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नेपाल में भारी बारिश से पूर्वांचल की नदियां उफनाईं, बाढ़ चौकियां अलर्ट

हिन्दुस्तान टीम,गोरखपुरPublished By: Deep Pandey
Sat, 19 Jun 2021 11:39 AM
नेपाल में भारी बारिश से पूर्वांचल की नदियां उफनाईं, बाढ़ चौकियां अलर्ट

गोरखपुर-बस्ती मंडल में मानसूनी बारिश के साथ-साथ नेपाल में भारी बारिश का असर यहां बहने वाली नदियों में दिखने लगा है। रोहिन नदी महराजगंज और गोरखपुर में खतरे का निशान पार कर गई तो सिद्धार्थनगर जिले में घोंघी नदी भी लाल निशान पार कर बह रही है। राप्ती, सरयू का पानी तेजी से बढ़ रहा है। गंडक नदी का पानी महराजगंज और कुशीनगर के रेता क्षेत्रों में फैल गया है। गंडक का दबाव एपी तटबंध पर बना हुआ है, जिससे तटीय गांवों के लोग दहशत में हैं।

नदियों में उफान से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। सिद्धार्थनगर जिले में घोंघी नदी खतरे के निशान 87 आरएल मीटर को पार कर 87.35 आरएल मीटर पर बह रही है। कुशीनगर और महराजगंज में गुरुवार की रात से गंडक नदी का उफान थोड़ा थमा है। कुशीनगर में 65 किमी के दायरे में बहने वाली बड़ी गंडक नदी के वाल्मीकि गंडक बैराज से डिस्चार्ज में शुक्रवार को कमी दर्ज की गई है। लेकिन कुशीनगर के खड्डा और तमकुहीराज तहसील क्षेत्र में गंडक पूरे तेवर में है। बरवापट्टी के किमी जीरो और 8.6 लक्ष्मीपुर के सामने नदी बैकरोलिंग कर कटान कर रही है। अहिरौलीदान के किमी 13.950 पर नोनियापट्टी में भी नदी का कटान जारी है। खड्डा तहसील क्षेत्र में भी नदी छितौनी-दरगौली बांध पर दवाब बना चुकी है। यहां नदी एशिया के सबसे बड़े ठोकर वीरभार से सटकर बह रही है। महराजगंज के नौतनवा व ठूठीबारी क्षेत्रों में महाव नाले तथा झरही व चंदन नदी के पानी से लक्ष्मीपुर, खैरहवा दूबे आदि गांव प्रभावित हैं। नेपाल से जलस्तर का दबाव बढ़ने से बाल्मीकि बैराज के सभी 36 फाटक खोल दिए गए हैं। वहीं गोरखपुर में राप्ती और सरयू भी कभी भी खतरे का निशान पार कर सकती हैं।

बाढ़ चौकियां अलर्ट

नदियों के जलस्तर में तेजी से वृदि्ध देख गोरखपुर जिला प्रशासन ने बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया है। जिले की सभी 86 बाढ़ चौकियों पर अत्याधुनिक संसाधन मुहैया करा दिए गए हैं और जिम्मेदार विभागों के कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगा दी गई है।

 प्रमुख नदियों का जलस्तर

गोरखपुर
-सरयू : तुर्तीपार
खतरे का निशान : 64.01 आरएल मीटर
वर्तमान स्थिति : 60.360 आरएल मीटर
-राप्ती : बर्डघाट
खतरे का निशान : 74.10 आरएल मीटर 
वर्तमान स्थिति : 72.750 आरएल मीटर
-रोहिन : त्रिमुहानी घाट
खतरे का निशान : 82.44 आरएल मीटर
वर्तमान स्थिति : 82.520 आरएल मीटर

महराजगंज 
-गंडक नदी
खतरे का निशान : 359.800 आरएल मीटर
वर्तमान स्थिति : 352.900 आरएल मीटी
-चंदन नदी 
खतरे का निशान : 101.050 आरएल मीटर
वर्तमान स्थिति : 352.900 आरएल मीटर
-प्यास नदी      
खतने का निशान : 102.250 आरएल मीटर
वर्तमान स्थिति : 102.100 आरएल मीटर

सिद्धार्थनगर
-घोंघी नदी
खतरे का निशान : 87.000 आरएल मीटर
वर्तमान स्थिति : 87.350 आरएल मीटर
-कूड़ा नदी 
खतरे का निशान : 83.520 आरएल मीटर
वर्तमान स्थिति : 82.100 आरएल मीटर


जून में नदियों में उफान की कई प्रमुख वजहें हैं। इस बार मई में ही गोरखपुर जिले में 350 मिमी बारिश हो गई। इसके बाद 15 जून तक औसत 173.7 मिमी बारिश के सापेक्ष 139.00 मिमी बारिश हो गई है। नेपाल में पहाड़ों पर भी भारी बारिश हो रही है। इसका असर गोरखपुर मंडल की नदियों पर पड़ना स्वाभाविक है। 
गौतम गुप्ता
आपदा विशेषज्ञ, गोरखपुर 

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