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Hindi News उत्तर प्रदेशपुलिस भी गजब है, नाबालिग पर लगा दिया गैंगस्‍टर; परिवार ने खटखटाया हाईकोर्ट का दरवाजा

पुलिस भी गजब है, नाबालिग पर लगा दिया गैंगस्‍टर; परिवार ने खटखटाया हाईकोर्ट का दरवाजा

गोरखपुर में गैंगस्टर एक्ट के एक और मुकदमे पर ‘नाबालिग का दाग’ लग गया। आरोप है कि पुलिस ने लुटेरों के जिस गैंग पर गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज किया, उसका गैंग लीडर क्राइम के वक्त नाबालिग था।

पुलिस भी गजब है, नाबालिग पर लगा दिया गैंगस्‍टर; परिवार ने खटखटाया हाईकोर्ट का दरवाजा
Ajay Singhविवेक पांडेय ,गोरखपुरSat, 25 May 2024 08:06 AM
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Gangster action against minor: गोरखपुर में गैंगस्टर एक्ट के एक और मुकदमे पर ‘नाबालिग का दाग’ लग गया है। आरोप है कि पुलिस ने लुटेरों के जिस गैंग पर गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज किया, उसका गैंग लीडर क्राइम के वक्त नाबालिग था। हाईस्कूल की मार्कशीट के साथ परिवारीजनों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया तो कोर्ट ने नाबालिग पर दर्ज गैंगस्टर को निरस्त करने का आदेश दिया। नाबालिग ही लुटेरों के गैंग का लीडर था, लिहाजा अब गैंगस्टर के केस को ही निरस्त कर दिया गया। इससे पहले शाहपुर पुलिस ने मृतक के साथ ही एक नाबालिग पर गैंगस्टर की कार्रवाई की थी, उसे शासन द्वारा बनाई गई कमेटी ने निरस्त कर दिया था।

गैंगस्टर का यह मामला खजनी थाने का है। अक्टूबर 2022 में खजनी में तैनात इंस्पेक्टर इकरार अहमद की रिपोर्ट पर गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई हुई थी और खजनी थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। जिन लोगों पर गैंगस्टर की कार्रवाई हुई उनमें गैंग लीडर के रूप में खजनी थाने के खूंटाभार गांव के आरोपी व सदस्य के रूप में इसी गांव के सूरज शर्मा पुत्र संगम शर्मा, गोलू गौड़ पुत्र राकेश गौड़ तथा खजनी के बसडीला गांव निवासी पीयूष शर्मा पुत्र पशुपति शर्मा का नाम सामने आया था और केस दर्ज किया गया था।

जेल जाने से लेकर जमानत तक नहीं किया दावा अब नाबालिग घोषित आरोपित के जेल जाने से लेकर जमानत तक कहीं भी उसके परिवारीजनों ने नाबालिग होने का कोई दावा नहीं किया। यहां तक की बालिग की तरह जमानत भी कराया। गैंगस्टर की कार्रवाई के लिए पुलिस ने उम्र के रिकार्ड से जुड़ी चीज हासिल करने का प्रयास किया तो आरोप है कि घरवालों से कोई सहयोग नहीं मिला। चूकि बिना उम्र निर्धारण के गैंगस्टर की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ती, लिहाजा पुलिस ने ग्राम सचिव के जरिए कुटुम्ब रजिस्टर से नकल हासिल कर आरोपी की उम्र का उसी हिसाब से निर्धारण किया था और उम्र 21 साल दर्शाया गया।

गैंगस्टर का केस दर्ज होने के बाद आरोपित पक्ष हाईस्कूल की मार्कशीट के साथ हाईकोर्ट में चला गया, जिसमें घटना के वक्त आरोपी को नाबालिग बताया गया। मार्कशीट के आधार पर आरोपी को नाबालिग मानते हुए कोर्ट ने उसके खिलाफ दर्ज गैंगस्टर के मामले को निरस्त करने का आदेश दिया। उसी को पुलिस ने गैंग लीडर बनाया था ऐसे में गैंगस्टर निरस्त होने के साथ ही गैंगस्टर की पूरी कार्रवाई निरस्त हो गई।