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रेलवे का 150 साल पुराना टाइम टेबल बना इतिहास, अब डिजिटल एट ए ग्लांस

वरिष्‍ठ संवाददाता ,गोरखपुर Published By: Ajay Singh
Sat, 24 Jul 2021 12:41 PM
रेलवे का 150 साल पुराना टाइम टेबल बना इतिहास, अब डिजिटल एट ए ग्लांस

रेलवे की 200 पन्ने वाली समय-सारणी अब गुजरे जमाने की बात होगी। इसकी जगह डिजिटल एट ए ग्लांस लेने जा रहा है। ट्रेनों के परिचालन में जो भी संशोधन होंगे उसे डिजिटल एट ए ग्लांस पर अपडेट कर दिया जाएगा। रेलवे ने इसका जिम्मा आईआरसीटीसी को सौंपा है।

 

पूरे देश के ट्रेनों की जानकारी देने वाला रेल टाइम टेबल की उपयोगिता खत्म होने के साथ ही खर्चीला होने की वजह से रेलवे ने इसे न प्रकाशित करने का निर्णय लिया है। यात्रियों को ट्रेनों को लेकर कोई असुविधा न हो इसके लिए आईआरसीटीसी को ट्रेन एट ए ग्लांस में सभी ट्रेनों को शामिल करने को कहा गया है। डिजिटल समय सारिणी में सबकुछ वैसा ही रहेगा जैसा टाइम टेबल में रहता है। डिजिटल रूप में ट्रेनों को समझने में थोड़ी आसानी जरूर होगी।

 

रेलवे के अस्तित्व में आने के समय से ही छपता आ रहा है टाइम टेबल

टाइम टेबल में छपने का इतिहास 10 या 20 साल नहीं बल्कि 150 साल पुराना है। रेलवे के अस्तित्व में आने के समय से ही समय सारिणी छपती आ रही है। शुरुआत में महज 18 पेज से लेकर 200 पेज का तक के टाइम टेबल का सफर बड़ा ही सुहाना रहा है। टाइम टेबल यात्रियों में कितना लोकप्रिय था इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ये छोटे से छोटे स्टेशनों पर भी मिलता था।

 

महज 30 रुपये कीमत

टाइम टेबल खरीदने में यात्रियों की कोई असुविधा न हो इसके लिए रेलवे इसे लागत से भी कम कीमत पर यात्रियों को उपलब्ध कराता था। यह पुस्तक हर स्टेशन के एएच व्हीलर शॉप पर महज 30 रुपये में मिल जाती थी।

एई रेलवे में हर साल 50 हजार से अधिक प्रतियों की थी बिक्री

पुस्तक की लोकप्रियता का अंदाजा ऐसे भी लगा सकते हैं कि एई रेलवे के तीनों मण्डलों में इसकी 50 हजार से ज्यादा प्रतियां बिक जाती थीं।

ट्रेनों के साथ ही किराए और दूरी की भी जानकारी

समय-सारणी में सिर्फ अपने क्षेत्रों के ट्रेनों की जानकारी ही नहीं होती है। इसमें दूसरे क्षेत्रीय रेलों के ट्रेनों के साथ ही राजधानी, शताब्दी जैसे ट्रेनों की जानकारी और किराया तक अंकित रहता है। उसमें बिना टिकट पकड़े जाने पर जुर्माने की राषि भी अंकित रहती है। किसी समस्या में किस नम्बर पर फोन करें, इसकी भी जानकारी उससे मिल जाती है।

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