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मोदी ने मथा सपा का गढ़, कल्किधाम से दिया संदेश; जानें PM दौरे का सियासी गुणाभाग 

गैर सियासी मंच पर भी PM मोदी ने इशारों-इशारों में बहुत कुछ कह दिया। कभी मुलायम सिंह और रामगोपाल यादव की कर्म भूमि रहे संभल की धरती से लक्ष्य पर निशाना साधा। उन्होंने विरासत से विकास तक बात की।

मोदी ने मथा सपा का गढ़, कल्किधाम से दिया संदेश; जानें PM दौरे का सियासी गुणाभाग 
Ajay Singhमुख्य संवाददाता,मुरादाबादTue, 20 Feb 2024 06:26 AM
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PM Modi Visit: गैर सियासी मंच पर भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इशारों-इशारों में बहुत कुछ कह दिया। कभी मुलायम सिंह और रामगोपाल यादव की कर्म भूमि रहे संभल की धरती से लक्ष्य पर निशाना साधा। इस धार्मिक मंच पर उन्होंने विरासत से विकास तक बात की। तो शब्द बाणों से उन्होंने चुटीला अंदाज भी दिखाया। सनातनी आस्था के केंद्र में कल्कि को रखते हुए लोगों के सामने ¨'मिशन 2024' के लिहाज से अपना रिपोर्ट कार्ड भी उपलब्धियां गिनाकर कर पेश कर दिया। 

संभल और आसपास का क्षेत्र सपा का गढ़ माना जाता है। भाजपा के लिए संभल की डगर बहुत कठिन रही है। 2014 को छोड़कर भाजपा यहां कभी सफल नहीं हो सकी। इसी क्षेत्र से मुलायम सिंह यादव दो बार और उनके भाई रामगोपाल यादव एक बार सांसद रह चुके हैं। वर्तमान में भी सीट सपा के पास है। ऐसे में संभल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे को लेकर सियासी गुणाभाग लगाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कहे शब्दों में छिपे अर्थों के निहतार्थ अब तलाशे जाने लगे हैं। साधु संतों के समागम के बीच सियासी समीकरणों पर परोक्ष रूप से भी मोदी का फोकस रहा। 

आस्था से तरक्की तक उन्होंने सपा के गढ़ को खूब मथा। अयोध्या धाम में श्रीराम मंदिर के बाद एक महीने के अंतराल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक और बड़े धार्मिक आयोजन में हिस्सा लिया। भगवान विष्णु के दसवें अवतार कल्कि की जन्म स्थली के रूप में उल्लेखित संभल में शिलान्यास का भी अवसर उन्होंने नहीं छोड़ा। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि कुछ काम ऐसे हैं जो मेरे लिए ही छोड़े गए हैं। यही नहीं वह यहीं नहीं रुके बल्कि यह भी कह डाला कि आगे भी मैं ही उन कार्यों को पूरा करूंगा।

गरीब, किसान, व्यापारी, महिलाओं के लिए चलने वाली योजनाओं को भी बताया। इसमें छिपे सियासी संदेश को लोग 2024 के चुनाव से जोड़ कर देख रहे हैं। पीएम ने आचार्य प्रमोद कृष्णम का न सिर्फ कद बढ़ाया बल्कि साधु संतों और आम जनता के आर्शीवाद की दुहाई देना भी नहीं भूले। कल्कि नगरी में सियासत किस करवट बैठेगी कहना मुश्किल है पर मोदी का यह दौरा सियासी हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।

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