ट्रेंडिंग न्यूज़

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

हिंदी न्यूज़ उत्तर प्रदेशवरुण गांधी ने फिर उठाई सांसदों की पेंशन और सुविधाएं खत्म करने की मांग, कहा- महंगाई से बुझ रहे हैं उज्जवला के चूल्हे

वरुण गांधी ने फिर उठाई सांसदों की पेंशन और सुविधाएं खत्म करने की मांग, कहा- महंगाई से बुझ रहे हैं उज्जवला के चूल्हे

यूपी के पीलीभीत से बीजेपी सांसद वरुण गांधी ने ट्वीट कर एक बार फिर सांसदों की पेंशन और दूसरी सुविधाएं खत्म करने की मांग की है। वरुण गांधी ने कहा कि महंगाई की वजह से उज्जवला योजना के चूल्हे बुझ रहे हैं

वरुण गांधी ने फिर उठाई सांसदों की पेंशन और सुविधाएं खत्म करने की मांग, कहा- महंगाई से बुझ रहे हैं उज्जवला के चूल्हे
Atul Guptaलाइव हिंदुस्तान,पीलीभीतWed, 03 Aug 2022 04:24 PM

इस खबर को सुनें

0:00
/
ऐप पर पढ़ें

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत से बीजेपी सांसद वरुण गांधी ने एक बार फिर सांसदों की पेंशन और दूसरी सुविधाओं को खत्म करने की मांग की है। वरुण गांधी ने बुधवार को ट्विटर पर लिखा-  श्री सुशील मोदी ने सदन में ‘मुफ्तखोरी की संस्कृति’ खत्म करने पर चर्चा का प्रस्ताव रखा है। पर जनता को मिलने वाली राहत पर अंगुली उठाने से पहले हमें अपने गिरेबां में जरूर झांक लेना चाहिए। क्यों न चर्चा की शुरूआत सांसदों को मिलने वाली पेंशन समेत अन्य सभी सुविधाएं खत्म करने से हो?

गौरतलब है कि वरुण गांधी पिछले काफी समय से इस मुद्दे को उठाते रहे हैं। कहा जाता है कि वरुण गांधी ने सांसद बनने के बाद से अपने लिए वेतन और दूसरी सुविधाएं नहीं ली है। वरुण गांधी दूसरे सांसदों को भी लगातार ऐसा ही करने का अनुरोध करते रहे हैं। वरुण गांधी ने ट्वीट कर लिखा- पिछले पांच सालों में प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के 4.13 करोड़ लोग एलपीजी की सिंगल रीफिलिंग का खर्च नहीं उठा सके, जबकि 7.67 करोड़ लोगों ने इसे केवल एक बार रीफिल कराया। वरुण गांधीने ने आगे लिखा कि घरेलू गैस की बढ़ती कीमतें के चलते गरीबों के 'उज्ज्‍वला के चूल्हे' बुझ रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या ‘स्वच्छ ईंधन, बेहतर जीवन’ देने का वादा इस तरह पूरा होगा?

वरुण गांधी ने केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की उस रिपोर्ट को भी ट्विटर पर साझा किया है जिसमें साल 2017-18 से 2021-22 के बीच देश में प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत गैस रीफिल के आंकड़े दिए गए हैं।

वरुण गांधी ने केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की उस रिपोर्ट को भी ट्विटर पर साझा किया है जिसमें साल 2017-18 से 2021-22 के बीच देश में प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत गैस रीफिल के आंकड़े दिए गए हैं।