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रामलला के लिए उपहारों का सिलसिला जारी, सात समंदर पार से भेजा सोने का सिंहासन और स्‍वर्ण वाहन

Ayodhya Ram Mandir: सात समंदर पार अमेरिका से भी प्रभु रामलला के लिए विशेष उपहार भेजा गया है। इसमें सोने से बने अलग-अलग कई वाहन भेजे गए हैं। गज वाहन से लेकर गरुड़ वाहन तक शामिल हैं।

रामलला के लिए उपहारों का सिलसिला जारी, सात समंदर पार से भेजा सोने का सिंहासन और स्‍वर्ण वाहन
Ajay Singhहिन्‍दुस्‍तान,अयोध्याSat, 03 Feb 2024 10:35 AM
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Ayodhya Ram Mandir: रामलला की प्राण प्रतिष्ठा शुरू होने के पहले से ही देश-विदेश से यहां उपहारों को भेजने का सिलसिला जारी है। हर रोज रामलला का दर्शन करने आ रहे लाखों श्रद्धालु भी अपनी श्रद्धा से अलग-अलग वस्तुओं और द्रव्यों की भेंट दे रहे है। इसी कड़ी में सात समंदर पार अमेरिका से भी प्रभु रामलला के लिए विशेष उपहार भेजा गया है। इसमें सोने से बने अलग-अलग कई वाहन भेजे गए हैं। इसमें गज वाहन से लेकर गरुड़ वाहन तक शामिल हैं। रामलला का स्वर्ण सिंहासन भी भेजा गया है। इसके साथ कल्पवृक्ष का स्वर्ण माडल भेजा है। यह सभी उपहार एनआरआई एसोसिएशन शिकागो, यूएसए ने भेजा है।

तेलुगू भाषियों के इस संगठन के श्रद्धालुओं से सम्पर्क नहीं हो सका। फिलहाल श्रीरामजन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र न्यासी डा. अनिल मिश्र का कहना है कि रामलला के प्रति श्रद्धा रखने वाले श्रद्धालुओं की ओर से अनेक उपहार भेजे जा रहे हैं लेकिन स्वर्ण वाहन का उपहार अभी तक तीर्थ क्षेत्र को नहीं प्राप्त हुआ है। दूसरी ओर भगवान राम को भगवान विष्णु का अवतार माना गया है। इसके कारण भगवान विष्णु के वाहन गरुण समेत शेष वाहन, गज व सिंह वाहन भेजा गया है और इसके अलावा स्वर्ण सिंहासन व कल्पवृक्ष का माडल भी इस उपहार में शामिल हैं। दक्षिण भारतीय परम्परा में भगवान की शोभायात्रा इसी प्रकार के अलग-अलग वाहनों से निकाली जाती है। अयोध्या के ऋणमोचन घाट मोहल्ले में स्थित तमिलनाडु के अम्माजी मंदिर में इसी प्रकार के वाहनों से यात्रा निकाली जाती है। यहां रामनवमी के पर्व पर पांच दिवसीय ब्रह्मोत्सव का आयोजन होता है जिसमें हर दिन वाहनों की शोभायात्रा निकलती है।

नृपेन्द्र मिश्र ने किया राम मंदिर परिसर का निरीक्षण
राम मंदिर के चरण के निर्माण कार्य को दोबारा शुरू कराने से पहले शुक्रवार को मंदिर निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेन्द्र मिश्र अयोध्या पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले श्रीरामजन्म भूमि में रामलला का दर्शन किया और फिर परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय व न्यासी डा. अनिल मिश्र, मंदिर निर्माण प्रभारी गोपाल राव के अलावा एलएण्डटी व टीईसी के अधिकारियों के साथ सलाह-मशवरा भी किया। वह यहां अपराह्न करीब डेढ़ बजे पहुंचे और फिर तीन बजे हनुमानगढ़ी दर्शन कर वापस सर्किट हाउस लौट गये। तीर्थ क्षेत्र के न्यासी डा अनिल मिश्र ने बताया कि समिति दो दिवसीय बैठक शनिवार से होगी। यह बैठक भी श्रीरामजन्म भूमि परिसर में ही होगी।

भोपाल से आई राम रजाई यात्रा, रामलला को भेंट की रजाई
भोपाल के महामाई का मंदिर पुष्पा नगर से निकली श्रीराम रजाई रथयात्रा गाजे-बजे के साथ भगवान की धुन में नाचते गाते सभी भक्तों राम जन्मभूमि परिसर पहुंचे। इस यात्रा में लगभग 100 से अधिक लोग शामिल रहे। इस यात्रा के साथ आए संदीप सोनी ने बताया कि भगवान श्री राम लला के लिए लाई गई रजाई चार फुट चौड़ी और छह फुट लंबी है। इसके साथ गद्दा व एक तकिया भी है। इस यात्रा में मुख्य रूप से डा. रवीन्द्र कुमार नेमा, मुकुल सिकरवार, मनोज कटारे, विनोद सोनी, पूरन कुशवाहा, नंदू यादव, हरिओम श्रीवास्तव, अजय लश्करी सहित अन्य लोग शामिल रहे।

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