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गोरखपुर के कोर्ट परिसर में हत्या, बच्ची से रेप के आरोपी को पीड़िता के पिता ने मारी गोली

गोरखपुर कचहरी गेट पर शुक्रवार की दोपहर अपहरण और रेप के आरोपित बिहार के (35) वर्षीय दिलशाद की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वह अपने मुकदमे की तारीख पर कहचरी आया था। आरोप है कि पीड़ित लड़की के पिता...

गोरखपुर के कोर्ट परिसर में हत्या, बच्ची से रेप के आरोपी को पीड़िता के पिता ने मारी गोली
वरिष्‍ठ संवाददाता ,गोरखपुर Fri, 21 Jan 2022 02:49 PM

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गोरखपुर कचहरी गेट पर शुक्रवार की दोपहर अपहरण और रेप के आरोपित बिहार के (35) वर्षीय दिलशाद की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वह अपने मुकदमे की तारीख पर कहचरी आया था। आरोप है कि पीड़ित लड़की के पिता रिटायर्ड फौजी ने गेट पर ही उसे देखते ही उस पर ताबड़तोड़ दो गोलियां चलाईं। एक गोली आरोपित के सिर में आर-पार हो गई। मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना के बाद रिटायर्ड फौजी को साइकिल स्टैंडकर्मी ने पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया। 

कचहरी गेट पर सरेआम हुई इस वारदात बाद गुस्साए अधिवक्ताओं ने एक घंटे तक प्रदर्शन किया। सुरक्षा पर सवाल उठाते हुए उन्होंने शव उठाने से रोक दिया। एडीजी, डीआईजी और एसएसपी सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। जिला जज के हस्तक्षेप के बाद अधिवक्ता शांत हुए और पुलिस ने शव को पोस्‍टमार्टम के लिए भिजवाया।

मिली जानकारी के अनुसार बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के सकरा थाना क्षेत्र स्थित बिभीपुरा का रहने वाला ताहिर हुसैन का बेटा दिलशाद हुसैन बड़हलगंज के पटना चौराहे पर पंचर की दुकान चलाता था। आरोप है कि बड़हलगंज इलाके की रहने वाले फौजी की बेटी का 11 फरवरी 2020 को स्‍कूल से लौटते समय उसने अपहरण कर लिया था। लड़की के पिता की तहरीर पर पुलिस ने 17 फरवरी को केस दर्ज कर आरोपित दिलशाद को हैदराबाद से पकड़ लिया था। उधर, इस मामले में विवेचना के दौरान पुलिस ने रेप के साथ ही छात्र के नाबालिग होने की वजह से पॉक्‍सो एक्ट की धारा बढ़ा दी थी। आरोपित दिलशाद गोरखपुर जेंल में लंबे समय तक बंद था। बताया जा रहा है कि महीने भर पहले वह जमानत पर छूटा था। पॉक्‍सो एक्ट के तहत केस होने की वजह से सुनवाई तेज हो रही थी। शुक्रवार को केस की तारीख थी। 

कोरोना की वजह से कोर्ट परिसर में वादकारियों के आने पर रोक है। यही वजह है कि दिलशाद ने अपने अधिवक्ता शंकर शरण शुक्ला को कचहरी गेट के पास से ही फोन कर आने की सूचना दी। वह उससे मिलने गेट के बाहर आ रहे थे। उन्होंने फोन किया तो दिलशाद ने बताया वह उन्हें देख रहा। जैसे ही वह अधिवक्ता की तरफ बढ़ा, एक व्यक्ति ने दिलशाद पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। पहली गोली मिस होने पर जान बचाने के लिए दिलशाद कचहरी गेट के अंदर भागने का प्रयास किया लेकिन हत्यारोपित ने पीछे से ही उसके सिर में गोली मार दी। गोली आर-पार होकर निकल गई और वह जमीन पर गिर गया।

दिलशाद की मौत का यकीन होने के बाद ही आरोपित वहां से निकला। प्रत्‍यक्षदर्शियों का कहना है कि गोली लगने के बाद गेट के आसपास मौजूद पुलिसकर्मी भाग खड़े हुए। आरोपित भी अम्बेडकर चौराहे से एमपी इंटर कालेज की तरफ जाने वाली सड़क पर एक अहाते में पिस्टल लेकर छिपा था। इसी दौरान गेट पर साइकिल स्टैंड चलाने वाले कन्हैया ने उसकी पहचान कराई और पुलिसवालों ने उसके सहयोग से आरोपी को पकड़ लिया। आरोपित को लेकर पुलिस कैंट थाने पहुंची। वहां उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। पुलिस ने उसके पास से कत्‍ल में इस्‍तेमाल पिस्‍टल को बरामद कर लिया है। 

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