DA Image
हिंदी न्यूज़ › उत्तर प्रदेश › विकास के लिए सकारात्मक सोच चाहिए जो केंद्र और राज्य की सरकारें कर रही है : योगी आदित्यनाथ
उत्तर प्रदेश

विकास के लिए सकारात्मक सोच चाहिए जो केंद्र और राज्य की सरकारें कर रही है : योगी आदित्यनाथ

मुख्य संवाददाता, गोरखपुरPublished By: Shivendra Singh
Thu, 23 Sep 2021 07:48 PM
विकास के लिए सकारात्मक सोच चाहिए जो केंद्र और राज्य की सरकारें कर रही है : योगी आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विकास के लिए सकारात्मक सोच चाहिए। जहां सकारात्मकता नहीं, वहां विकास भी नहीं। यह सोच संस्कार से जुड़ कर पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ती है। इसी सोच को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गांव, किसान, महिला, नौजवान, गरीब सब के कल्याण के लिए अपने वास्तविक एजेंडे को जोड़ अनेक जन कल्याणकारी कार्यक्रम शुरू किए। आज केंद्र एवं राज्य में राष्ट्रीय मूल्यों की सरकार है, इसी सकारात्मक सोच के साथ काम कर रही है। 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, गुरुवार को महंत दिग्विजयनाथ पार्क में युग पुरूष ब्रहम्लीन गोरक्षपीठाधीश्वर महंत दिग्विजयनाथ की प्रतिमा का अनावरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उनके साथ कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारत सरकार के शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान भी मंच पर उपस्थित रहे। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री उज्जवला योजना ने देश में ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में एक नई क्रान्ति पैदा की।

केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के पेट्रोलियम मंत्री के रूप में कार्यकाल का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने कहा कि उन्होंने सीएसआर योजना के माध्यम से रसोई गैस देने की योजना की शुरूआत गोरखपुर से की। बताया कि कैम्प लगा कर गोरखपुर में तकरीबन एक लाख से अधिक कनेक्शन वितरित किए। बाद यह योजना 2016 में देश में स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में नई क्रांति करते हुए उज्ज्वला योजना के रुप में आई जिसकी शुरूआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूपी से की। अब उज्ज्वला योजना के दूसरे चरण भी शुरू हो चुका है। बिना भेदभाव हर गरीब को योजनाओं से लाभान्वित किया जा रहा है।

सीएम योगी ने कहा कि भारत के हर जरूरतमंद नागरिक को सुविधा का लाभ मिलना ही चाहिए यही सबका साथ सबका विकास है। यह सनातन भाव हमे दुनिया में विशिष्ठ और मानयवीय पहचान दिलाता है। 

सीएम ने पूर्ववर्ती सरकारों पर बोला हमला
पूर्ववर्ती सरकारों पर हमले करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब विध्वंशनात्मक ताकतें सत्ता में थी तो फैक्ट्रियां बद हो रही थीं। नौकरियां खत्म हो रही थीं। लोगों के पेट पर लात मारा जा रहा था लेकिन अब केंद्र एवं राज्य में सकारात्मक सोच एवं राष्ट्रीय मूल्यों की सरकार है। इफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के कार्य हो रहे हैं। 1990 में गोरखपुर का खाद कारखाना बंद हो गया। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में गोरखपुर का खाद कारखाना अगले महीने फिर से चालू होगा।

योगीराज गंभीरनाथ पीठ नाथपंथ को दुनिया में प्रतिष्ठित करेगा
सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने भारत को एक वैश्विक मंच प्रदान किया है। जब हम 21 जून को विश्व योग दिवस के रूप में मनाते है तो यह भारत की ऋषि परम्परा के प्रति श्रद्धा व सम्मान का भाव  प्रकट करता है। इसी परम्परा को आगे बढ़ाते हुए शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने योगीराज बाबा गंभीरनाथ को श्रद्धांजलि स्वरूप दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में यूजीसी की शोध पीठ स्थापित करने की घोषणा कर नाथपंथ, गोरक्षपीठ और उसके योगियों  की हजारों वर्षो की विरासत को वैश्विक फलक पर प्रतिष्ठित करेगा। उन्होंने इसके लिए केंद्रीय मंत्री का आभार व्यक्त किया। 

महंत दिग्विजयनाथ ने दुनिया के समक्ष अपना इतिहास लिखा
ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ को श्रद्धांजलि देते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वे महंत दिग्विजयनाथ मेवाड़ राजवंश में पैदा हुए। भले ही घास की रोटी खानी पड़े लेकिन किसी विधर्मी के समक्ष सिर नहीं झुकेगा, ऐसे मेवाड के राजा राणा प्रताप की प्रेरणा से भरे सिर्फ 5 साल की उम्र में गोरखपुर आ गए। योगीराज गंभीरनाथ के सानिध्य में महंत दिग्विजयनाथ का लालन पालन हुआ तो दूसरी ओर बंगाल की धरती में भी भारत सेवा संघ संस्थान के संस्थापन स्वामी प्रणवानंद का दीक्षा संस्कार इसी गोरक्षपीठ में योगीराज गंभीरनाथ के सानिध्य में हुआ। महंत दिग्विजनाथ ने आजादी की लड़ाई में युवाओं का नेतृत्व किया, लेकिन जब देखा कि आजादी दूर नहीं लेकिन तुष्टीकरण बढ़ रहा तो उन्होंने स्वातंत्र वीर सावरकर के नेतृत्व में आंदोलन के अग्रणी योद्धा बने थे। उन्होंने सामाजिक दायित्य का निवर्हन करते हुए राजनीति में आए। सांसद के रूप में ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ ने गोरखपुर में खाद कारखाना, एमएमएमयूटी, गोरखपुर विश्वविद्यालय के लिए अर्हिनिष प्रयास किया। महंत दिग्विजयनाथ ने अपने व्यक्तिगत एवं कृतित्व से देश और दुनिया के सामने अपना एक नया इतिहास लिखा था।

संबंधित खबरें