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Hindi News उत्तर प्रदेशस्पेशल 26 की तर्ज पर इनकम टैक्‍स अफसर बनकर पहुंचे थे छापा मारने,  3 जालसाज गिरफ्तार 

स्पेशल 26 की तर्ज पर इनकम टैक्‍स अफसर बनकर पहुंचे थे छापा मारने,  3 जालसाज गिरफ्तार 

Fake officers arrested: स्पेशल 26 फिल्म की तर्ज पर आयकर अधिकारी बनकर छापा डालने पहुंचे 3 जालसाजों को एक सिपाही की सूझबूझ से शुक्रवार को एम्स पुलिस ने दबोच लिया जबकि उनका एक साथी फरार हो गया।

स्पेशल 26 की तर्ज पर इनकम टैक्‍स अफसर बनकर पहुंचे थे छापा मारने,  3 जालसाज गिरफ्तार 
Ajay Singhवरिष्ठ संवाददाता,गोरखपुरSat, 15 Jun 2024 01:15 PM
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Fake officer arrested: स्पेशल 26 फिल्म की तर्ज पर आयकर अधिकारी बनकर छापा डालने पहुंचे तीन जालसाजों को एक सिपाही की सूझबूझ से शुक्रवार को एम्स पुलिस ने दबोच लिया जबकि उनका एक साथी फरार हो गया। पुलिस ने उनके पास से फर्जी आईकार्ड व भारत सरकार आयकर विभाग का बोर्ड लगी कार बरामद की है। कार भी चोरी की होने की आशंका जताई जा रही है।

एम्स थाना क्षेत्र के कुसम्ही बाजार में रहने वाले भजनलाल सिंघड़िया स्थित एक कम्पनी के एजेंट हैं। यह कंपनी लोगों को काम के सिलसिले में विदेश भेजती है। उनका कुसम्ही में दो मंजिला मकान है। ऊपरी मंजिल में सिपाही अनिल गुप्ता किराये पर रहते हैं। शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे चार लोग एक लग्जरी कार से भजनलाल के घर पहुंचे। कार के अगले हिस्से पर आयकर विभाग, भारत सरकार लिखा था। खुद को आयकर अधिकारी बताते हुए एक ने कहा कि तुम्हारे खिलाफ शिकायत है, हमें घर की तलाशी लेनी है। भजनलाल को फर्जी आई कार्ड दिखाकर चारों ने अर्दब में लेना शुरू कर दिया। ये सब चल ही रहा था कि तब तक उनके किरायेदार सिपाही अनिल गुप्ता कहीं से आ गए। उन्हें शक हुआ तो उन्होंने पूछताछ शुरू की और कहा कि हम स्थानीय पुलिस को बुला रहे है फिर जांच करिएगा। सिपाही अनिल ने जगदीशपुर चौकी पुलिस को फोन कर दिया। इसके बाद चौकी से दरोगा प्रमोद कुमार मौके पर पहुंच गए। इस दौरान एक जालसाज मौके से फरार हो गया जबकि तीन लोग पकड़ लिए गए। पुलिस सभी को थाने ले गई। पूछताछ में पता चला कि है कि इन लोगों ने अब तक कई वारदातें की हैं। इनका चौथा साथी भजनलाल से 92 हजार रुपये लेकर फरार हो गया।

किराये पर देते थे गाड़ी, सीखे अफसरों के हावभाव 
थाने पर आए राजेश के भाई ने बताया कि वे लोग दिल्ली में रहते हैं। वे लोग इनकम टैक्स विभाग दिल्ली में गाड़ी किराए पर देते थे। कई बार अधिकारियों की गाड़ी भी चलाई थी। इससे इनकम टैक्स विभाग के लोगों से परिचय हुआ था। विभाग के अधिकारी किस तरह से छापा डालते हैं, यह हाव-भाव भी इन लोगों ने सीखा था।

भजनलाल की भी चल रही थी जांच
भजनलाल मूल रूप से देवरिया जिले के ग्राम चोरखरी पोस्ट बखिरा के रहने वाले हैं। पिछले 4 सालों से कुसम्ही बाजार में मकान बनाकर रहते हैं। भजनलाल के खिलाफ भी एम्स थाने में विदेश भेजने के नाम पर ठगी की शिकायतें आ चुकी हैं। उसकी जांच पुलिस कर रही है। इस बीच कथित आयकर अफसरों की टीम पहुंचने के बाद भजनलाल उनके अर्दब में आ गए थे। किरायेदार सिपाही ने सूझबूझ से काम नहीं लिया होता तो वह जालसाजों का शिकार बन जाते।

दिल्ली में ऑफिस, कई जगह जालसाजी
पकड़े गए आरोपियों की पहचान राजेश कुमार, उपेंद्र पांडेय और नवाजिश अली के रूप में हुई। राजेश फर्जी अधिकारी बना था, वह मूल रूप से गोरखपुर के महादेवा बाजार का रहने वाला है और इस समय दिल्ली रहता है। उसने दिल्ली में ऑफिस भी बना रखा है। उपेंद्र बिहार का जबकि नवाजिश नोएडा स्थित खोड़ा कॉलोनी का रहने वाला है। बरामद गाड़ी उपेंद्र की बताई जा रही है।