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Hindi News उत्तर प्रदेशलखनऊ, कानपुर और आगरा के लोग हूटर बजाने में आगे, 9 हजार से ज्यादा का चालान, जान लें नियम

लखनऊ, कानपुर और आगरा के लोग हूटर बजाने में आगे, 9 हजार से ज्यादा का चालान, जान लें नियम

यूपी में लखनऊ, कानपुर और आगरा के लोग हूटर बजाने में सबसे आगे हैं। परिवहन विभाग की तरफ से प्रेशर हॉर्न और हूटर युक्त वाहनों के खिलाफ की गई कार्रवाई का ब्योरा जारी किया गया है।

लखनऊ, कानपुर और आगरा के लोग हूटर बजाने में आगे, 9 हजार से ज्यादा का चालान, जान लें नियम
Deep Pandeyहिन्दुस्तान,लखनऊSat, 15 Jun 2024 05:19 AM
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सड़क पर रौब गांठने के लिए हूटर और सायरन बजाने वाले लखनऊ, कानपुर, आगरा और गोरखपुर में सबसे ज्यादा पाए जाते हैं। कम से कम पिछले साल हूटर बजाते पकड़े गए लोगों के आंकड़े तो यही कहते हैं। परिवहन विभाग की तरफ से प्रेशर हॉर्न और हूटर युक्त वाहनों के खिलाफ एक अप्रैल 2023 से 31 मार्च 2024 तक की गई कार्रवाई का ब्योरा जारी किया गया है। इसके अनुसार प्रदेश भर में 9393 वाहन सवारों के खिलाफ चार विभिन्न तरीके से ध्वनि प्रदूषण फैलाने पर शिकंजा कसा गया है। 

पिछले साल फरवरी से दिसंबर तक कुल आठ महीने में प्रेशर हॉर्न और हूटर के खिलाफ गोरखपुर में सबसे ज्यादा 1251 वाहन सवारों के खिलाफ कार्रवाई की गई। लखनऊ में 938, अयोध्या में 659, गोंडा में 200, बस्ती में 20, कानपुर में 944, प्रयागराज में 415, बांदा में 354, बरेली में 553, मुरादाबाद में 296, वाराणसी में 157, गोरखपुर में 1251, आजमगढ़ में 239, मिर्जापुर में आठ, मेरठ में 217, गाजियाबाद में 684, सहारनपुर में 75, आगरा में 1727, अलीगढ़ में 292 और झांसी में 274 पर शिकंजा कसा गया। इनका 10-10 हजार रुपये का चालान किया गया। 

वीवीआईपी कल्चर पर सीएम ने जताई नाराजगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीवीआईपी कल्चर को लेकर नाराजगी जताई है। उन्होंने परिवहन विभाग के अधिकारियों को लाल व नीली बत्ती के प्रयोग के अलावा प्रेशर हॉर्न, हूटर, सायरन के खिलाफ एक्शन लेने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री की नाराजगी के बाद परिवहन विभाग के अधिकारी सक्रिय हो गए हैं। वीवीआईपी कल्चर के खिलाफ कार्रवाई के मामले में परिवहन विभाग ने टीम बनाकर वाहनों की धरपकड़ करने की तैयारी की है। 

क्या कहता है नियम
केंद्रीय मोटर यान नियमावली 1989 के नियम 119 के अंतर्गत अनुमानित क्षमता से अधिक ध्वनि वाले हॉर्न लगाना प्रतिबंधित है। वाहनों में लगाए गए हॉर्न की ध्वनि का दबाव 85 डेसिबल से ज्यादा नहीं होना चाहिए। इनमें प्रेशर हार्न, हूटर, सायरन, साइलेंसर से निकलने वाले ध्वनि प्रदूषण शामिल हैं। 


प्रेशर हॉर्न और हूटर के खिलाफ एक अप्रैल से 31 मई तक कार्रवाई
जनपद    चालान
कानपुर    295
लखनऊ    250
अयोध्या    64
गोंडा    79
बस्ती    80
प्रयागराज    120
बांदा    10
बरेली    101
मुरादाबाद    60
वाराणसी    37
गोरखपुर    141
आजमगढ़    20
मिर्जापुर    04
मेरठ    53
गाजियाबाद    118
सहारनपुर    63
आगरा    190
अलीगढ़    108
झांसी    209