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IPS सुरेन्द्र दास को नम आंखों से अंतिम विदाई, भारी हुजूम के बीच बड़े भाई ने दी मुखाग्नि

IPS सुरेन्द्र दास को नम आंखों से अंतिम विदाई, भारी हुजूम के बीच बड़े भाई ने दी मुखाग्नि

कानपुर में घरेलू कलह से तंग आकर जहर खाने वाले आईपीएस अधिकारी सुरेन्द्र दास को नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई। सोमवार दोपहर बैकुण्ठ धाम में उनके पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार किया गया। इससे पूर्व महकमे के अधिकारियों ने उन्हें श्रद्धांजलि और जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। सुरेन्द्र के घरवालों ने उनकी पत्नी डॉ. रवीना पर प्रताड़ना के आरोप लगाए थे। रवीना भी अपने परिजनों के साथ पति के अंतिम दर्शन के लिए बैकुण्ठ धाम पहुंचीं। इस दौरान डीजीपी ओपी सिंह ने कहा कि अगर परिवारीजन कोई तहरीर देते हैं तो जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। 

आईपीएस सुरेन्द्र दास का परिवार पीजीआई के एकता नगर की गंगा विहार कालोनी में रहता है। रविवार देर शाम कानपुर पुलिस सुरेन्द्र का पार्थिव शरीर लेकर उनके आवास पहुंची थी। सोमवार सुबह 11 बजे शव को पुलिस वैन से बैकुण्ठ धाम लाया गया। जहां उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिये विशेष मंच बनाया गया था। अधिकारियों ने बारी-बारी से सुरेन्द्र के शव पर पुष्प अर्पित करके उन्हें श्रद्धांजलि दी। श्रद्धांजलि देने वालों में प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार, डीजीपी ओपी सिंह, एडीजी जोन लखनऊ राजीव कृष्णा, आईजी रेंज सुजीत पांडेय, आईजी एटीएस असीम अरुण, डीआईजी कानून एवं व्यवस्था प्रवीण त्रिपाठी, डीएम कौशल राज शर्मा, एसपी प्रशिक्षण राजेश पाण्डेय, एसएसपी लखनऊ कलानिधि नैथानी समेत, पीपीएस एसोसिएशन के अध्यक्ष एएसपी अजय कुमार मिश्रा, उपाध्यक्ष अवनीश मिश्रा समेत अन्य अधिकारी शामिल रहे। सभी लोग आईपीएस सुरेंद्र दास की अकाल मौत से गमजदा थे। 

बेसुध हुई पत्नी, साथ ले गए परिजन
बैकुण्ठ धाम में अंतिम दर्शन की क्रिया चल ही रही थी कि इसी बीच सुरेन्द्र की पत्नी डॉ. रवीना अपने परिजनों के साथ वहां पहुंच गईं। पति का शव देख रवीना फूट-फूट कर रोने लगीं और अचानक बेसुध हो गईं। रवीना की हालत बिगड़ते देख परिजन उन्हें लेकर वापस लौट गए। इस दौरान आईपीएस सुरेन्द्र दास के कई बैचमेट और दोस्त भी मौजूद थे। सभी की आंखें नम थीं। श्रद्धांजलि देने के बाद सुरेन्द्र के पार्थिव शरीर को चबूतरे पर रखा गया। पुलिस गारद ने शस्त्र झुकाकर व मातमी धुन बजाकर शोक सलामी दी। करीब 12:30 बजे बड़े भाई नरेन्द्र दास ने चिता को मुखाग्नि दी।

डीजीपी बोले.. दो जांबाज अफसर गंवा दिए
आईपीएस सुरेन्द्र दास को श्रद्धांजलि देने बैकुण्ठ धाम पहुंचे डीजीपी ओपी सिंह काफी दुखी थे। डीजीपी का यह दर्द उनकी बात में छलक भी गया। उन्होंने कहा कि.. इस साल यूपी पुलिस ने अपने दो जांबाज अफसर गंवा दिए। इसकी भरपाई नहीं की जा सकती है। डीजीपी ने एटीएस के एडीशनल एसपी राजेश साहनी को भी याद किया। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों व कर्मियों को तनाव से बचाने के लिए काउंसलिंग, मेडिटेशन पर ध्यान दिया जाएगा। डीजीपी ने कहा कि नौजवान आईपीएस सुरेन्द्र दास की जान बचाने की हर संभव कोशिश की गई। लेकिन, ईश्वर की मर्जी के आगे किसी की नहीं चलती। डीजीपी ने शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया और कहा कि पूरा पुलिस परिवार उनके साथ है। 

नेताओं ने भी दी श्रद्धांजलि
आईपीएस सुरेन्द्र दास को श्रद्धांजलि देने के लिए कई नेता भी बैकुण्ठ धाम पहुंचे। प्रदेश सरकार के जल संसाधन व परती भूमि राज्यमंत्री उपेंद्र तिवारी, डुमरियागंज से सांसद जगदंबिका पाल और अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य सरदार परविंदर सिंह ने सुरेंद्र दास को श्रद्धांजलि दी।

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  • Web Title:people give last farewell to IPS Surendra Das in humid eyes wife raveena also reached in his last rite brother narendra das give fire