DA Image
Sunday, December 5, 2021
हमें फॉलो करें :

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

हिंदी न्यूज़ उत्तर प्रदेशइन प्राइमरी स्‍कूलों के बच्‍चों को 5 महीने बाद भी नहीं मिली किताबें, कैसे हो पढ़ाई

इन प्राइमरी स्‍कूलों के बच्‍चों को 5 महीने बाद भी नहीं मिली किताबें, कैसे हो पढ़ाई

हिन्‍दुस्‍तान टीम ,गोंडा Ajay Singh
Thu, 28 Oct 2021 05:13 PM
इन प्राइमरी स्‍कूलों के बच्‍चों को 5 महीने बाद भी नहीं मिली किताबें, कैसे हो पढ़ाई

केस 1- प्राथमिक विद्यालय चंदापुर प्रथम में कक्षा तीन की छात्रा श्रृद्धा पाण्डेय के पास अभी तक किताबें नहीं मिली हैं। ऐसे में पढ़ाई कर पाना मुश्किल है। उनके पास मोबाइल भी नहीं हैं, जिससे वह पढ़ाई कर सकें।

केस 2- कक्षा चार की छात्रा कुसुम के पास भी किताबें नहीं हैं। उनको पढ़ाई में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। कुसुम की पढ़ाई बाधित हो रही है। ये दो नाम महज बानगी भर हैं। यहां एक दर्जन से अधिक विद्यालयों में किताबें नहीं पहुंची है।

शैक्षिक सत्र के पांच माह बाद भी गोंडा के प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों तक किताबें नहीं पहुंची हैं। इस समय लगभग आधा कोर्स पूरा हो जाना चाहिए था, लेकिन अभी तो किताबों का इंतजार ही चल रहा है। ऐसे में जब तक किताबें आएंगी, वितरित होंगी तब तक तो और भी समय गुजर चुका होगा। स्कूलों में पाठशाला भी रही है, लेकिन किताबों की कमी अखर रही है। ऐसे में उस आदेश पर भी सवाल उठ रहे हैं, जिसमें शैक्षिक सत्र शुरू होते ही किताबें उपलब्ध कराने के लिए कहा गया था।

अध्यापक शिव नरायन पाठक बताते हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकांश बच्चों के पास स्मार्ट फोन नहीं हैं। ऐसे में आनलाइन पढ़ाई में भी मुश्किल है। अगर बच्चों के पास किताबें होती तो घर के बड़े पढ़ा सकते थे। वहीं अभिभावक रमेश का कहना है कि हमारे पास मोबाइल नहीं है। किताबें होती तो बेटी घर पर ही पढ़ लेती। स्कूल में किताब पता किया तो जानकारी मिली अभी आई नहीं हैं। जब आ जाएंगी तो बताया जाएगा।बीईओ मुकेश नारायण मिश्र कहते हैं कि शिक्षकों से बच्चों को स्कूल पढ़ाने के लिए कहा गया है। इसके अलावा दूरदर्शन, रेडियो पर प्रसारित कार्यक्रमों के माध्यम से भी पढ़ने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। पुस्तकें आते ही वितरण करा दिया जाएगा।

सब्सक्राइब करें हिन्दुस्तान का डेली न्यूज़लेटर

संबंधित खबरें