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Hindustan Special: राजस्थान ही नहीं अब पीलीभीत में भी राज परिवार की कोठी करेगी सैलानियों की मेजबानी

जिनकी चीनी मिल के अस्तित्व में आने के बाद मिनी पंजाब यानि पीलीभीत जिला मुख्यालय बना। उनकी एक और नई पहल पर्यटन के क्षेत्र में मिसाल बनने जा रही है। पीलीभीत में सौ साल से अधिक पुरानी ‘राजा साहब की...

Hindustan Special: राजस्थान ही नहीं अब पीलीभीत में भी राज परिवार की कोठी करेगी सैलानियों की मेजबानी
Dinesh Rathourप्रसून शुक्ल,पीलीभीतMon, 26 Feb 2024 11:01 PM
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जिनकी चीनी मिल के अस्तित्व में आने के बाद मिनी पंजाब यानि पीलीभीत जिला मुख्यालय बना। उनकी एक और नई पहल पर्यटन के क्षेत्र में मिसाल बनने जा रही है। पीलीभीत में सौ साल से अधिक पुरानी ‘राजा साहब की कोठी’ को हैरिटेज होटल में शामिल होने जा रही है।पीलीभीत में शहर के बीचो बीच साहूकारा मोहल्ले में राज परिवार की आलीशान कोठी है। बड़े बड़े महानगरों में काम धंधे में व्यस्त हो चुके राज परिवार के लोग अब पीलीभीत टाइगर रिजर्व के बढ़ते नाम और रसूख के चलते अपनी 137 साल पुरानी हवेली को पर्यटन और हैरीटेज से जोड़ना चाहते हैं। इसके लिए पहल करते हुए राज परिवार की चौथी पीढ़ी ने पर्यटन विभाग को बाकायदा प्रस्ताव दिया है। कोठी के मालिक राज परिवार के प्रतिनिधि कुंवर सिद्धार्थ प्रसाद कहते हैं कि हम सभी लोग अब ज्यादातर बाहर रहते हैं। कोठी को हैरीटेज क्लासिक होटल के अंतर्गत प्रस्ताव बना कर आवेदन किया है। इससे कोठी की देखरेख भी बेहतर होती रहेगी। साथ ही पर्यटन के क्षेत्र में हम अपने जिले के लिए कुछ अतिरिक्त योगदान दे सकेंगे। 

20 कमरे का होगा हैरिटेज होटल

आजादी के समय से पहले वर्ष 1905 में बनी आलीशान कोठी में करीब बीस कमरे हैं। इसके अलावा खेल कूद के लिए अलग से टेरिस यार्ड समेत बागवानी का एरिया इस कोठी की पहचान रही है। पर्यटन विभाग के अनुसार इस प्रोजेक्ट का बजट 15 करोड़ होगा। इस हैरिटेज होटल में पीलीभीत राजघराने की शाही जीवनशैली व पुराने अंदाज को बरकरार रखा जाएगा। इसे खासतौर पर पीलीभीत की सैर पर आने वाले विदेशी और वीआईपी पर्यटकों के लिए तैयार किया जाना है।

आएगी राजस्थान के किले जैसी फीलिंग

माना तो यह जा रहा है कि राज परिवार का महल मंडल का पहला ऐसा आलीशान भवन होगा जो देशी और विदेशी आने वाले सैलानियों के लिए राजस्थान के किले में घूमने जैसी फीलिंग देगा। पास में ही राजा साहब के मंदिर उपनाम से प्रसिद्ध राधारमण मंदिर भी यहां राज परिवार की ही देन है। इसकी कलाकृति अनूठी शैली में है। हर बार ही जन्माष्टमी पर्व पर यहां बेमिसाल आयोजन यहां किया जाता है। राज परिवार से जुड़ा आयुर्वेदिक कॉलेज भी जिले के लिए एक अहम योगदान है।

137 साल पुराना है हवेली का इतिहास

पीलीभीत शहर के चौक बाजार में स्थित हवेली शहर में “राजा साहब की कोठी” के नाम से पहचान रखती है। इस हवेली की नींव पीलीभीत के राजा लालता प्रसाद और राजा हर प्रसाद ने सन 1886 में रखी थी। राज परिवार के सदस्यों का कहना है कि हैरिटेज होटल के रूप में इसे संवारने का काम अप्रैल में शुरू कराया जाएगा। 

पीलीभीत के पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी बीपी सिंह ने बताया कि पीलीभीत में एक हैरिटेज होटल बनाए जाने का प्रस्ताव मिला है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर नवीन खंडेलवाल का मानना है कि इस हैरिटेज होटल के निर्माण से पीलीभीत के पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। यहां आने वाले सैलानी पीलीभीत के इतिहास व संस्कृति को बेहतर ढ़ंग से समझ सकेंगे।

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