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पूर्वांचल के बाहुबलियों में समझौता? धनंजय के खिलाफ हरिवंश सिंह कोर्ट में बयान से पलटे

जौनपुर में ब्लाक प्रमुख अविश्वास प्रस्ताव के दौरान हुए बलवा के मामले में पूर्व सांसद धनंजय सिंह, पूर्वमंत्री ललई, पूर्व सांसद हरिवंश सिंह समेत सभी आरोपी दोषमुक्त हो गए हैं। सभी पक्षद्रोही हो गए।

पूर्वांचल के बाहुबलियों में समझौता? धनंजय के खिलाफ हरिवंश सिंह कोर्ट में बयान से पलटे
Yogesh Yadavहिन्दुस्तान,जौनपुरWed, 10 Jan 2024 03:46 PM
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पूर्वांचल में बाहुबलियों की तीन दशक से भी पुरानी मठाधीशी लगता है अब खत्म हो चुकी है। कभी एक दूसरे को पटखनी देने की जद्दोजहद करते दिखाई देते थे। अब एक दूसरे को राहत देने के लिए कोर्ट में अपने ही उन आरोपों से मुकर रहे हैं जिन्हें खुद ही एफआईआर में लिखवाया था। ऐसा ही मामला जौनपुर में सामने आया है। यहां ब्लाक प्रमुख के अविश्वास प्रस्ताव को लेकर हुए बलवा मामले में पूर्व सांसद धनंजय सिंह औ पूर्वमंत्री ललई, पूर्व सांसद हरिवंश सिंह और उनके विधायक बेटे रमेश ने एक दूसरे गुट के खिलाफ मोर्चा खोला था। अब दोनों पक्ष कोर्ट में अपने ही बयानों से पलट गए हैं। इससे अपर सत्र न्यायाधीश शरद कुमार त्रिपाठी ने पक्षद्रोही घोषित कर दिया। इससे दोनों ही पक्ष मामले में दोषमुक्त हो गया है।

प्रतापगढ़ के पूर्व सांसद कुंवर हरिवंश सिंह ने शैलेंद्र यादव उर्फ ललई, धनंजय सिंह, बृजेश सिंह प्रिंसू समेत 35 के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराई थी। आरोप था कि खुटहन ब्लाक प्रमुख सरजू देवी यादव के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर प्रशासन द्वारा छह नवंबर 2017 को खुटहन ब्लाक के अंदर प्रस्ताव पर चर्चा होनी थी।

हरिवंश सिंह अपनी बहू नीलम के साथ वहां जा रहे थे। खुटहन ब्लॉक के समीप जौकाबाद गांव में धनंजय समेत सभी आरोपितों ने 400 से 500 लोगों के साथ उनकी गाड़ी के सामने आ गए। पूर्व विधायक ललई यादव के ललकारने पर धनंजय सिंह, प्रिंसू व नवीन सिंह ने जान से मारने की नियत से फायरिंग करने लगे। 

उधर, दूसरे पक्ष से राजीव यादव निवासी पिलकिछा ने भी थाने पर हरिवंश पर प्राथमिकी दर्ज कराई। इसमें कहा कि हरिवंश सिंह, रमेश सिंह व पांच अन्य ने जानलेवा हमला किया। बाद में पूर्व सांसद हरिवंश ने कोर्ट में बयान दिया कि पूर्वमंत्री ललई, पूर्व सांसद धनंजय सिंह, बृजेश सिंह प्रिंसू व अन्य ने खुटहन ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के दौरान न तो उन पर जानलेवा हमला किया न लूटपाट की। भीड़ द्वारा ईंट पत्थर चलाया गया। किसी अज्ञात ने एक टाइपशुदा प्रार्थना पत्र मुझे दिया। मैंने हस्ताक्षर बनाकर थाने पर दिया। 

दूसरे पक्ष ने भी कह दिया कि हरिवंश आदि ने न तो जानलेवा हमला किया न गाली व धमकी दी। अन्य गवाह भी घटना से मुकर गए। ऐसे में अपर सत्र न्यायाधीश शरद कुमार त्रिपाठी की अदालत ने मंगलवार को सभी आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया।

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