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26 नवंबर, 2020|1:39|IST

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एनटीपीसी हादसे में खुलासा: जबरन चलाई जा रही थी यूनिट, प्रयोग हो रही थी ऑयल गन

NTPC Blast

एनटीपीसी की यूनिट नंबर छह को जबरन चलाया जा रहा है। क्लींकर फंसने के बाद यूनिट ट्रिप हुई, लेकिन उसके बाद उसे चलाने के लिए ऑयल गन का प्रयोग किया गया जबकि ऑयल गन का प्रयोग सिर्फ यूनिट शुरू करने के दौरान कोयला जलाने के लिए किया जाता है। 

चार सदस्यीय टीम की जांच में इसका खुलासा हुआ है। वहीं जांच टीम दो दिन तक जांच करने के बाद वापस चली गई। वहीं यूनिट नंबर छह को पूरी तरह से सील कर दिया गया है। उसके अंदर अब बिना एनटीपीसी प्रबंधन की अनुमति के कोई नहीं जा सकता है। 

सूत्रों की मानें तो शुक्रवार को पीडी सिवाल मेंबर-थर्मल (सीईए) की अध्यक्षता में गठित जांच दल में शामिल डायरेक्टर (प्रोजेक्ट्स) सुबीर चक्रबर्ती, धवल प्रकाश अंतापुरकर (डायरेक्टर स्टीम बॉयलर्स ऑफ महाराष्ट्र) और चीफ इंजीनियर डॉ. एलडी पांडेय की टीम की जांच के दौरान कई चौकाने वाले साक्ष्य मिले। सूत्रों की मानें तो यूनिट ट्रिप होने के बाद चल नहीं रही थी, उसे चलाने के लिए ऑयल गन का प्रयोग भी किया गया। इससे साफ होता है कि यूनिट के संचालन को लेकर अधिकारियों पर काफी दबाव था। वे एनकेन प्रकारणेन यूनिट को चलाने में जुटे थे। क्योंकि ऑयल गन का प्रयोग सिर्फ यूनिट शुरू करने के दौरान ही किया जाता है, या फिर बहुत ही कठिन परिस्थित में। लेकिन क्लींकर को निकालने के लिए जिस तरह से एनटीपीसी के प्रबंधतंत्र ने जोर जबरदस्ती की वह किसी की समझ में नहीं आ रहा है। अब तो अधिकारी भी दबी जुबान दबाव की बात कहने लगे हैं।

वहीं दो दिनों तक टीम ने हर स्तर पर जांच की। जांच करने के बाद टीम शनिवार की रात्रि वापस दिल्ली चली गई। इस टीम की जांच पर आगे की कार्रवाई तय होगी। वहीं घटना स्थल को पूरी तरह से सील कर दिया गया है। अब यूनिट नंबर छह में बिना एनटीपीसी के प्रबंधतंत्र की अनुमति के कोई नहीं जा सकता है। इसके साथ ही सीआईएसएफ ने भी सुरक्षा कड़ी कर दी है। 

प्रबंधतंत्र को अविलंब स्थानांतरित किया जाए
रायबरेली। कर्मचारी नेताओं ने एनटीपीसी हादसे के दौरान रहे प्रबंधतंत्र के अधिकारियों को अविलंब हटाने की मांग की है। इंटक के प्रांतीय नेता डीसी मिश्रा, सीटू के जिलाध्यक्ष खुशीराम चौधरी एवं एचएमएस के जिला महामंत्री अरविन्द सिंह राठौर एवं शिवबालक जोशी  भारतीय मजदूर संध रायबरेली ने अपने अकुशल  प्रबंधन के कारण फैक्ट्री में भीषण हादसा हुआ है। मजदूर नेताओं ने कहा कि मृतक एवं दुर्घटना से सम्बन्धी कौन-कौन श्रमिक कब से कार्य कर रहा था और कितने संविदाकारों के द्वारा कितने श्रमिकों का सीआईएसएफ द्वारा गेटपास जारी किया गया था। 

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  • Web Title:NTPC unit was being used for forced labor