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Hindi News उत्तर प्रदेशकोरोना संक्रमण की भविष्यवाणी करने वाले प्रो. मणींद्र बने आईआईटी कानपुर के नए निदेशक 

कोरोना संक्रमण की भविष्यवाणी करने वाले प्रो. मणींद्र बने आईआईटी कानपुर के नए निदेशक 

कोविड संक्रमण की भविष्यवाणी कर स्वास्थ्य विभाग को चेतावनी देने संग लोगों को जागरूक करने वाले प्रो. मणींद्र अग्रवाल अब आईआईटी कानपुर के नए निदेशक होंगे।

कोरोना संक्रमण की भविष्यवाणी करने वाले प्रो. मणींद्र बने आईआईटी कानपुर के नए निदेशक 
Dinesh Rathourप्रमुख संवाददाता,कानपुर।Thu, 18 Apr 2024 07:43 PM
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कोविड संक्रमण की भविष्यवाणी कर स्वास्थ्य विभाग को चेतावनी देने संग लोगों को जागरूक करने वाले प्रो. मणींद्र अग्रवाल अब आईआईटी कानपुर के नए निदेशक होंगे। गुरुवार को राष्ट्रपति के निर्देश पर शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से आदेश जारी किया गया है। प्रो. अग्रवाल पांच साल तक निदेशक पद पर कार्यरत रहेंगे। वर्तमान में प्रो. अग्रवाल संस्थान में ही कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में वरिष्ठ प्रोफेसर संग अत्याधुनिक कंप्यूटर लैब सी3आई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर हैं। 

प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने अपनी रिसर्च की मदद से समाज से जुड़ी कई संभावनाओं का समाधान किया है। प्रो. अग्रवाल की विकसित ब्लॉकचेन तकनीक की मदद से क्रिप्टो करेंसी, सरकारी दस्तावेज आदि को छेड़छाड़ या भ्रष्टाचार से सुरक्षित रखा जा सकता है। प्रो. अग्रवाल के गणितीय मॉडल की मदद से आपदा काल में कोविड संक्रमण के उतार व चढ़ाव की भविष्यवाणी की जा रही थी। जिससे शहरों में लॉकडाउन या स्वास्थ्य संबंधित अन्य जरूरी फैसले लिए गए। प्रो. अग्रवाल ने क्लाउड सीडिंग की भी तकनीक विकसित की है। जिसकी मदद से आर्टिफिशियल बारिश कराई जा सकती है। जो प्रदूषण से मुक्ति या किसानों को सूखे से राहत मिल सकती है।

प्रो. अग्रवाल ने एक ऐसा परीक्षण किया, जिसमें प्रारंभिकता के लिए एन-अंकीय संख्या का परीक्षण करने वाला पहला बिना शर्त नियतात्मक एल्गोरिदम है जो एन में बहुपद साबित हुआ है। प्रो. अग्रवाल की देखरेख में साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में 50 से अधिक स्टार्टअप रिसर्च कर रहे हैं। ये स्टार्टअप देश के क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर (जैसे - रिफाइनरी, एयरपोर्ट, पोर्ट, पावर हाउस, वाटर हाउस) को साइबर हमलों से सुरक्षित रखने की तकनीक व डिवाइस विकसित कर रहे हैं। साथ ही, स्वास्थ्य, डिफेंस, कृषि आदि क्षेत्र में भी साइबर सुरक्षा को लेकर स्टार्टअप विकसित हो रहे हैं। प्रो. अग्रवाल आईआईटी कानपुर के 2017 से 2021 तक उप निदेशक भी रहे हैं। 

इन पुरस्कार से हो चुके हैं सम्मानित

  • 2002 - क्ले रिसर्च अवार्ड
  • 2003 - गणितीय विज्ञान में एसएस भटनागर पुरस्कार
  • 2003 - आईसीटीपी पुरस्कार
  • 2006 - फुलकर्सन पुरस्कार
  • 2006 - गोडेल पुरस्कार
  • 2008 - इंफोसिस पुरस्कार
  • 2009 - वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए जीडी बिड़ला पुरस्कार
  • 2010 - गणित में टीडब्ल्यूएएस पुरस्कार
  • 2013 - पदमश्री 
  • 2017 - गोयल पुरस्कार