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Exclusive Interview: कैराना, जिन्ना, अब्बाजान को क्यों मुद्दा बना रही BJP? CM योगी आदित्यनाथ का जवाब

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दावा करते हैं कि बीते पांच वर्षों में उनकी सरकार ने अपने कार्यों से प्रदेश की पहचान बदली है। कानून-व्यवस्था, विकास, युवाओं को रोजगार, महिलाओं के जीवन में...

Exclusive Interview: कैराना, जिन्ना, अब्बाजान को क्यों मुद्दा बना रही BJP? CM योगी आदित्यनाथ का जवाब
Sudhir Jhaहिन्दुस्तान,लखनऊMon, 24 Jan 2022 09:29 AM

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दावा करते हैं कि बीते पांच वर्षों में उनकी सरकार ने अपने कार्यों से प्रदेश की पहचान बदली है। कानून-व्यवस्था, विकास, युवाओं को रोजगार, महिलाओं के जीवन में बदलाव और किसानों के मोर्चे पर किए गए कामों को गिनाने के लिए सूची और आंकड़े हैं। भाजपा की सरकार फिर आई तो अगले पांच वर्षों में और क्या-क्या होगा, इसका विजन भी बताते हैं। विपक्ष जिन मुद्दों पर सरकार को घेरने में लगा है, उनमें जवाब भी देते हैं। प्रस्तुत है हिन्दुस्तान के चुनावी अभियान ‘आओ राजनीति करें’ के तहत योगी आदित्यनाथ से हिन्दुस्तान के प्रधान संपादक शशि शेखर की बातचीत के प्रमुख अंश।

●पांच साल हो रहे हैं आपकी हुकूमत को। पांच ऐसे काम क्या हैं, जो आपको संतोष देते हैं?

उत्तर प्रदेश को उसकी अपनी पहचान वापस दिलाना, उत्तर प्रदेश के बारे में जो एक धारणा थी कि यूपी में दंगे होते हैं, यूपी में अराजकता है, यूपी में गुंडागर्दी है, यूपी में विकास की सोच नहीं है, हमने उस धारणा को बदला है। यूपी सुरक्षा के मुद्दे पर, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के मुद्दे पर, किसानों को मिलने वाली सहायता के मुद्दे पर, विकास की योजनाओं के साथ-साथ सुशासन से जुड़ी हुई भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था के मुद्दे पर और गरीब कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से योजनाओं को अंतिम पायदान पर बैठे हुए व्यक्ति तक पहुंचाने में आज उत्तर प्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में है। अनगिनत कार्यों की शृंखला है, जिसे हम पांच कार्यों में ही समेट नहीं सकते। हमने प्रदेश की 25 करोड़ जनता, प्रदेश की हर बेटी को सुरक्षा देने का जो वायदा किया था, उसमें सफल हैं। प्रदेश को अच्छा इंफ्रास्ट्रक्चर देने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है, उसमें हमने देश में कुछ मानक स्थापित किए हैं। सुरक्षा, सुशासन और विकास, इन तीनों मुद्दों पर जनता जनार्दन की अदालत में जो वायदे किए थे, हमने उनको पूरा किया और 2022 के विधानसभा चुनावों में हम खरे उतरेंगे।

● कोई ऐसा काम जिसके लिए आपको समय मिलना चाहिए?

उत्तर प्रदेश को देश की नंबर एक अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करना।

● आपको लगता है कि पांच साल में संभव है?

पिछले पांच साल के दौरान उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में दोगुने से अधिक की वृद्धि हुई है। प्रति व्यक्ति आय 45 हजार वार्षिक से बढ़कर लगभग 90 हजार रुपये वार्षिक से ज्यादा हो चुकी है। सही मायने में आप कहें, तो उत्तर प्रदेश में हमारी सरकार को कार्य करने के लिए तीन ही साल मिले हैं। दो साल तो कोरोना में बीत रहे हैं। यूपी की अर्थव्यवस्था को देश की नंबर एक अर्थव्यवस्था बनाने के लिए हमने कुछ मानक तय किए हैं और उस पर हमारा कार्य चल रहा है। यूपी इसमें सफल होगा।

● इतने काम के बावजूद युवा आंदोलित हैं। उनको लगता है कि रोजगार के साधन नहीं उपलब्ध हो रहे, तो रोजगार उतना नहीं बढ़ पाया उत्तर प्रदेश में, जितना बढ़ना चाहिए?

इस बात से इसलिए सहमत नहीं हूं कि 2016-17 में जब उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार थी, तब उत्तर प्रदेश की बेरोजगारी दर लगभग 18 फीसदी थी। आज वह घटकर 4.9 प्रतिशत पर आ गई है। हमने यहां पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ पांच लाख नौजवानों को प्रदेश में सरकारी नौकरी दी है। एक करोड़ 61 लाख से अधिक युवाओं को निजी क्षेत्रों में नौकरी की सुविधा दी है। साठ लाख लोगों को परंपरागत उद्यम में, एमएसएमई के अंतर्गत वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट के माध्यम से स्वत: रोजगार के साथ आगे बढ़ाने का काम किया है। 21 सेक्टोरियल पॉलिसी लागू की है, ये न केवल निवेश से संबंधित हैं, बल्कि निवेश के साथ-साथ रोजगार से भी जुड़ी हुई हैं और उसी का परिणाम है कि यूपी की बेरोजगारी दर इतनी कम हुई है। किसी भी राज्य से तुलना करें, यूपी बेहतरीन स्थिति में है, पर अभी भी इसमें बहुत कुछ किया जाना बाकी है।

 

● आप हमेशा भ्रष्टाचार पर भी जीरो टॉलरेंस की बात करते हैं, लेकिन रिवर फ्रंट घोटाले में लोग मानते हैं कि जितनी कार्रवाई होनी चाहिए थी, उतनी नहीं हुई। क्या आपको लगता है कि भ्रष्टाचार के मोर्चे पर सरकार उसी तरह लड़ाई लड़ पाई, जितनी कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर लड़ी है?

हम लोग जब आए, तो अपराध और अपराधियों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति की बात हमने की थी और भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों के प्रति भी जीरो टॉलरेंस की नीति की बात की थी। गोमती रिवर फ्रंट के मामले को लेकर भी हमारी सरकार ने जांच सीबीआई को दी। कुछ लोग जेल जा चुके हैं, कुछ लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी बाकी है।

● पहले चरण में चुनाव पश्चिम यूपी में हैं। वहां गन्ना किसानों का कहना है कि पांच साल में सिर्फ एक बार गन्ने की कीमत बढ़ाई गई। इस संबंध में आप क्या कहना चाहेंगे?

हमारे पास प्रदेश के अंदर 45 लाख गन्ना किसान हैं और गन्ना किसानों के हित के लिए प्रदेश सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। हम लोग जब आए थे 2017 में, तब उत्तर प्रदेश में आठ वर्ष का गन्ना मूल्य का भुगतान बकाया था। 2009-10 से लेकर 2017-18 तक का। हमारी सरकार ने इस दौरान एक लाख 55 हजार चार सौ करोड़ रुपये से अधिक का गन्ना मूल्य भुगतान कर दिया है। अगर आप 2003 से लेकर 2017 तक के 14 वर्षों के कार्यकाल को देखेंगे, तो इसमें इतने गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं हुआ था। सपा-बसपा की सरकार के समय प्रदेश की 21 चीनी मिलें बंद कर दी गईं और औने-पौने दामों में बेच दी गई थीं। हमने चीनी मिलों को फिर से चलाना शुरू किया। नई चीनी मिलें स्थापित कीं। आज प्रदेश के अंदर 119 चीनी मिलें हम लोग चला रहे हैं। प्रति क्विंटल चालीस रुपये हमारी सरकार ने वृद्धि की है। किसान समय से गन्ना मूल्य का भुगतान चाहता है। अभी जो सीजन चल रहा है 21-22 का, इसमें 70 फीसदी गन्ना मूल्य का भुगतान हो चुका है। दो करोड़ चौवन लाख किसानों के खाते में प्रधानमंत्री किसान निधि का लाभ जा रहा है। 86 लाख किसानों का 36 हजार करोड़ का कर्ज माफी का कार्यक्रम हमारी सरकार ने किया है। वर्षों से लंबित सिंचाई की परियोजनाएं थीं। वाण सागर परियोजना, अर्जुन सहायक परियोजना, बंडई परियोजना, सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना, हमारी सरकार ने पूरी की हैं। हर खेत को पानी, उपज का उचित दाम, शासन की योजनाओं का किसानों को लाभ चाहिए, ये सब भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन की सरकार ने उन्हें दिया है।

● उत्तर प्रदेश में किसानों की आय दोगुनी हुई आपके आंकड़े बताते हैं। प्रदेश में किसान व्यवसायी के तौर पर स्थापित हो, ताकि पलायन न हो, इसके लिए कोई योजना है?

हमारे यहां अन्नदाता किसानों ने बहुत सारे नवाचार किए हैं और सचमुच, जब अपने अन्नदाता किसानों को मैं देखता हूं तो मेरा मन उनका अभिनंदन करने को होता है। आपने देखा होगा, आज हमारे यहां कई जनपदों में आधुनिक तकनीक से खेती हमारे किसान कर रहे हैं। कहीं ड्रेगन फूड, तो कहीं एस्ट्रॉबेरी की हो रही है। किसानों की आमदनी में कई गुना वृद्धि हुई है। सामान्य किसान की आमदनी भी दोगुनी हुई है। एमएसपी के माध्यम से भी लागत का डेढ़ गुना से अधिक दाम दिया जा रहा है।

● आरोप है कि छुट्टा पशु उनकी फसल खा जाते हैं?

ये निराश्रित गोवंश की एक समस्या प्रदेश में थी, थोड़ी बहुत अभी भी है, लेकिन सरकार उसका समाधान करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। ये समस्या बहुत से कारणों से हुई। हमने जितने भी अवैध बूचड़खाने थे, सब बंद कर दिए। हम गौ कटने नहीं देंगे, लेकिन अन्नदाता किसानों की फसल को भी नष्ट होने नहीं देंगे, ये हमारा संकल्प था, हम उस संकल्प पर आज भी अडिग हैं। हमने हर किसान को तीन प्रस्ताव दिए। एक निराश्रित गोवंश को आश्रयस्थल। पांच हजार पांच सौ से अधिक गौशालाएं हम संचालित कर रहे हैं, प्रदेश के अंदर और इसमें सात लाख से अधिक गौवंश हमारे पास हैं। दूसरा कार्य है, उसमें सहभागिता योजना। कोई भी किसान हमारे निराश्रित गोवंश आश्रयस्थल से चार गोवंश तक अपने पास रख सकता है, और उसमें हर गोवंश का 900 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से हम उस परिवार को देते हैं। आप आश्चर्य करेंगे कि लगभग एक लाख गोवंश सहभागिता योजना के माध्यम से हमने किसानों को दिए हैं और लगभग पंद्रह हजार गोवंश हमने पोषण मिशन के अंतर्गत उपलब्ध कराए हैं।

● लोगों का आरोप है कि महंगाई बहुत बढ़ गई है और बहुत परेशानी हो रही है। महंगाई को चुनाव में मुद्दा बनाने की बात हमेशा होती है?

देखिए, महंगाई को एक मुद्दा बनाने का प्रयास हुआ है। ये मुद्दा भारत का ही नहीं, दुनिया का है। इस सदी की सबसे बड़ी महामारी का सामना हम कर रहे हैं। आज गरीब को राहत देने के लिए ही मुफ्त खाद्यान्न योजना लागू है। 80 करोड़ लोगों को पीएम अन्न योजना के माध्यम से मुफ्त राशन उपलब्ध हो रहा है और उत्तर प्रदेश में तो डबल इंजन की सरकार ने हर महीने दो-दो बार हर गरीब को मुफ्त में खाद्यान्न उपलब्ध कराया है।

● टीम वर्क पर आपने बात की, पर आपकी टीम के कुछ सदस्य चुनाव से ऐन पहले दूसरी जगह चले गए?

हम किसी को रोक तो सकते नहीं। भाजपा में भी कहीं और से आए थे। कुछ अतृप्त आत्माएं होती हैं, जो कभी तृप्त नहीं होती हैं। जनता देख रही है, वक्त आने पर जवाब देगी।

● माना जा रहा है कि इन्होंने एक सामाजिक समीकरण की संरचना की थी, भाजपा के साथ मिलकर। आपको लगता है कि चुनाव में उस पर कोई दिक्कत आने वाली है?

सामाजिक न्याय क्या है? एक गरीब के हक पर डकैती डालना क्या सामाजिक न्याय है? बेटियों की सुरक्षा के साथ खतरा पैदा करना क्या सामाजिक न्याय है? एक गरीब को शासन की सुविधा मिल जाए, उसके जीवन को आसान बना दिया जाए, तो ये सामाजिक न्याय है। समाजवादी पार्टी की सरकार में पांच वर्ष में 18 हजार लोगों को मकान अनुमोदित हुए थे, दिया एक को भी नहीं था। हमारी सरकार के समय में पैंतालीस लाख गरीब लोगों को आवास मिला है। ये सही मायने में सामाजिक न्याय है, बिना भेद-भाव के। न जाति, न मजहब, न क्षेत्र, न भाषा।

● राम मंदिर निर्माण में भी आपकी बड़ी भूमिका है, तो फिर आपने अयोध्या से चुनाव क्यों नहीं लड़ा?

मेरे दादा गुरु जी और मेरे गुरु जी अयोध्या में राम जन्मभूमि आंदोलन में अग्रिम पंक्ति के नेतृत्वकर्ताओं में शामिल थे। ये मेरा सौभाग्य है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या में श्री राम मंदिर का निर्माण श्री राम जन्म भूमि मंदिर ट्रस्ट द्वारा प्रारंभ हुआ है, तब मुझे प्रदेश में पार्टी ने मुख्यमंत्री के रूप में सेवा का अवसर दिया है। अयोध्या मेरे लिए आस्था का केन्द्र बिंदु है, राजनीति का नहीं है। और पार्टी ने जहां से उपयुक्त समझा, वहीं से चुनाव लड़ाया।

आपने रोजगार दिए, प्रति-व्यक्ति आमदनी कहीं से कहीं पहुंच गई, इसके बावजूद लोग कहते हैं कि आखिर कैराना, जिन्ना, अब्बाजान, इन मुद्दों की जरूरत क्यों पड़ती है?
ये सुरक्षा से जुड़े मुद्दे हैं। 2017 के पहले नागरिकों को कैराना से पलायन के लिए मजबूर होना पड़ा था। 2017 के बाद सुरक्षा का एक बेहतर वातावरण है। आज यहां से व्यापारी या नागरिक नहीं, बल्कि अपराधी पलायन करता है। यही बुनियादी अंतर है। माफियाओं के घरों पर बुलडोजर चलते हैं, ये बदली हुई परिस्थितियां हैं।

विपक्ष का आरोप है कि बुलडोजर कुछ लोगों पर चलते हैं, कुछ खास लोगों पर नहीं चलते?
अपराधी कोई भी हो, हमने उसकी जाति और मजहब नहीं देखा। अगर उसने अनैतिक तरीके से सरकारी संसाधनों में लूट मचा करके सार्वजनिक संपत्ति पर, व्यापारी की संपत्ति पर, गरीब की संपत्ति पर कब्जा किया है, तो हमने उस पर कार्रवाईकरने में कोई संकोच नहीं किया है। हमारी ही सरकार है, जो प्रयागराज में एक माफिया के अवैध कब्जे से सौ एकड़ से अधिक भूमि मुक्त कर गरीबों के लिए आवासीय स्कीम बना रही है।

ये सिलसिला जारी रहेगा?
ये सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। इसी संकल्प के साथ हम लोग 2022 के विधानसभा चुनाव में भी आए हैं।

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