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पेपर लीक के बहाने राहुल गांधी ने भाजपा सरकार को घेरा, बोले- जितना चिल्लाना है, चिल्ला लो, नहीं मिलेगी नौकरी

राहुल गांधी ने भारत जोड़ो न्याय यात्रा के दौरान कानपुर में युवाओं से कहा कि कहा जितना चिल्लाना हो, चिल्ला लो नौकरी नहीं मिलेगी। यह सरकार सिर्फ नोटबंदी, जीएसटी लागू करती है।

पेपर लीक के बहाने राहुल गांधी ने भाजपा सरकार को घेरा, बोले- जितना चिल्लाना है, चिल्ला लो, नहीं मिलेगी नौकरी
Pawan Kumar Sharmaहिन्दुस्तान,कानपुरWed, 21 Feb 2024 07:45 PM
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राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा लेकर बुधवार को कानपुर पहुंची। यहां उन्होंने कहा कि देश का सबसे क्रांतिकारी कदम जातिगत जनगणना है। इससे दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। जातिगत जनगणना से हम यह पता लगाएंगे दलित, आदिवासी, पिछड़े, अल्पसंख्यकों के हाथ में कितना पैसा है। उन्होंने कहा कि देश में 90 फीसदी लोग इन चार वर्गों से आते हैं। ये अपने खून-पसीने की कमाई से देश का विकास कर रहे हैं। न इनकी मीडिया, उद्योग में भागीदारी है और न पुलिस में है और न्यायिक प्रक्रिया में है। इनसे जिंदगी भर न्याय नहीं मिलेगा। जातीय जनगणना से 90 फीसदी का देश में राज हो जाएगा। अफसोस यह है कि देश में अडाणी और अंबानी जैसे लोगों के पास ही अधिकांश पैसा है। ये सभी नए हिन्दुस्तान के राजा बनकर राज कर रहे हैं। 

मोदी नहीं चाहते ही नहीं नौकरी देना

राहुल गांधी का पूरा संबोधन मोदी और भाजपा सरकार के इर्द-गिर्द रहा। हालांकि उन्होंने एक बार मोदी का नाम लेकर सीधे तौर कहा कि वह नहीं चाहते कि दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यकों के लोगों को नौकरी मिले। उनका विकास हो और ये आगे बढ़ें। जोशीले नारे लगाकर राहुल ने कहा कि भाई, जितना चिल्लाना हो, चिल्ला लो नौकरी नहीं मिलेगी। यह सरकार सिर्फ नोटबंदी, जीएसटी लागू करती है। पेपर लीक, अग्निवीर योजना से सेना में जाने का सपना देखने वालों को वंचित कर दिया गया। सरकारी भर्तियां भी बंद कर दी गईं।

राम मंदिर के बहाने घेरा, राष्ट्रपति को भी जाने नहीं दिया

राहुल गांधी ने कहा कि राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के दौरान मोदी, शाह, अंबानी, अडानी जैसे बड़े लोग पहुंचे लेकिन भूखे, नंगे, दलित, पिछड़े, गरीबों किसी भी साधारण इंसान को नहीं बुलाया गया। आरोप लगाते हुए कहा कि दलित होने के कारण राष्ट्रपति को भी मंदिर में जाने नहीं दिया। 

राहुल का दिखा शायराना अंदाज 

कानपुर में भारत जोड़ो न्याय यात्रा में उमड़ी भारी भीड़ के बीच राहुल गांधी ने कहा कि पिछले साल भारत जोड़ो न्याय यात्रा कन्याकुमारी से कश्मीर तक निकाली थी। उसमें एक संदेश नफरत के बाजार में मोहब्ब्त की सजी दुकान निकलकर आया था। अब इस न्याय यात्रा में वही मोहब्बत और लगाव देखने को मिल रहा है। इस बार भी मोहब्बत का पैगाम लेकर आप लोग आए। इसके लिए आपका आभार।

उन्नाव में न्याय यात्रा लेकर पहुंचे राहुल ने मांगा समर्थन

इससे पहले राहुल गांधी बुधवार को भारत जोड़ो यात्रा लेकर उन्नाव पहुंचे। शहर से लेकर शुक्लागंज तक खुली जीप में चलकर लोगों का अभिवादन किया। कांग्रेसियों ने दर्जनों स्थानों पर उनका स्वागत किया। राहुल गांधी ने अकरमपुर स्थित हकसंस परिसर में कार्यकर्ता शिवम अवस्थी के निर्माणाधीन कार्यालय पर आधे घंटे रुककर चाय पी और कार्यकर्ताओं व शिक्षकों से चर्चा की।

राहुल गांधी ने शिक्षकों से पुरानी पेंशन योजना के बारे में बात की। पूछा कि केंद्र सरकार क्या महंगाई और बेरोजगारी दूर कर पाई है। केंद्र सरकार का क्या गरीबों से कोई सरोकार है। आम लोगों के लिए कुछ अच्छा कर पा रही है। तमाम सवालों पर लोगों के जवाब लिए। राहुल गांधी ने प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के साथ स्थानीय स्तर पर पार्टी की नब्ज टटोली। कार्यकर्ताओं से कहा कि एकजुट होकर पार्टी को मजबूत बनाने में जुट जाएं। कांग्रेस की नीतिया लोगों तक पहुंचाएं, ताकि आने वाले लोक सभा चुनाव में पार्टी मजबूत हो सके।

यहां कांग्रेस नेता सुरेंद्र कुशवाहा की कक्षा छह में पढ़ रही बेटी प्रियंबदा कुशवाहा के साथ राहुल ने फोटो भी खिंचवाई। राहुल गांधी का उन्नाव की सीमा में प्रवेश करते ही कई जगह स्वागत किया गया। शहर में दाखिल होते ही वह हरदोई ब्रिज स्थित शात्री प्रतिमा के पास से खुली जीप में सवार होकर शहर में निकले। उन्होंने कहीं कोई संबोधन नहीं किया। 

रात एक बजे तय हुआ कहां करेंगे चाय पर चर्चा

राहुल गांधी की टीम की ओर से यह तय किया गया कि शहर के बाहर चाय की पर्चा की जाएगी। इसके लिए टीम ने शिवम अवस्थी को निर्देशित किया कि उनके प्लाट पर चाय की व्यवस्था करें। साथ ही यह भी तय किया गया था कि इसकी चर्चा और किसी से नहीं करेंगे। शहर से बाहर निकलने के बाद राहुल गांधी अकरमपुर पहुंचे और वहां चाय पर लोगों से वार्ता की। 

सुरक्षाकर्मियों से संघर्ष कर हांफे कांग्रेसी 

राहुल गांधी की भारत जोड़ न्याय यात्रा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में बनी सोहरामऊ से शहर के रास्ते गंगाघाट तक पहुंचाई गई। इस दौरान स्वागत को लेकर कांग्रेसी बेताब रहे। सोहरामऊ से शुक्लागंज तक राहुल गांधी के स्वागत अभिवादन को पलकें बिछाए रहे। जगह-जगह खड़े कार्यकर्ताओं के पास गाड़ी रुकवाकर राहुल ने कहीं पर हाथ मिलाकर तो कहीं जीप से बैठे-बैठे ही कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात की और उनके तोहफे स्वीकार किया। 

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