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NDA का हिस्सा बने ओपी राजभर, अमित शाह से मुलाकात कर सुभासपा-भाजपा के गठबंधन का किया ऐलान

ओम प्रकाश राजभर ने दिल्ली में अमित शाह से मुलाकात करके भाजपा-सुभासपा के गठबंधन की घोषणा की है। ओपी राजभर ने अमित से करीब एक घंटे तक विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।

NDA का हिस्सा बने ओपी राजभर, अमित शाह से मुलाकात कर सुभासपा-भाजपा के गठबंधन का किया ऐलान
Dinesh Rathourलाइव हिंदुस्तान,लखनऊSun, 16 Jul 2023 09:50 AM
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सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने सुभासपा-भाजपा के गठबंधन का ऐलान कर दिया है। पिछले कई दिनों से भाजपा-सुभासपा के गठबंधन को लेकर जो कयास लग रहे थे उन पर अब विराम लग गया है। ओम प्रकाश राजभर एक बार फिर एनडीए का हिस्सा बन गए हैं। ओम प्रकाश राजभर ने दिल्ली में अमित शाह से मुलाकात करके भाजपा-सुभासपा के गठबंधन की घोषणा की है। ओपी राजभर ने अमित से करीब एक घंटे तक विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान राजभर ने शाह के सामने तीन सीटों की मांग भी रखी हैं। तीन सीटों में से एक सीट है गाजीपुर, जहां से वह अपने बेटे अरुण राजभर को लोकसभा का चुनाव लड़ाना चाहते हैं। सूत्र बताते हैं कि गाजीपुर सीट को लेकर शाह और राजभर के बीच बात भी बन गई है। गठबंधन के बाद राजभर ने एक ट्वीट किया। राजभर ने एक ट्वीट में कहा, भाजपा और सुभासपा साथ आए। सामाजिक न्याय, देश की रक्षा-सुरक्षा, सुशासन और वंचितों, शोषितों, पिछड़ों, दलितों, महिलाओं, किसानों, नौजवानों तथा हर कमजोर वर्ग को सशक्त बनाने के लिए भारतीय जनता पार्टी और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी मिलकर लड़ेंगी।

अमित शाह ने राजभर का एनडीए में किया स्वागत

शाह ने एक ट्वीट में कहा, ओम प्रकाश राजभर से दिल्ली में भेंट हुई। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन से जुड़ने का निर्णय लिया है। मैं राजग परिवार में उनका स्वागत करता हूं। इसके साथ ही शाह ने इस मुलाकात की एक तस्वीर भी साझा की। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि राजभर के आने से उत्तर प्रदेश में राजग मजबूत होगी और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में गठबंधन द्वारा गरीबों व वंचितों के कल्याण के लिए किए जा रहे प्रयासों को और बल मिलेगा। 

योगी सरकार में मंत्री बनाए जा सकते हैं राजभर

दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री वरिष्ठ भाजपा नेता अमित शाह से मुलाकात के बाद राजभर ने एनडीए का हिस्सा बनना स्वीकार कर लिया है। इस मुलाकात के बाद यह माना जा रहा है कि जल्द ही उन्हें प्रदेश सरकार में मंत्री का ओहदा मिल जाएगा। अमित शाह से मुलाकात के दौरान राजभर के साथ उनके बड़े बेटे अरविंद राजभर भी मौजूद थे। राजभर ने अमित शाह से आम चुनाव 2024 के लिए अपनी पार्टी की रणनीति के साथ ही प्रदेश सरकार में हिस्सेदारी के मुद्दे पर बात की। भर/राजभर जातियों को अनुसूचित जनजाति में शामिल किए जाने का मुद्दा भी उठाया। सुभासपा और भाजपा के गठबंधन के बाद माना जा रहा है कि 18 जुलाई को दिल्ली में होने वाली एनडीए घटक दलों की बैठक में भी राजभर को बुलाया जा सकता है।

राजभर ने शाह के सामने तीन सीटों की रखी मांग

राजभर ने शाह के सामने लोकसभा चुनाव में कुल तीन सीटों की मांग रखी है। इनमें दो सीटें यूपी की और एक बिहार की है। यूपी की सीटें गाजीपुर और घोसी हैं। राजभर ने इन दोनों सीटों पर अपने सिंबल पर ही चुनाव लड़ने की बात भी रखी है। गाजीपुर सीट से अपने छोटे पुत्र अरुण राजभर को चुनाव लड़ाने का प्रस्ताव दिया। सूत्रों के मुताबिक बिहार में सीटें नहीं देने की स्थिति में यूपी की चंदौली या आजमगढ़ की लालगंज सीट में से एक पर दावा किया।

राजभर समुदाय में सुभासपा अध्यक्ष रखते हैं प्रभाव

राजभर ने उत्तर प्रदेश का पिछला विधानसभा चुनाव समाजवादी पार्टी (सपा) के साथ गठबंधन में लड़ा था, लेकिन उम्मीद के मुताबिक सफलता न मिलने के बाद वह सपा से अलग हो गए थे। उन्होंने पिछले साल राष्ट्रपति चुनाव में राजग उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू का समर्थन किया था। राजभर की पार्टी ने वर्ष 2017 का उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव भाजपा के साथ मिलकर लड़ा था। सरकार बनने पर राजभर को कैबिनेट मंत्री बनाया गया था, लेकिन बाद में उन्होंने गठबंधन से नाता तोड़ लिया था। ओम प्रकाश राजभर का विशेष रूप से राजभर समुदाय के बीच प्रभाव है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में इस समुदाय की अच्छी खासी तादाद है। राजभर राजग में ऐसे समय में शामिल हुए हैं, जब भाजपा अपना कुनबा बढ़ाने की कोशिश कर रही है।

भाजपा ने 18 जुलाई को बुलाई एनडीए नेताओं की बैठक

भाजपा ने संसद के मानसून सत्र से पहले 18 जुलाई को राजग की एक बैठक बुलाई है। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने सहयोगी दलों को पत्र लिखकर इस बैठक के लिए आमंत्रित किया है। नड्डा ने लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के नेता चिराग पासवान, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के जीतन राम मांझी, शिरोमणि अकाली दल (संयुक्त) के सुखदेव सिंह ढींडसा सहित विभिन्न नेताओं को पत्र लिखा है। इसमें ओमप्रकाश राजभर भी शामिल होंगे। इस बैठक को लोकसभा चुनावों से पहले सत्तारूढ़ गठबंधन के शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है। राजभर के राजग में शामिल होने से उत्तर प्रदेश में भाजपा को मजबूती मिलेगी। उत्तर प्रदेश में लोकसभा की 80 सीट है। 

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