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उत्तर प्रदेशपीएम मोदी ने गोयनका छात्रावास हादसे पर जताया दु:ख, वाराणसी के डीएम को फोन कर दिया हर संभव मदद का निर्देश 

लाइव हिन्‍दुस्‍तान टीम ,नई दिल्‍ली लखनऊ Published By: Ajay Singh
Tue, 01 Jun 2021 12:23 PM
पीएम मोदी ने गोयनका छात्रावास हादसे पर जताया दु:ख, वाराणसी के डीएम को फोन कर दिया हर संभव मदद का निर्देश 

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने काशी विश्‍वनाथ कॉरीडोर के लिए अधिग्रहीत गोयनका छात्रावास के एक हिस्‍से के गिरने और उसके मलबे के नीचे दबकर दो मजदूरों की मौत पर गहरा दु:ख जताया है। उन्‍होंने वाराणसी के डीएम को फोन कर मामले की जानकारी ली और मृतकों के परिवारीजनों को हर संभव मदद का आदेश दिया। इसके साथ ही उन्‍होंने मृतकों के परिवारीजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना भी जताई है। 

डीएम कौशल राज शर्मा ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। उन्‍होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने मंगलवार सुबह फोन कर हादसे के बारे में पूरी जानकारी ली। उन्‍होंने मृतकों के परिवारीजनों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट की और उन्‍हें हर संभव मदद देने का आदेश दिया। इसके साथ ही उन्‍होंने दुर्घटना में घायलों के समुचित इलाज का भी आदेश दिया। 

यह भी पढ़ें: काशी विश्वनाथ कॉरिडोर में गोयनका छात्रावास का एक हिस्सा गिरा, दो की मौत

गौरतलब है कि राज राजेश्वरी मन्दिर के पास काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के लिए अधिग्रहित गोयनका छात्रावास का एक हिस्सा गिरने से मंगलवार भोर में दो मजदूरों की मौत हो गई थी। हादसे में सात मजदूर घायल हो गए हैं। इनमें से एक की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है। सूचना मिलते ही पुलिस-प्रशासन और मंदिर के अधिकारी पहुंच गए। राहत कार्य के साथ ही बाकी हिस्से को सुरक्षित कर लिया गया है। मृतकों में पश्चिम बंगाल के मालदा के कलिया चक थाना क्षेत्र के शेरशाही गांव निवासी 25 वर्षीय एबादुल मोमिन और 45 वर्षीय अमीनुल मोमिन हैं। 

सोमवार रात मजदूर गोयनका छात्रावास के एक हिस्से के नीचे सोये थे। भोर 4 बजे के लगभग छात्रावास का जर्जर हिस्सा भरभरा कर गिर पड़ा। नीचे सो रहे मजदूर दब गए। वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने अन्य मजदूरों की मदद से सभी को मलबे से बाहर निकाल कर मंडलीय अस्पताल पहुंचाया।  इमरान, आरिफ मोमिन, शाहिद अख्तर, सकीउल मोमिन, हाकिम खान और आरिफ मोमिन को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। अब्दुल जब्बार के को मंडलीय अस्पताल में भर्ती किया गया है। एसओ दशाश्वमेध राजेश सिंह ने बताया कि अब वहां कोई खतरा नहीं है। मृतक मजदूरों के परिवार को सूचना दी गयी है। घायल और मृतक सभी एक गांव के हैं। सभी यहां कॉरिडोर में मजदूरी करने के लिए आये थे, छात्रावास के नीचे सो रहे थे।
 

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