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इसरो से भी बड़ा है प्रयागराज का डीएफसी कंट्रोल रूम, 2 मार्च को पीएम मोदी कर सकते हैं उद्घाटन

प्रयागराज के पूर्वी डीएफसी का काम लगभग पूरा हो चुका है। 2 मार्च को पीएम नरेंद्र मोदी इसका उद्घाटन कर सकते हैं। रेल अफसरों ने भी इसकी तैयारी शुरू कर दी है।

इसरो से भी बड़ा है प्रयागराज का डीएफसी कंट्रोल रूम, 2 मार्च को पीएम मोदी कर सकते हैं उद्घाटन
Pawan Kumar Sharmaहिन्दुस्तान,प्रयागराजFri, 23 Feb 2024 09:22 PM
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प्रयागराज के पूर्वी डीएफसी का 100 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। इसके उद्घाटन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दो मार्च को प्रयागराज आने की संभावना है। रेल अफसरों ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। शुक्रवार को डीएफसी के मैनेजिंग डायरेक्टर रविंद्र कुमार भी अपनी टीम के साथ प्रयागराज पहुंचे और जीएम समेत अन्य अफसरों के साथ बैठक की। दोपहर में मीडिया से रूबरू हुए रविंद्र कुमार ने कहा कि 21वीं सदी में डीएफसी गेम चेंजर बनेगा।   

एमडी ने बताया कि सूबेदारगंज में बना डीएफसी का कंट्रोल रूम इसरो के कंट्रोल रूम से भी बड़ा है। इस कंट्रोल रूम से सभी जगहों पर निगरानी की जाती है। यहां पर अत्याधुनिक तरीके से काम चल रहा है। अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आएंगे तो डीएफसी का कंट्रोल रूम देखेंगे। वह डीएफसी पर मालगाड़ी को हरी झंडी भी दिखा सकते हैं। डीएफसी को पूर्वी और पश्चिमी दो भागों में बांटा गया है। पूर्वी डीएफसी का हेड ऑफिस प्रयागराज में है। इसका 100 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। पश्चिमी डीएफसी हेड ऑफिस अहमदाबाद में है, जिसका 81 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। कुल 2557 किलोमीटर रूट तैयार है। 

डीएफसी के एमडी ने कहा कि भारत तीसरी अर्थव्यवस्था की ओर से आगे बढ़ रहा है। 2047 तक देश विकसित देशों की श्रेणी में आ जाएगा। किसी भी विकसित देश के लिए ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम बहुत जरूरी है। अभी देश में रेलवे का शेयर केवल 26 प्रतिशत है जबकि विकसित देश में कम से कम 40 प्रतिशत होता है। हम डीएफसी से अपने लक्ष्य को पूरा करने वाले हैं। 23 फरवरी को डीएफसी ने 428 ट्रेनों का इंटरचेंज किया जो अब तक सबसे अधिक है। एमडी ने यह भी बताया कि अभी 120 मालगाड़ी अप डाउन कर रही हैं।

स्पीड 30 से बढ़कर 50 किलोमीटर प्रति घंटा पहुंच गई है। कुम्भ से पहले अधिकतम माल गाड़ियों को डीएफसी पर शिफ्ट कर दिया जाएगा। इससे रेलवे ट्रैक पर यातायात का दबाव कम होगा और यात्रियों के लिए तेज रफ्तार वाली गाड़ियां चलेंगी। इसके अलावा देश के अन्य हिस्सों में ईस्ट कोस्ट, ईस्ट वेस्ट और नार्थ साउथ में डीएफसी के लिए सर्वे करके रेलवे बोर्ड को रिपोर्ट भेजी गई है।

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