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प्रयागराज में राहत, 10 दिनों में लगभग आधी हुई कोरोना संक्रमण की दर

अभिषेक मिश्र, प्रयागराजShivendra Singh
Mon, 03 May 2021 06:21 AM
प्रयागराज में राहत, 10 दिनों में लगभग आधी हुई कोरोना संक्रमण की दर

प्रयागराजवासियों के लिए अच्छी खबर है। संक्रमण की दर धीरे-धीरे कम हो रही है। पिछले दस दिनों में देखा जाए तो संक्रमण की दर लगभग आधी हो गई है। पिछले सात दिनों से दो हजार से कम संक्रमित मिल रहे हैं। चार दिनों से संक्रमितों की संख्या 1500 से भी कम हो गई है। लेकिन चिंताजनक यह है कि मौतों की संख्या अभी कम नहीं हो रही है। पिछले चार दिनों से सरकारी रिकार्ड में ही 20 से ज्यादा मौतें दर्ज की जा रही हैं।

पिछले दस दिनों यानी 22 अप्रैल से एक मई की बात करें तो 22 अप्रैल को संक्रमण की दर 15.79 यानी 16 प्रतिशत थी। एक मई को संक्रमण की दर घटकर 8.58 यानी नौ प्रतिशत हो गई है। पिछले दस दिनों में कुल 130289 नमूनों की जांच की गई। स्पष्ट है कि औसतन हर रोज 13028 नमूनों की जांच की गई। इस औसत पर संक्रमण की दर का आंकलन करें तो 22 अप्रैल को संक्रमण की दर 16.54 यानी 17 प्रतिशत थी, जो एक मई को घटकर 8.78 यानी नौ प्रतिशत हो गई है।

शहरियों की समझदारी से बदली स्थिति
संक्रमण की दर में आई कमी का श्रेय काफी हद तक प्रयागराज के लोगों को ही जाता है। यातायात विभाग के आंकड़े इस बात का गवाह हैं कि शहर में ट्रैफिक लोड कम हो गया है। लॉकडाउन वाले तीन दिनों के अलावा बाकी दिनों में भी शहरी बेवजह घर से बाहर निकलने से परहेज करने लगे हैं। शहर में टेंपो सहित अन्य वाहनों का संचालन 70 प्रतिशत तक कम हुआ है। दुकानों पर सोशल डिस्टेंसिंग भी दिखने लगी है। पहले की तुलना में इस मामले में शहरी जागरूक हुए हैं। लोग दुकान पर दूरी बनाकर खड़े तो होते ही हैं प्लास्टिक कोटेड शीट के पीछे अपनी बारी का इंतजार भी करते हैं। मास्क के प्रति जागरूकता भी बढ़ी है। इसे लगाने वालों की संख्या में इजाफा हुआ है। यह बात अलग है कि अभी काफी संख्या में लोग इसे गलत तरीके से लगा रहे हैं।

तो मृत्यु दर भी हो जाएगी कम
प्रयागराजवासियों ने इसी सूझबूझ का परिचय आगे भी दिया तो महामारी पर काबू पाने में काफी हद तक मदद मिलेगी। इससे संक्रमण की दर और भी तेजी से नीचे आएगी। संक्रमित होने वाले कम होंगे तो शहर के अस्पतालों पर लोड कम होगा। लिहाजा वहां भर्ती होने वाले गंभीर संक्रमितों का इलाज और भी बेहतर ढंग से हो सकेगा। इससे कोरोना संक्रमितों की मृत्यु दर में भी कमी आएगी। अस्पताल में वार्ड का माहौल देखकर भी कई संक्रमितों की हालत बिगड़ जा रही है।

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