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हिंदी न्यूज़ उत्तर प्रदेशप्रयागराज में हजारों लोगों को बड़ी राहत, अब बिल जारी होने की तारीख से होगी बढ़े गृहकर की वसूली 

प्रयागराज में हजारों लोगों को बड़ी राहत, अब बिल जारी होने की तारीख से होगी बढ़े गृहकर की वसूली 

प्रयागराज के हजारों भवनस्वामियों को भवनों के परिवर्तन और परिवर्धन के आधार पर बढ़े गृहकर का बिल जारी होने की तिथि से वसूली होगी। नगर निगम सदन में पुनरीक्षित बजट पर चर्चा के दौरान यह निर्णय लिया गया।

प्रयागराज में हजारों लोगों को बड़ी राहत, अब बिल जारी होने की तारीख से होगी बढ़े गृहकर की वसूली 
Ajay Singhप्रमुख संवाददाता,प्रयागराजMon, 05 Dec 2022 03:43 PM

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प्रयागराज के हजारों भवनस्वामियों को भवनों के परिवर्तन और परिवर्धन के आधार पर बढ़े गृहकर का बिल जारी होने की तिथि से वसूली होगी। नगर निगम सदन में पुनरीक्षित बजट पर चर्चा के दौरान यह निर्णय लिया गया। सदन के इस निर्णय से भवनस्वामियों को बड़ी राहत मिली है। अब अप्रैल 2022 से बढ़ा गृहकर नहीं देना होगा।

शहर के 90 हजार से अधिक भवनों के बढे गृहकर का मामला कमलेश सिंह ने सदन में उठाया। कमलेश ने यह भी पूछा कि उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के बयान के अनुसार बढ़ा गृहकर वापस लेने का कोई शासनादेश आया है कि नहीं। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी पीके द्विवेदी ने बताया कि गृहकर वापस लेने का शासनादेश नहीं आया। इसके बाद बढ़े गृहकर पर चर्चा शुरू हुई।

लंबी बहस सुनने के बाद अध्यक्ष अभिलाषा गुप्ता नंदी ने नगर निगम अधिनियम 213 का हवाला देते हुए कहा कि पहले आपत्तियों का निस्तारण करना होगा। आपत्ति निस्तारण के बाद जब बिल जारी होगा, तभी से गृहकर की वसूली होगी। अभी तक नगर निगम बढ़े गृहकर की नोटिस भवनस्वामियों को भेजकर आपत्ति मांग रहा था। बढ़ा गृहकर अप्रैल 2022 से वसूलने की तैयारी थी। सदन की बैठक के बाद मुख्य कर निर्धारण अधिकारी ने बताया कि बढ़े गृहकर पर नोटिस भेजने का काम रोका गया है। अब निकाय चुनाव के बाद नोटिस भेजने पर निर्णय लिया जाएगा। अध्यक्ष ने कहा कि नगर निगम अधिनियम के अनुसार बकाया या एरियर नहीं वसूल सकता।

200 मीट्रिक टन कूड़े से बनेगी छह टन सीएनजी प्रयागराज। जहांगीराबाद में नगर निगम की जमीन पर प्रस्तावित प्लांट में 200 मीट्रिक टन कूड़े से छह टन सीएनजी बनेगी। पीपीपी मॉडल पर प्राइवेट कंपनी को 10 एकड़ जमीन देने का प्रस्ताव सदन ने पास कर दिया। नगर निगम के पर्यावरण अभियंता ने बताया कि प्लांट के निर्माण पर 80 करोड़ रुपये प्राइवेट कंपनी खर्च करेगी। इससे सालाना कूड़ा निस्तारण में खर्च होने वाला नगर निगम का एक करोड़ 53 लाख रुपये बचेगा। प्राइवेट कंपनी सीएनजी बेचने के बाद नगर निगम सालाना 56 लाख रुपये देगी।

अन्नपूर्णा भोजनालय का लोकार्पण आठ को

पांच साल इंतजार के बाद अब अन्नपूर्णा कैंटीन अब शुरू होने जा रही है। महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी आठ दिसंबर को सस्ती कैंटीन का उद्घाटन करेंगी। कैंटीन में 10 रुपये में भोजन और पांच रुपये में नाश्ता मिलेगा। रविवार को पुनरीक्षित बजट सदन की बैठक में इसकी घोषणा की गई। महापौर ने बताया कि कैंटीन चलाने के लिए आधा दर्जन स्वयं सेवी संस्थाएं तैयार हैं। जो सबसे अच्छा होगा, उसीको कैंटीन संचालन की जिम्मेदारी दी जाएगी। एजेंसी की व्यवस्था पर 60 दिन तक निगरानी होगी। कैंटीन की सेवा अच्छी नहीं होने पर एजेंसी से संचालन का अधिकार छीना जा सकता है।

-नगर निगम के कर्मचारियों की मृत्यु पर अंतिम संस्कार के लिए 5000 हजार और परिवार को 20 हजार की आर्थिक मदद मिलेगी।
-नगर निगम के सफाईकर्मियों को नए सर्किल रेट पर हैजा अस्पताल व अन्य स्थानों मिलेगा भूखंड।
-खराब स्ट्रीट लाइट की जांच के लिए अधिकारियों की तीन सदस्यीय कमेटी बनी।
-इंडोर स्टेडियम के लिए मेयोहाल के पास जमीन देने की स्वीकृति।
-आउटसोर्स कर्मचारियों के ईएसआई की सुविधा देना।
-30 वर्ग गज भूखंड पर 15 वर्ग गज वाले भवनों को गृहकर से मुक्त रखने पर जांच।