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आगरा विश्वविद्यालय बीएएमएस कापी कांड: छात्र नेता समेत 13 के खिलाफ पुलिस ने कोर्ट में पेश की चार्जशीट

डॉक्टर भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में हुए बीएएमएस कॉपी कांड में 13 आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट पेश की है। दो महीने से सनसनीखेज मामले की जांच ठंडे बस्ते में है।

आगरा विश्वविद्यालय बीएएमएस कापी कांड: छात्र नेता समेत 13 के खिलाफ पुलिस ने कोर्ट में पेश की चार्जशीट
Pawan Kumar Sharmaहिन्दुस्तान,आगराSun, 12 Feb 2023 08:11 PM

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डॉक्टर भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में हुए बीएएमएस कॉपी कांड में 13 आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट पेश की है। दो महीने से सनसनीखेज मामले की जांच ठंडे बस्ते में है। विवि के पूर्व कुलपति विनय पाठक एक मामले में फंसे थे। एसटीएफ के पास जांच थी। पुलिस यह सोच रही थी कि पहले एसटीएफ कार्रवाई करे उसके बाद वह बड़ों पर हाथ डालेगी। लेकिन मामला ही पलट गया। पूर्व कुलपति के खिलाफ लखनऊ में दर्ज मुकदमे की जांच सीबीआई ट्रांसफर हो गई।

27 अगस्त को बीएएमएस परीक्षा में कापियां बदलने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया था। सबसे पहले पुलिस ने विवि के टेंपो चालक देवेंद्र को पकड़ा था। वह परीक्षा केंद्रों से कापियां लेकर मूल्यांकन केंद्र जाता था। रास्ते में गिरोह के सदस्य कापियां बदल दिया करते थे।

छात्र नेता ने कोर्ट में किया था सरेंडर

कापी कांड में एक-एक छात्र नेता राहुल पाराशर सहित 13 आरोपित जेल पहुंचे। राहुल पाराशर ने कोर्ट में समर्पण किया था। अन्य आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, कूट रचित दस्तावेज तैयार करना, छल के लिए उनका प्रयोग और परीक्षा अधिनियम की धारा के तहत कार्रवाई की गई थी। तत्कालीन एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने घटना की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था। एसआईटी का प्रभारी डीसीपी विकास कुमार को बनाया गया था। एडीशनल डीसीपी सत्य नारायण, इंस्पेक्टर हरीपर्वत अरविंद कुमार, एसआई नीलम राणा, एसआई राजकुमार बालियान, एसआई योगेश को टीम में रखा गया था।

इनके खिलाफ कोर्ट में पेश की गई चार्जशीट

इंस्पेक्टर हरीपर्वत अरविंद कुमार ने बताया कि विवेचना अभी खत्म नहीं हुई। जो आरोपित जेल में बंद हैं उनके खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट पेश की गई थी। पहली चार्जशीट में पुलिस ने टेंपो चालक देवेंद्र, डॉक्टर अतुल, सॉल्वर पुनीत, दलाल दुर्गेश, छात्र नेता राहुल पाराशर, फार्मेसी कॉलेज के कर्मचारी शैलेंद्र बघेल, मूल्यांकन केंद्र के कर्मचारी उमेश, भीकम सिंह, पूर्व कर्मी शिवकुमार दिवाकर, एजेंसी के कर्मचारी अतुल कटियार, रवि उर्फ रविंद्र राजपूत, इजमाम सहित 13 को आरोपित बनाया है।

40 छात्रों पर कार्रवाई की तलवार

जांच के दौरान साफ हुआ था कि सिर्फ बीएएमएस की कापियां नहीं बदली जा रही थीं। एमबीबीएस की परीक्षा में भी कापियां बदली गई थीं। जांच के बाद 14 बीएएमएस के विद्यार्थी एवं 26 एमबीबीएस के विद्यार्थियों को फर्जीवाड़े के लिए चिन्हित किया था। प्रत्येक परीक्षा की कापी में उनके हस्तलेख अलग-अलग थे। जिसे देखकर यह माना गया था कि सॉल्वर द्वारा लिखी कापियों को असली की जगह लगा दिया गया। पुलिस ने चिन्हित छात्रों के हस्तलेख के नमूने लिए थे। उन्हें जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा था। उसकी रिपोर्ट अभी नहीं आई है।

सेटिंग ने लगाया ब्रेक

पूर्व कुलपति विनय पाठक भ्रष्टाचार के मामले में फंसे थे। उनकी जांच एसटीएफ को दी गई थी। यह घटना क्रम बीएमएएस कॉपी कांड के कुछ दिन बाद का ही है। एसटीएफ के आने के बाद पुलिस ने अपनी जांच में ब्रेक लगा दिए थे। पुलिस यह देख रही थी कि एसटीएफ क्या करती है। एसटीएफ पूर्व कुलपति के खिलाफ कार्रवाई करती तो कापी कांड में कई नाम खुलते। पुलिस ने भी कई बड़े लोगों को चिन्हित किया था।

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