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उत्तर प्रदेशनोटबंदी के साढ़े चार साल बाद भी आ रहे बंद हो चुके 500 के नोट, आरबीआई सख्त

प्रमुख संवाददाता , कानपुरPublished By: Shivendra Singh
Thu, 10 Jun 2021 08:11 PM
नोटबंदी के साढ़े चार साल बाद भी आ रहे बंद हो चुके 500 के नोट, आरबीआई सख्त

नोटबंदी के साढ़े चार साल बाद भी करेंसी चेस्ट में पहुंच रहे 500 के पुराने नोटों को रिजर्व बैंक ने गंभीरता से लिया है। सभी करेंसी चेस्ट और बैंक शाखाओं को नोटबंदी 8 नवंबर, 2016 से 31 दिसंबर तक के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं। इन फुटेज का इस्तेमाल जांच एजेंसियां करेंगी। 

सभी बैंकों से आरबीआई ने कहा है कि नोटबंदी के दौरान की सीसीटीवी फुटेज की जरूरत वित्तीय गड़बड़ियों और धोखाधड़ी से जुड़े मामलों की जांच करने वाली केंद्रीय एजेंसियों को है। इसलिए बैंकों को नोटबंदी के दौरान की अपनी सभी शाखाओं और करेंसी चेस्ट की सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखनी होगी। ये निर्देश आरबीआई के चीफ जनरल मैनेजर पी. विजय कुमार ने दिए हैं। ये सारी कवायद इसलिए हो रही है कि आरबीआई के पास अभी तक पुरानी करेंसी के कुछ नोट पहुंच रहे हैं। अकेले कानपुर रीजन में चार साल में 5200 पुराने नोट सामंने आ चुके हैं। 

70 फीसदी शाखाओं के पास सीसीटीवी फुटेज
किसी भी बैंक ब्रांच में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग स्टोरेज क्षमता 3 से 6 महीने तक होती है पर नोटबंदी के दौरान 8 नवंबर से 31 दिसंबर की सीसीटीवी फुटेज बैंकों ने मदर बोर्ड में सुरक्षित रख ली थी। ये मदर बोर्ड बैंक में ही अति सुरक्षित लॉकरों में रखे गए हैं। शहर की 636 शाखाओं में से 500 के पास सीसीटीवी फुटेज हैं। 

करेंसी की ईंटें बनाई गईं आरबीआई में
चलन से बाहर हो चुकी करेंसी को आरबीआई में ही नष्ट किया गया है। कानपुर में पुरानी और चलन से बाहर हो चुकी करेंसी को नष्ट करने का प्लांट है। इस करेंसी को सीवीपीसी सिस्टम (करेंसी वेरीफिकेशन एंड प्रोसेसिंग) के जरिए अलग किया गया है। फिर इनके महीने टुकड़े कर ईंट यानी ब्रिक्स बनाई गईं।

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