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Hindi News उत्तर प्रदेशकिसने भेजा है ये सवाल; हिन्दू आबादी घटने की रिपोर्ट पर प्रियंका गांधी ने ही प्रश्न पूछ लिया

किसने भेजा है ये सवाल; हिन्दू आबादी घटने की रिपोर्ट पर प्रियंका गांधी ने ही प्रश्न पूछ लिया

हिन्दू-मुस्लिम आबादी को लेकर आई एक रिपोर्ट को लेकर जब प्रियंका गांधी से सवाल पूछा गया तो उन्होंने पत्रकार को ही घेर लिया। कहा ऑफिस से सवाल आया? उससे कहा कि ऑफिस से पूछो किसने यह सवाल भेजा है।

किसने भेजा है ये सवाल; हिन्दू आबादी घटने की रिपोर्ट पर प्रियंका गांधी ने ही प्रश्न पूछ लिया
Yogesh Yadavलाइव हिन्दुस्तान,रायबरेलीThu, 09 May 2024 04:03 PM
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अमेठी और रायबरेली में चुनाव प्रचार की कमान खुद अपने हाथ में ले चुकीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी लगातार नुक्कड़ सभाओं और रोड-शो से माहौल बनाने की कोशिश कर रही हैं। यहां तक कि बिना माइक भी उनका भाषण वायरल हो रहा है। इस बीच बुधवार को हिन्दू-मुस्लिम आबादी को लेकर आई एक रिपोर्ट को लेकर जब प्रियंका गांधी से सवाल पूछा गया तो उन्होंने पत्रकार को ही घेर लिया। उल्टे पत्रकार से पूछ लिया कि यह सवाल कहां से आया है। ऑफिस से आया है न? ऑफिस से पूछो उनके पास कहां से सवाल आया। पत्रकार से कहा 'ऑफिस से बोलो प्रियंका गांधी पूछ रही हैं यह सवाल कहां से आया।' प्रियंका गांधी का सीधा इशारा भाजपा की तरफ था।

भाजपा पर चुनाव को हिन्दू-मुसलमान बनाने की कोशिश करने का आरोप प्रियंका गांधी लगातार लगा रही हैं। इंडिया गठबंधन के अन्य नेताओं ने भी आबादी को लेकर आई रिपोर्ट को भाजपा की साजिश करार दिया है। उनका कहना है कि जब गणना हुई ही नहीं तो कैसे पता चला कि किसकी आबादी घट गई और किसकी बढ़ गई है। 

गुरुवार को अखबारों में एक स्टडी छपी है। इसमें बताया गया भारत में हिंदू घट गए और मुसलमानों की आबादी में इजाफा हुआ है। इस रिपोर्ट को प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद की साइट पर भी उपलब्ध कराया गया है। इसी को लेकर पत्रकार ने प्रियंका गांधी से सवाल पूछा था। प्रियंका गांधी ने पहले बड़े ध्यान से पत्रकार का पूरा सवाल सुना। फिर मुस्कुराते हुए पत्रकार से पूछा यह सवाल आपके पास कहां से आया, ऑफिस की तरफ से न? ऑफिस से पूछो प्रियंका जी पूछ रही किसने उन्हें सवाल भेजा है।

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वहीं, कांग्रेस के सत्ता में आने पर अयोध्या के राम मंदिर में बाबरी ताला लगा दिये जाने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आरोप को सरासर झूठ करार देते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि उनकी पार्टी कई बार कह चुकी है कि वह अदालत के फैसले का सम्मान करती है। हमने (अतीत में) ऐसा किया है और भविष्य में भी ऐसा ही करेंगे।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को मध्य प्रदेश के धार में कहा था कि वह चाहते हैं कि भाजपा के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन मौजूदा लोकसभा चुनाव में 400 सीटें जीते ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कांग्रेस कश्मीर में अनुच्छेद 370 वापस नहीं लाये और अयोध्या में राम मंदिर पर बाबरी ताला ना लगाये>केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी बुधवार को उत्तर प्रदेश में अपनी रैलियों में बाबरी ताले की बात कही थी।

कांग्रेस पर उद्योगपति गौतम अडाणी और मुकेश अंबानी के साथ साठगांठ के प्रधानमंत्री के आरोप पर प्रियंका ने कहा, देखिए, ऐसा लगता है कि मोदी जी को भी नाम लेने के लिए मजबूर किया गया है। वह जो कह रहे हैं कि राहुल जी ने उनका (अडाणी और अंबानी) नाम लेना बंद कर दिया है, यह बिल्कुल गलत है। राहुल जी रोज-रोज तो नाम ले रहे हैं।

मोदी ने बुधवार को हैदराबाद के वेमुलावाड़ा में एक चुनावी रैली में कहा था, ''आपने देखा होगा कि कांग्रेस के शहजादे (राहुल गांधी की ओर इशारा करते हुए) पिछले पांच साल से सुबह उठते ही माला जपना शुरु करते थे। लेकिन जब से उनका राफेल वाला मामला ग्राउंडड हो गया तब से एक नई माला जपना शुरु किया। पांच साल से एक ही माला जपते थे। पांच उद्योगपति... फिर धीरे-धीरे कहने लगे... अंबानी, अडाणी... पांच साल से... लेकिन जब से चुनाव घोषित हुआ है इन्होंने अंबानी अडाणी को गाली देना बंद कर दिया।''

उन्होंने कहा, ''जरा ये शहजादे घोषित करें कि इस चुनाव में अंबानी अडाणी से कितना माल उठाया है? काले धन के कितने बोरे भर के रुपये मारे हैं? क्या टेम्पो भर के नोट कांग्रेस के लिए पहुंचे हैं क्या? क्या सौदा हुआ है कि आपने रातों-रात अंबानी, अडाणी को गाली देना बंद कर दिया? जरूर दाल में कुछ काला है।'' कांग्रेस मोदी सरकार पर हमला करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी पर व्यवसायी गौतम अडानी और मुकेश अंबानी सहित देश के शीर्ष पांच उद्योगपतियों का पक्ष लेने का आरोप लगाती रही है।

कांग्रेस के चुनाव घोषणापत्र को लेकर प्रधानमंत्री मोदी की टिप्पणियों पर प्रियंका ने कहा कि उन्हें मेरी सलाह है। हालांकि वह प्रधानमंत्री हैं, वह मुझसे बड़े हैं...लेकिन मेरी सलाह है कि उन्हें पहले (कांग्रेस का) घोषणापत्र पढ़ना चाहिए और फिर उस पर टिप्पणी करनी चाहिए। उन्होंने पढ़ा नहीं है। जो उनके मन में आता है, कह देते हैं कि इसमें ये लिखा है। ये सारी चीजें जो वह बोल रहे हैं, वो (घोषणापत्र में) लिखी ही नहीं हैं।