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हिंदी न्यूज़ उत्तर प्रदेशआधे घंटे में शरीर में छिपे कैंसर का चल जाएगा पता, कानपुर मेडिकल कॉलेज को मिली इस तकनीक के इस्‍तेमाल की इजाजत

आधे घंटे में शरीर में छिपे कैंसर का चल जाएगा पता, कानपुर मेडिकल कॉलेज को मिली इस तकनीक के इस्‍तेमाल की इजाजत

अब आधे घंटे के भीतर शरीर में छिपे कैंसर का पता चल जाएगा। इसके लिए पाजिट्रान एमिशन टोमोग्राफी का प्रयोग किया जाएगा। शासन ने जीएसवीएम मेडिकल कालेज को इसे लगाने और इससे मरीजों की जांच की इजाजत दे दी है।

आधे घंटे में शरीर में छिपे कैंसर का चल जाएगा पता, कानपुर मेडिकल कॉलेज को मिली इस तकनीक के इस्‍तेमाल की इजाजत
Ajay Singhप्रमुख संवाददाता,कानपुरThu, 27 Oct 2022 05:34 AM

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अब आधे घंटे के भीतर शरीर में छिपे कैंसर का पता चल जाएगा। इसके लिए पाजिट्रान एमिशन टोमोग्राफी का प्रयोग किया जाएगा। शासन ने जीएसवीएम मेडिकल कालेज को इसे लगाने की अनुमति दे दी है। इसके साथ ही शरीर में किस अंग में कैंसर की कोशिकाएं विकसित हो रही हैं, उसकी जानकारी डॉक्टरों को इसके जरिए हो जाएगी।

शुरुआत में कैंसर का पता लगने से मरीजों का इलाज जल्द शुरू कर उनकी जान बचाना आसान हो जाएगा। शासन ने मेडिकल कॉलेज में मॉर्डन पैट स्कैन (पाजिट्रान एमिशन टोमोग्राफी) मशीन लगाने के लिए प्रस्ताव मांग लिया है। अभी तक यह मशीन राजकीय मेडिकल कॉलेजों में नहीं लगी है।

सिर्फ एसजीपीजीआई में यह सुविधा उपलब्ध है। कानपुर में अभी तक जेके कैंसर संस्थान के विशेषज्ञ अलग-अलग अंगों में कैंसर का पता लगाने के लिए एमआरआई और सीटी स्कैन से जांच कराते हैं, फिर उसी रिपोर्ट के आधार पर इलाज शुरू किया जाता है। डीजीएमई ने कॉलेज प्रशासन से प्रोजेक्ट मांग लिया है। 

किस तरह होती है जांच 
पाजिट्रान एमिशन टोमोग्राफी की मदद से कोशिकाओं में होने वाले परिवर्तनों को आसानी से पहचाना जा सकता है। जांच से पहले मरीज को विशेष प्रकार के ग्लूकोज के साथ रेडियो आइसोटोप का इंजेक्शन दिया जाता हैं, जो सिर्फ कैंसर कोशिकाओं में पहुंचता है। इन कोशिकाओं से पाजिट्रान निकलते हैं, जिसे मशीन के रेडियो एक्टिव आइसोटोप पकड़ लेते हैं।

तस्वीर स्पष्ट होने से पता चल जाता है कि किस अंग से कैंसर की कोशिकाओं के सिग्नल आ रहे हैं। इसकी मदद से प्रारंभिक अवस्था में कैंसर का पता लग जाता है। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. संजय काला के अनुसार पाजिट्रान एमिशन टोमोग्राफी के लिए प्रोजेक्ट तैयार किया है। शासन से मंजूरी मिल गई है।