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Hindi News उत्तर प्रदेशपीएचडी वालों को अब मोटी फाइल की झंझट से छुटकारा, यूपी की इस यूनिवर्सिटी में पेपरलेस होगी रिसर्च 

पीएचडी वालों को अब मोटी फाइल की झंझट से छुटकारा, यूपी की इस यूनिवर्सिटी में पेपरलेस होगी रिसर्च 

डीडीयू के शोधार्थियों के लिए बड़ी खबर है। यहां अब शोध से सम्बंधित हर काम पेपरलेस होगा। उन्‍हें मोटी फाइलें बनाने के झंझट से तो मुक्ति मिलेगी ही, कम्प्यूटर के बेसिक्स में भी वे दक्ष हो जाएंगे।

पीएचडी वालों को अब मोटी फाइल की झंझट से छुटकारा, यूपी की इस यूनिवर्सिटी में पेपरलेस होगी रिसर्च 
Ajay Singhनिज संवाददाता,गोरखपुरMon, 13 Nov 2023 12:03 PM
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DDU News: दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में पीएचडी के शोधार्थियों के लिए बड़ी खबर है। सरकार की नीतियों का अनुसरण करते हुए अब शोध से सम्बंधित हर कार्य पेपरलेस होगा। इससे शोधार्थियों को मोटी फाइलें बनाने के झंझट से तो मुक्ति मिलेगी ही, शोध काल में वे कम्प्यूटर के बेसिक्स में भी दक्ष हो जाएंगे।

डीडीयू अपने शोध अध्यादेश में व्यापक बदलाव की तैयारी कर रहा है। इसके अन्तर्गत आरडीसी के लिए अलग पोर्टल विकसित किया जाएगा। शोध कार्य पूरी तरह पेपरलेस करने की तैयारी चल रही है। किसी भी शोधार्थी को अपने शोध जीवन की पूरी अवधि में थीसिस पूरा करने में करीब 10-15 हजार रुपये में लग जाता है। अब थीसिस में खर्च होने वाले पूरे पैसे की बचत होगी। यही नहीं शोध के दौरान शोध कार्य चोरी होने की आशंका भी काफी हद तक खत्म हो जाएगी। इसके लिए शोधार्थियों को शोध के शुरुआत में ही लागिन और पासवर्ड जारी कर दिया जाएगा।

एक फायदा यह भी होगा कि नया शोध अध्यादेश आ जाने के बाद शोधार्थियों को किसी के पास जाने की जरूरत नहीं होगी। शोधार्थी पूरी तरह से ऑनलाइन ही अपने शोध कार्य कर सकेंगे। शोध कार्य पूर्ण होने के बाद अपने विभागाध्यक्ष और संकायाध्यक्ष को वे ऑनलाइन ही अपना शोध कार्य भेजेंगे। भेजने के बाद ऑनलाइन ही वे अपने फाइल की मूवमेंट भी देख सकेंगे। अब कार्यालयों में फाइल दबने की गुंजाइश भी खत्म हो जाएगी।

आर्थिक वजह नहीं बन पाएगा रोड़ा
केंद्रीय ग्रंथालय में शोधार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए कुल 25 कम्प्यूटर लगे हैं। कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने 9 नवंबर को इसका शुभारंभ किया था। शोधार्थियों के लिए 25 और कम्प्यूटर लगाए जाने की तैयारी है। इसके लिए उद्योगपतियों से सीएसआर फंड के अन्तर्गत मदद ली जाएगी। जिन छात्रों के पास अपना लैपटॉप या कम्प्यूटर नहीं होगा, वे इसका असीमित लाभ उठा सकेंगे।

छह महीने में पीएचडी अवार्ड
शोधार्थियों द्वारा अपना थीसिस जमा करने के बाद छह महीने में पीएचडी अवार्ड हो जाएगा। इसके लिए भी जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। सुनिश्चित किया जाएगा कि हर हाल में थीसिस जमा होने के बाद की जरूरी औपचारिकताएं छह महीने के अंदर पूरी कर ली जाएं। शोधार्थियों की थीसिस के लिए जो परीक्षक नियुक्त किए जाएंगे, उन्हें दो महीने में परीक्षण कार्य पूर्ण करना होगा। यदि वे ऐसा नहीं करते तो ऑटोमेटिक परीक्षक बदल दिया जाएगा।

क्‍या बोलीं कुलपति
कुलपति प्रो.पूनम टंडन ने कहा कि विश्वविद्यालय में शोध कार्य पेपरलेस किए जाने की तैयारी चल रही है। इसके लिए आरडीसी का अलग पोर्टल विकसित किया जाएगा। शोधार्थी अपना थीसिस ऑनलाइन ही पूरा करेंगे। सुनिश्चित किया जाएगा कि थीसिस जमा करने के छह माह के अंदर हर हाल में पीएचडी अवार्ड हो।