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हिंदी न्यूज़ उत्तर प्रदेशPM मोदी ने काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर का किया शिलान्यास, जानिए इसके बारे में सब कुछ?

PM मोदी ने काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर का किया शिलान्यास, जानिए इसके बारे में सब कुछ?

मां गंगा के पावन तट पर स्थित विश्व की प्राचीनतम नगरी काशी के हृदय में स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर में आने वाले दर्शनार्थियों हेतु सुगम दर्शन की सुविधा के दृष्टिगत श्री काशी विश्वनाथ धाम की विशाल रचना...

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Pratibhaवाराणसी। कार्यालय संवाददाताFri, 08 Mar 2019 08:05 PM
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मां गंगा के पावन तट पर स्थित विश्व की प्राचीनतम नगरी काशी के हृदय में स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर में आने वाले दर्शनार्थियों हेतु सुगम दर्शन की सुविधा के दृष्टिगत श्री काशी विश्वनाथ धाम की विशाल रचना की जा रही है। जो श्री काशी विश्वनाथ मंदिर को गंगा नदी से जोड़ेगा। ऐतिहासिक रूप से इस मंदिर का जीर्णोद्धार इंदौर की महारानी अहिल्याबाई होलकर द्वारा वर्ष 1780 में कराए जाने के लगभग 239 वर्षों के उपरांत मां गंगा के आशीर्वाद से श्री काशी विश्वनाथ मंदिर (kashi vishwanath corridor) की महिमा एवं वैभव को और प्रखर करने के लिए काशी के सांसद एवं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi)ने संकल्पित होकर इस नवनिर्माण की आधारशिला रखी है।

उल्लेखनीय हैं कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी द्वारा भी वर्ष 1916 में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में अपने उद्बोधन में काशी में आने वाले दर्शनार्थियों एवं श्रद्धालुओं के मंदिर दर्शन हेतु संकीर्ण गलियों का उल्लेख किया गया था। वर्तमान में लगभग 100 वर्षों के पश्चात मंदिर की महिमा एवं वैभव को और प्रखर करने के लिए संकल्पित होकर यह नवनिर्माण कराया जा रहा है। परियोजना का कुल क्षेत्रफल 39310.00 वर्ग मीटर है। जिसके अंतर्गत कुल 296 आवासीय/व्यावसायिक/सेवईत/न्यास इत्यादि भवन है। अब तक कुल 238 भवन क्रय किए जा चुके हैं। जिनके ध्वस्तीकरण के उपरांत परियोजना के अंतर्गत लगभग 21505.92 वर्ग मीटर क्षेत्रफल उपलब्ध हुआ है। भवनों के ध्वस्तीकरण के दौरान विभिन्न भवनों के अंदर 41 अतिप्राचीन मंदिर पाए गए हैं। जिनका उल्लेख वेद-पुराण व धार्मिक पुस्तकों में भी पाया गया है। प्राप्त सभी मंदिर काशी के प्राचीन धरोहर है।

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परियोजना के अंतर्गत सभी भवनों/दुकानों इत्यादि को सहमति के आधार पर क्रय किया गया है, जिसमें निवसित 500 परिवारों को आपसी सहमति से विस्थापित किया गया है। इन भवनों को क्रय एवं रिक्त कराने के उपरांत प्राप्त सभी मंदिर प्राचीन धरोहर हैं, जो इन भवनों से आच्छादित थे। उन्हें भवनों को ध्वस्त कर मलवा निस्तारण के उपरांत जनसामान्य को दर्शन पूजन हेतु सुलभ कराया गया है। इन मंदिरों के जीर्णोद्धार एवं सुंदरीकरण का भी कार्य कराया जा रहा है। इन मंदिरों को इस परियोजना का भाग बनाकर इस क्षेत्र को एक अद्भुत संकुल का रूप दिया जाएगा।

परियोजना में मंदिर प्रांगण का विस्तार कर इसमें विशाल द्वार बनाए जाएंगे तथा एक मंदिर चौक का निर्माण किया जाएगा। जिसके दोनों तरफ़ विभिन्न भवन जैसे कि विश्रामालय, संग्रहालय, वैदिक केंद्र, वाचनालय, दर्शनार्थी सुविधा केंद्र, व्यावसायिक केंद्र, पुलिस एवं प्रशासनिक भवन, वृद्ध एवं दिव्यांग हेतु एक्सीलेटर एवं मोक्ष भवन इत्यादि निर्मित किए जाएंगे। परियोजना अंतर्गत 330.00 मीटर लम्बाई एवं 50.00 मीटर चौड़ाई एवं घाट से एलिवेशन 30 मीटर क्षेत्र में निर्माण कराया जाएगा।

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प्रधानमंत्री के तौर श्री मोदी का पर यह 19वां दौरा है। प्रधानमंत्री मोदी की महत्वकांक्षी योजनाओं में शामिल श्री काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर निमार्ण के मद्देनजर उत्तर प्रदेश सरकार ने 6०० करोड़ रुपये मंजूर किये थे। इस धनराशि में से 29० करोड़ रुपये मंदिर प्रशासन को जारी किये जा चुके हैं। प्रशासन ने कॉरिडोर के लिए चिन्हित 296 मकानों में से 235 खरीदे लिए हैं, जबकि बाकी की प्रक्रिया चल रही है। मंदिर प्रशासन द्वारा खरीदे गए ज्यादातर मकान ध्वस्त कर दिये गये हैं। पुराने मकानों के ढहाने के बाद अनेक प्रचीन मंदिर आसानी से दिखाई देने लगे हैं। कॉरिडोर निमार्ण के बाद श्री काशी विश्वनाथ मंदिर से दशाश्वमेध घाट पर प्रति वर्ष आने वाले करोड़ों देशी-विदेशी श्रद्धालुओं का आवागम एवं दर्शन-पूजन करने पहले की अपेक्षा सुगम हो जाएगा।

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