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रामलला प्राण प्रतिष्‍ठा के दिन कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में हो गया ये कमाल, छात्रसंघ ने मंदिर बनाने के प्रस्‍ताव पर लगाई मुहर

क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग में दूसरे नंबर पर कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में मंदिर निर्माण को लेकर मांग उठी है। इसे लेकर 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के दिन ही छात्र परिषद ने मुहर लगा दी।

रामलला प्राण प्रतिष्‍ठा के दिन कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में हो गया ये कमाल, छात्रसंघ ने मंदिर बनाने के प्रस्‍ताव पर लगाई मुहर
Ajay Singhनिज संवाददाता,गोरखपुरSat, 27 Jan 2024 07:08 AM
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Cambridge University:  अयोध्‍या में राममंदिर प्राण प्रतिष्‍ठा के दिन कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में कमााल हो गया। क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग में दूसरे नंबर पर काबिज इस यूनिवर्सिटी में मंदिर निर्माण को लेकर मांग उठी है। इसे लेकर 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के दिन ही छात्र परिषद ने मुहर लगा दी है। छात्र संघ की बैठक में प्रस्ताव सर्वसम्मति (26-0) से पास हुआ है। कैंब्रिज में छात्र परिषद अनिवार्य इकाई है। इससे वहां मंदिर बनने की संभावना प्रबल हो गई है। यह संभव हो सका गोरखपुर के मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के पुरातन छात्र व कैंब्रिज के छात्रसंघ अध्यक्ष वारीश प्रताप के प्रयासों से।

एमएमएमयूटी के बीटेक मैकेनिकल (वर्ष 2016 बैच) के पुरातन छात्र वारीश प्रताप मूल रूप से उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद के निवासी हैं। वे कैंब्रिज यूनिवर्सिटी से एमफिल कर रहे हैं, इस समय वे विश्वविद्यालय के छात्र संघ अध्यक्ष भी हैं। वहां मंदिर की मांग उठी तो इस पर 22 जनवरी को छात्र परिषद की बैठक आयोजित की गई। इसमें राम मंदिर या कोई एक मंदिर निर्माण की मांग का प्रस्ताव रखा गया।

आपके अपने अखबार हिन्दुस्तान से फोन पर हुई बातचीत में वारीश ने बताया कि छात्र परिषद में इस प्रस्ताव के अल्पमत की आशंका जताई जा रही थी। इसके लिए प्रस्ताव पर विधिवत चर्चा हुई। इसके बाद सर्वसम्मति बन गई, जो इस सत्र में पहली बार हुआ।

पाकिस्तानी छात्र ने उठाया था मुद्दा 
पाकिस्तानी छात्र और कैंब्रिज यूनिवर्सिटी से पीएचडी कर रहे युगल किशोर ने यूनिवर्सिटी टाउन में हिन्दू विद्यार्थियों के लिए एक भी मंदिर नहीं होने का मुद्दा उठाया था। उन्होंने तर्क दिया था कि कैंब्रिज के सभी 31 कॉलेज में से एक भी जगह मंदिर नहीं है जबकि हिन्दू छात्रों की संख्या करीब एक हजार है। आबादी के लिहाज से हिन्दू छात्र तीसरे नंबर पर हैं।

यूनिवर्सिटी और सिटी काउंसिल लेंगे मंदिर पर निर्णय
बैठक में एक मंदिर के निर्माण पर बात चली। यह मंदिर कैंब्रिज यूनिवर्सिटी टाउन या सिटी काउंसिल में कहीं भी स्थापित किया जा सकता है। मंदिर में किस देव के विग्रह की प्राण-प्रतिष्ठा होगी, यह निर्णय यूनिवर्सिटी काउंसिल और सिटी काउंसिल ही लेंगे।

प्रस्ताव का क्या होगा असर?
छात्र परिषद कैंब्रिज यूनिवर्सिटी की अनिवार्य इकाई है। छात्र परिषद जब कोई निर्णय लेता है तो उस पर विश्वविद्यालय प्रशासन को गंभीरता से विचार करना होता है। छात्र संघ अध्यक्ष होने के कारण वारीश प्रताप वर्तमान समय में कैंब्रिज विश्वविद्यालय के ट्रस्ट बोर्ड सदस्य भी हैं। इसलिए उन्हें ट्रस्ट बोर्ड की बैठक में भी इस प्रस्ताव की बाबत पक्ष रखने का मौका मिलेगा।

क्‍या बोले वारीश 
कैंब्रिज विश्वविद्यालय के छात्रसंघ अध्‍यक्ष वारीश प्रताप का कहना है कि कैंब्रिज विश्वविद्यालय और संबद्ध कॉलेजों में करीब 24 हजार विद्यार्थी पढ़ते हैं। इनमें करीब एक हजार विद्यार्थी हिंदू हैं। यूनिवर्सिटी टाउन में कहीं भी मंदिर नहीं है। लंबे समय से इसकी आवश्यकता महसूस की जा रही है। छात्र परिषद से प्रस्ताव पारित होने के बाद मंदिर निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

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