करीबी

पिछड़े वोट बैंक को लेकर जब देशव्यापी बहस छिड़ी है, तब भाजपा ने यूपी में ओबीसी एजेंडे पर मजबूत कदम बढ़ा दिया है। भाजपा द्वारा घोषित राज्यसभा प्रत्याशियों पर पार्टी के इस एजेंडे की झलक साफ दिखी।

राज्यसभा चुनाव: कौन हैं वो चार चेहरे जिनको भाजपा ने यूपी से दिया टिकट, एक केशव मौर्य तो दूसरा रक्षामंत्री का है करीबी
Dinesh Rathourविशेष संवाददाता,लखनऊ।Sun, 11 Feb 2024 10:43 PM
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पिछड़े वोट बैंक को लेकर जब देशव्यापी बहस छिड़ी है, तब भाजपा ने यूपी में ओबीसी एजेंडे पर मजबूत कदम बढ़ा दिया है। भाजपा द्वारा घोषित राज्यसभा प्रत्याशियों पर पार्टी के इस एजेंडे की झलक साफ दिखी। घोषित सात प्रत्याशियों में से चार ओबीसी कोटे से हैं। दो महिला प्रत्याशी उतारकर पार्टी ने आधी आबादी के अपने कोर वोट बैंक को भी साधा है। जातीय समीकरण के साथ ही क्षेत्रीय संतुलन भी साधने का प्रयास किया गया है। भाजपा का शीर्ष नेतृत्व चौंकाने वाले फैसलों के लिए ही जाना जाता है। एक बार फिर राज्यसभा प्रत्याशियों की घोषणा में पार्टी ने कई नामों को लेकर चौंकाया है।

पार्टी ने जहां कुर्मी वोट बैंक को साधने के लिए पूर्व कांग्रेसी दिग्गज आरपीएन सिंह पर दांव लगाया है। आरपीएन सेंथवार हैं और 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले ही भाजपा में शामिल हुए थे। भाजपा की सूची में दूसरा ओबीसी नाम भाजपा के प्रदेश महामंत्री अमरपाल मौर्य का है। वे उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के बेहद करीबी माने जाते हैं। साथ ही पूर्व प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल और मौजूदा महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह का भी उन्हें आर्शीवाद प्राप्त है।

तीसरा नाम पूर्व मंत्री डा. संगीता बलवंत बिंद का है। गाजीपुर क्षेत्र भाजपा के लिए महत्वपूर्ण है और संगीता 2017 में गाजीपुर सदर क्षेत्र से विधायक चुनी गई थीं। पिछड़ी बिंद जाति से आने वाली संगीता योगी सरकार के पहले कार्यकाल में सहकारिता राज्यमंत्री रही हैं। 2022 का विधानसभा चुनाव वे हार गई थीं। उनके जरिए पूर्वांचल के निषाद मतदाताओं को संदेश देने का प्रयास किया गया है। 
चौथा ओबीसी चेहरा चौधरी तेजवीर सिंह हैं। मथुरा से तीन बार सांसद रहे तेजवीर सिंह का पीसीएफ के चेयरमैन का कार्यकाल भी हाल ही में खत्म हुआ है। उनके जरिए ब्रज क्षेत्र के जाटों को साधने का प्रयास किया गया है।

पिछड़ों के साथ अगड़ों को भी साधा

पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी को ही राज्यसभा के लिए ब्राह्मण चेहरे के रूप में दोबारा टिकट दिया गया है। तेजतर्रार सुधांशु को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह का भी करीबी माना जाता है। चंदौली के मुगलसराय विधानसभा क्षेत्र की पूर्व विधायक साधना सिंह क्षत्रिय समाज से आती हैं। वे 2017 में विधायक बनी थीं। मगर 2022 में उनका टिकट कट गया था। संगठन के बैकग्राउंड से आने वाली साधना की गिनती तेजतर्रार महिला नेत्रियों में होती है जबकि आगरा के पूर्व महापौर और पार्टी के पूर्व प्रदेश कोषाध्यक्ष नवीन जैन के जरिए वैश्य और व्यापारी वर्ग को साधने का प्रयास किया गया है। नवीन जैन पार्टी के पुराने कार्यकर्ता होने के साथ ही पीएनसी नामक नामचीन कंस्ट्रक्शन कंपनी के संचालक भी हैं।

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