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अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के तीन अन्य करीबियों को दबोचने की है तैयारी

Dawood Ibrahim

अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के शार्प शूटर राशिद मालबारी की अबुधाबी से गिरफ्तारी के बाद भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की नजर अब छोटा शकील, जावेद चौटानी और फहीम मचमच पर है। दाऊद के बाद इन तीनों के पास ही डी कंपनी की तकरीबन पूरी कमान है। इसी कारण सुरक्षा एजेंसियां दाऊद के पहले इन्हें ही दबोचने की तैयारी में हैं।  

खुफिया सूत्रों के मुताबिक, भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने अंडरवर्ल्ड के इन तीनों बड़े गुर्गों की मूवमेंट और डिटेल भी उन देशों की संबंधित एजेंसियों को मुहैया कराई हैं, जहां इनकी आवाजाही सबसे ज्यादा होने की सूचना है। भारतीय केंद्रीय खुफिया इकाइयों की सूचना के मुताबिक, मध्य पूर्व के देशों जैसे दुबई, सऊदी, अबुधाबी और यूएई के कुछ इलाकों में अंडरवर्ल्ड इन तीनों बदमाशों गतिविधियां ज्यादा है। इन्होंने इन देशों के कुछ इलाकों में अपना नेटवर्क फैला रखा है, ताकि किसी खास बैठक या किसी गु्र्गे को निर्देश देने के लिए वहां बुलाया जा सके।

सूत्रों की मानें तो दाऊद ने डी कंपनी अलग-अलग काले कारोबार की कमान छोटा शकील, जावेद चौटानी और फहीम मचमच सौंप रखी है। ऐसे में भारतीय एजेंसियां पहले इन तीनों को अपनी गिरफ्त लेना चाहती हैं, ताकि दाऊद के काले कारोबार की पूरी तरह से कमर तोड़ दी जाए। 

मैच फिक्सिंग की जांच के दौरान नाम सामने आया : 

जावेद चौटानी का नाम दिल्ली पुलिस की जांच में तब सामने आया था, जब वह मैच फिक्सिंग और सट्टे के नेटवर्क को खंगाल रही थी। तभी से पुलिस को उसकी तलाश है। वहीं, फहीम मचमच के बारे में यह सूचना मिली थी कि वह अंडरवर्ल्ड का बेस तैयार करना चाहता है। इसके लिए उसने मुंबई के अलावा उत्तर भारत कई इलाकों खासतौर से दिलली-एनसीआर में अपने गुर्गों को एक्टिव करने का प्रयास किया। मगर, उसके गुर्गों को एजेंसियों ने हर बार दबोच लिया। इन खुलासों के बाद से ही भारतीय एजेंसियां इनके पीछे जुटी हुई हैं। 

राशिद पर हत्या और रंगदारी के कई मामले दर्ज : 
सूत्रों की मानें तो अंडरवर्ल्ड के नेपाल का सारा काम राशिद मालबारी ही देखता था। उस पर हत्या और रंगदारी के कई मामले दर्ज हैं। मंगलूरु कोर्ट में बेल जंप होने के बाद जब ये फरारा हुआ था, तब पुलिस ने इसके खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया था। इसके खिलाफ रेड कार्नर नोटिस भी जारी हो चुका था। यह बैंकाक में वर्ष 2000 में छोटा राजन पर हुए हमले में शामिल था। उस हमले में छोटा राजन को गोली लगी थी, लेकिन वह फरार हो गया था। हालांकि, छोटा राजन का करीबी रोहित वर्मा हमले में मारा गया था। इसने छोटा राजन पर हमले करने के अलावा शकील के कहने पर क्वालालम्पुर में छोटा राजन के करीबी की हत्या भी की थी। 

डी कंपनी का भारत में सबसे बड़ा गुर्गा :
राशिद के बारे में एजेंसियों का मानना है कि वह भारत में डी कंपनी का सबसे बड़ा गुर्गा था। भारत से फरार होने के बाद भी वह डी कंपनी की तमाम गतिविधियों को बाहर से ही संचालित करता था। हालांकि, पिछले कुछ समय में दाऊद के कई करीबी गिरफ्तार हो चुके हैं। इनमें फारूक टकला का नाम भी प्रमुख है।  टकला  को दुबई से गिरफ्तार किया गया था। वह पाक खुफिया इकाई आईएसआई के संपर्क में भी था। 

टकला ने संयुक्त अरब अमीरात में नेटवर्क बनाया :
एजेंसियों का मानना है कि फारूक टकला ने दुबई से गिरफ्तार होने से पहले संयुक्त अरब अमीरात में नेटवर्क मजबूत कर वहां से अंडरवर्ल्ड की एक इकाई का संचालन कर रहा था। टकला दुबई में दाऊद के अवैध कारोबार की देखरेख भी करता था। वर्ष 1993 में मुंबई में हुए धमाकों के बाद से ही टकला फरार चल रहा था।  वह दाऊद के इशारे पर संयुक्त अरब अमीरात में डी कंपनी से जुड़ने वालों को हर तरह की मदद मुहैया कराता था। 

1. छोटा शकील : यह अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के बाद डी कंपनी का नंबर दो है। इसकी नजर दाऊद के तकरीबन सभी काले कारोबार पर होती है। 
2. जावेद चौटानी : यह मैच फिक्सिंग और सट्टे के कारोबार की कमान संभालता है। 
3. फहीम मचमच : यह भारत सहित उन देशों में जहां-जहां भी डी कंपनी का काला कारोबार चलता है, वहां के लिए गुर्गों की भर्ती और हथियार से लेकर रकम मुहैया कराने का काम करता है। 

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  • Web Title:Preparing to raid three other underworld don Dawood Ibrahim