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यूपी में लिफ्ट या एस्केलेटर लगाने से पहले अब सरकार से लेनी होगी अनुमति, योगी कैबिनेट का फैसला

यूपी सरकार यूपी में लिफ्ट और एस्केलेटर से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए विधेयक लाने जा रही है। इसके लिए उत्तर प्रदेश लिफ्ट और एस्केलेटर विधेयक-2024 के प्रारूप को मंजूरी दे दी गई है।

यूपी में लिफ्ट या एस्केलेटर लगाने से पहले अब सरकार से लेनी होगी अनुमति, योगी कैबिनेट का फैसला
Dinesh Rathourविशेष संवाददाता,लखनऊMon, 05 Feb 2024 10:22 PM
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यूपी सरकार यूपी में लिफ्ट और एस्केलेटर से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए विधेयक लाने जा रही है। इसके लिए उत्तर प्रदेश लिफ्ट और एस्केलेटर विधेयक-2024 के प्रारूप को मंजूरी दे दी गई है। इसके आधार पर अब इसे लगाने से पहले ऊर्जा विभाग से अनुमति लेना होगा और हर साल इसकी सर्विसिंग कराना अनिवार्य होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट की बैठक में यह फैसला हुआ। देश के अन्य राज्यों महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, दिल्ली और हिमांचल प्रदेश में लिफ्ट एक्ट लागू है। इसका उपयोग अक्सर बुजुर्ग, बच्चे और निशक्त व्यक्तियों द्वारा अधिक किया जाता है। इसका उपयोग करते समय इसकी सुरक्षा काफी जरूरी है। इसको ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार विधेयक लाकर सुरक्षा मानक का पालन करना अनिवार्य करने जा रही है।

इनका वार्षिक सर्विसिंग कराना अनिवार्य होगा। बहुमंहिला भवनों में बिल्डरों द्वारा स्थापित की गई लिफ्ट में सुरक्षा के जरूरी उपाय करने होंगे। मौजूदा समय सुरक्षा मानकों का पालन न किए जाने से आए दिन दुर्घाटनाएं होने की शिकायतें मिलती रहती हैं। इसे ध्यान में रखते हुए उनके निर्माण, गुणवत्ता, अंतनिर्हित सुरक्षा सुविधाओं, स्थापना, संचालन और रख-रखाव के लिए निर्धारित प्रासांगिक कोड और प्रक्रियाओं का पालन अनिवार्य किया जा रहा है।

महाकुंभ में टेंट सिटी व फर्नीचर लेने पर खर्च होंगे 231 करोड़

यूपी सरकार प्रयागराज में संगम तट पर अगले साल लगने वाले महाकुंभ मेले में टेंट सिटी बनाने, फर्नीचर लेने  और आईसीटी बेस्ड मानीटरिंग व्यवस्था पर 231.85 करोड़ रुपये खर्च करेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट की बैठक में यह फैसला हुआ। प्रयागराज में गंगा, यमुना व सरस्वती के पवित्र संगम पर हर वर्ष माघ मेला लगता है। छह साल पर कुंभ और 12 साल पर महाकुंभ मेले का आयोजन होता है।

प्रयागराज मेल प्राधिकरण द्वारा 13 जनवरी से 26 फरवरी 2025 तक आयोजित होने वाले महाकुंभ मेले के लिए टेंट सिटी, टिन संरचना, फर्नीचर और आईसीटी बेस्ड मानीटरिंग व्यवस्था के लिए कार्ययोजना तैयार की है। महाकुंभ के अवसर पर देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं, पर्यटकों और अतिथियों के लिए व्यवस्था की जानी है। इसके साथ ही पार्किंग की सुविधा भी दी जानी है।

इसके लिए कुंभ मेला 2019 की दरों में 28.80 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी और टेंटेज व टिन स्ट्रक्चर और फर्नीचर की मात्रा 200 प्रतिशत के साथ विभागों की मात्रा का 125 प्रतिशत तक मानते हुए आंकलन किया गया है। कार्ययोजना की ईएफसी 19 जनवरी 2024 को संपन्न हुई। प्रस्तावित लागत 250.65 करोड़ में 7.5 प्रतिशत की कटौती करते हुए 231.85 करोड़ की स्वीकृति प्रदान करते हुए कैबिनेट से प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

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