ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News उत्तर प्रदेशअब मेरठ मेट्रो के संचालन की तैयारी तेज, पहली रैक तैयार, हुआ अनावरण

अब मेरठ मेट्रो के संचालन की तैयारी तेज, पहली रैक तैयार, हुआ अनावरण

नमो भारत ट्रेन के साथ अब मेरठ मेट्रो के संचालन की तैयारी तेज है। पहली रैक तैयार हो गई है। इसका अनावरण भी हो गया है। जल्द मेट्रो का ट्रायल भी किया जाएगा। 

अब मेरठ मेट्रो के संचालन की तैयारी तेज, पहली रैक तैयार, हुआ अनावरण
Deep Pandeyहिन्दुस्तान,मेरठSat, 17 Feb 2024 07:43 AM
ऐप पर पढ़ें

दिल्ली-मेरठ नमो भारत ट्रेन के साथ अब मेरठ मेट्रो के संचालन की तैयारी तेज हो गई है। शुक्रवार को मेरठ मेट्रो की पहली रैक का गुजरात के सांवली में अनावरण कर दिया गया। मेरठ मेट्रो तीन रैक की है, जिसका संचालन मेरठ साउथ (परतापुर तिराहे) से मोदीपुरम के बीच होगा। जल्द मेट्रो का ट्रायल भी किया जाएगा। शुक्रवार को मेरठ मेट्रो की पहली रैक के लोकार्पण को लेकर गुजरात के सांवली में विशेष कार्यक्रम किया गया। सावली स्थित एल्सटॉम कंपनी के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में मेरठ मेट्रो के पहले ट्रेनसेट की पहली झलक का अनावरण किया गया। मेरठ मेट्रो की पहली ट्रेनसेट को एनसीआरटीसी को सौंपा गया।

एनसीआरटीसी के एमडी विनय कुमार सिंह ने अपर मुख्य सचिव नितिन रमेश गोकर्ण, परियोजना निदेशक अनिल कुमार सिंगारिया, निदेशक इलेक्ट्रिकल एवं रोलिंग स्टॉक महेंद्र कुमार, निदेशक सिस्टम एवं ऑपरेशंस नवनीत कौशिक, निदेशक वित्त नमिता मेहरोत्रा, एल्सटॉम के एमडी ओलिवियर लोइसन व अन्य गणमान्य लोगों की उपस्थिति में बटन दबाकर मेरठ मेट्रो ट्रेनसेट का अनावरण किया। एल्सटॉम के प्रबंध निदेशक (एमडी) ने एनसीआरटीसी के एमडी को औपचारिक रूप से मेरठ मेट्रो ट्रेनसेट की चाबियां सौंपी। इस ट्रेन सेट अनावरण और ट्रेन सौंपने के साथ मेरठ मेट्रो के ट्रेनसेट डिलीवरी प्रक्रिया शुरू हो गई है। पहला ट्रेनसेट जल्द एनसीआरटीसी के दुहाई डिपो में पहुंचेगा। उसके बाद आगे की कार्रवाई होगी। 

शहरी विकास मंत्री हरदीपपुरी ने दी शुभकामनाएं 
शहरी विकास एवं आवास मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने अपने वीडियो संदेश से इस अवसर के लिए एनसीआरटीसी और मेरठ की जनता को शुभकामनाएं साझा की। उन्होंने कहा सरकार ने वर्ष 2014 से शहरी निवासियों के लिए उपलब्ध सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार पर जोर दिया है। 2014 में मेट्रो नेटवर्क का विस्तार महज 248 किमी तक था, जिसे अब 905 किमी तक बढ़ा दिया गया है। रैपिड रेल कॉरिडोर और मेरठ मेट्रो इस परिवर्तन के महत्वपूर्ण उदाहरण हैं। इस ओर अब तक हुई अभूतपूर्व प्रगति ने भारत को दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क बनाने की ओर बढ़ा दिया है। उन्होंने मेरठ मेट्रो और रैपिड की उपलब्धि पर एनसीआरटीसी और एल्सटॉम की टीम को बधाई दी। 
 
मेरठ में दौड़ेगी मेट्रो की 10 ट्रेनसेट

एनसीआरटीसी अधिकारियों के अनुसार मेरठ मेट्रो के लिए तीन कोच वाले 10 ट्रेनसेट की डिलीवरी होगी। 15 साल की अवधि के लिए इनका रखरखाव भी निर्माण कंपनी एल्सटॉम करेगी। ये ट्रेनसेट आकर्षक और आधुनिक डिज़ाइन के साथ ऊर्जा की बचत करने में सक्षम हैं। ऑटोमैटिक ब्रेकिंग सिस्टम से लैस है। स्वचालित ट्रेन सुरक्षा (एटीपी), स्वचालित ट्रेन नियंत्रण (एटीसी) और स्वचालित ट्रेन संचालन (एटीओ) के साथ संगत होंगे। इस मेट्रो ट्रेन की अधिकतम परिचालन गति 120 किमी प्रति घंटा है।

मेरठ मेट्रो ट्रेनसेट की विशेषताएं
मेरठ मेट्रो के डिज़ाइन में बेहद आकर्षक और आधुनिक सुविधाओं को शामिल किया है। यात्रियों को अधिकतम आराम, सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। ट्रेनें वातानुकूलित होंगी। आरामदायक बैठने की व्यवस्था, सामान रखने की रैक, ग्रैब हैंडल, यूएसबी डिवाइस चार्जिंग सुविधा और नए जमाने के यात्रियों के लिए आवश्यक अन्य कई सुविधाएं शामिल हैं। एक मेट्रो में 700 यात्रियों के सफर करने की सुविधा रहेगी। आरामदायक खड़े होने की जगह, सामान रखने के रैक, सीसीटीवी कैमरे, डायनामिक रूट मैप्स, इंफोटेनमेंट सिस्टम, रोशनी-आधारित स्वनियंत्रित प्रकाश व्यवस्था और अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। 

23 किमी का है मेरठ मेट्रो कॉरिडोर     
मेरठ मेट्रो कॉरिडोर की लंबाई 23 किमी है, जिसमें 18 किमी का हिस्सा एलिवेटेड है और पांच किमी का सेक्शन भूमिगत है। मेरठ में कुल 13 स्टेशन हैं, जिनमें से नौ स्टेशन एलिवेटेड और तीन स्टेशन भूमिगत स्टेशन हैं। एक स्टेशन (डिपो स्टेशन) ग्राउंड लेवल पर होगा।

मेरठ मेट्रो के स्टेशन 
मेरठ साउथ (एलिवेटेड), परतापुर (एलिवेटेड), रिठानी (एलिवेटेड), शताब्दी नगर (एलिवेटेड), ब्रह्मपुरी (एलिवेटेड), मेरठ सेंट्रल (भूमिगत), भैंसाली (भूमिगत), बेगमपुल (भूमिगत), एमईएस कॉलोनी (एलिवेटेड), डौरली (एलिवेटेड), मेरठ नॉर्थ (एलिवेटेड), मोदीपुरम (एलिवेटेड), और मोदीपुरम डिपो (धरातल पर) पर मेट्रो की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मेरठ साउथ, शताब्दी नगर, बेगमपुल और मोदीपुरम स्टेशनों पर रैपिड के साथ मेट्रो सेवाएं उपलब्ध होंगी, जहां लोग सुविधानुसार ट्रेन बदल सकेंगे। मेरठ के अन्य स्टेशनों पर सिर्फ मेट्रो सेवाएं उपलब्ध होंगी।

हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें