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29 अक्तूबर, 2020|4:26|IST

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गुड न्‍यूज: सीएम की सिटी में फटाफट होंगे उद्योगों से जुड़े काम, गीडा में लागू हुई ये नई व्‍यवस्‍था

गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) कार्यालय में किसी भी काम के लिए बाबू उद्यमियों को दौड़ा नहीं पाएंगे। ऐसा गीडा में सिटीजन चार्टर लागू होने के चलते होगा। कमिश्नर ने बीतें दिनों उद्योग बंधु की बैठक में कमिश्नर से सिटीजन चार्टर लागू करने का निर्देश दिया था। 

गीडा में विभिन्न प्रकार के फाइलों पर महीनों लटकाए रखा जाता था। सर्वाधिक दिक्कत मानचित्र स्वीकृति में हो रहा था। उद्यमी ने इसकी शिकायत की थी। इसका खामियाजा उद्यमियों को भुगतना भड़ता था। मंडलीय उद्योग बंधु में शिकायत के बाद कमिश्नर ने सिटीजन चार्टर बनाने का निर्देश दिया था। इसके बाद सोमवार को सिटीजन चार्टर तैयार करते हुए गीडा सीईओ ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया। सिटीजन चार्टर लागू करने व विकास के लिए कमेटी गठित करने पर चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज की ओर से उपाध्यक्ष आरएन सिंह ने सीईओ गीडा के प्रति आभार जताया है।

विकास की रूपरेखा बनाने को गठित हुई कमेटी
सीईओ संजीव रंजन ने प्रस्तावित परियोजनाओं के क्रियान्वयन एवं गीडा के विकास के लिए रूपरेखा बनाने को कमेटी का गठन किया है। इस कार्य की जिम्मेदारी प्रबंधक सिविल संजय तिवारी, सहायक प्रबंधक सिविल बृजेश कुमार व रामकुमार को दी गई है। यह टीम गीडा के सभी महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर कार्य करेगी। महायोजना 2032 के अनुसार पांच वर्ष के लिए नियोजित विकास की स्पष्ट रूपरेखा तैयार की जाएगी औरहर माह इसकी समीक्षा की जाएगी। 

आवेदन के प्रकार तय अधिकतम समय सीमा
- बैंकों द्वारा मांगे जाने वाले अनापत्ति प्रमाणपत्र (एक सप्ताह)
- अदेयता प्रमाणपत्र (नो ड्यूज) - (21 दिन)
- हस्तांतरण एवं संविधान परिवर्तन - (एक माह)
- समय विस्तारीकरण - (एक माह)
- कब्जा कराने हेतु आवेदन - (15 दिन)
- वरासत - (15 दिन)
- रजिस्ट्री कराने के लिए आवेदन - (07 दिन)
- अन्य आवेदन - (15 दिन)

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  • Web Title:now citizen charter in gorakhpur industrial development authority