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नोएडा-ग्रेटर नोएडा सहित औद्योगिक विकास प्राधिकरण कर्मियों को मिला सातवां वेतनमान

प्रतीकात्मक तस्वीर

उत्तर प्रदेश सरकार ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा सहित औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों का लाभ देने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में यह फैसला किया गया।

फैसले की जानकारी देते हुए राज्य सरकार के प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के दायरे में शामिल नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेस वे, लीडा, यूपीडा और गीडा के अधिकारियों और कर्मचारियों को पहली जनवरी 2016 से सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों का लाभ दिया जाएगा। एक विशेष बात यह है कि यूपीएसआईडीसी से यूपीसीडा बने प्राधिकरण में पहले से ही सातवें वेतन का लाभ दिया जा रहा है। सातवें वेतन पर कुल अतिरिक्त खर्च 1.40 करोड़ रुपये प्रति माह  होगा।

खास बात यह है कि औद्योगिक विकास क्षेत्र के विकास के लिए यूपी औद्योगिक क्षेत्र विकास एक्ट-1976 के तहत इन औद्योगिक विकास प्राधिकरणों का गठन किया गया है। ये विकास प्राधिकरण एक निगमित निकाय हैं। ये प्राधिकरण अपनी आय और खर्च की व्यवस्था खुद करते हैं। यूपी औद्योगिक विकास प्राधिकरण (केंद्रीयत) सेवा नियमावली-2018 को 22 जून 2018 से प्रभावी किया जाना है। इसलिए सभी प्राधिकरणों के कर्मचारियों को एक समान वेतन दिए जाने के लिए सातवें  वेतनमान क लाभ देने का फैसला किया गया है। 

जनवरी 2016 से दिया जाएगा वेतनमान का लाभ  

कैबिनेट फैसले से पहले नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेस-वे, गीडा, लीडा और यूपीसीडा की बोर्ड की बैठकों में प्राधिकरण कर्मियों को सातवां वेतनमान देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी जा चुकी है। पहली जनवरी, 2016 से सातवां वेतनमान लागू किए जाने से कर्मियों को नए वेतन के साथ एरियर भी भुगतान करना होगा। इसलिए इस सारे अतिरिक्त खर्च की जिम्मेदारी संबंधित प्राधिकरणों की ही होगी। प्रदेश सरकार इसके लिए न तो वर्तमान में और न ही भविष्य में कोई आर्थिक मदद करेगी। 

 कैबिनेट ने औद्योगिक विकास प्राधिकरणों से संबंधित यूपी औद्योगिक विकास प्राधिकरण केंद्रीय सेवा नियमावली (प्रथम संशोधन) -2018 को भी मंजूरी दे दी है। इससे इन सभी औद्योगिक विकास प्राधिकरणों में कर्मचारियों और अधिकारियों के तबादले हो सकेंगे। इनमें काम करने वाले सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की सेवा शर्तें, पदनाम, वेतनमान व अन्य सुविधाएं व प्राविधान सब एक समान हो जाएंगे। यूपीएसआईडीसी कानपुर के कर्मियों को भी अब यूपीसीडा में शामिल कर लिया जाएगा, क्योंकि यूपीएसआईडीसी अब यूपीसीडा बन गया है। वह भी अब इसी संशोधित नियमावली के दायरे में आ जाएंगे। 

जानें कहां-कितने लोगों को होगा फायदा? 

- कुल 1956 कर्मियों को मिलेगा लाभ 

- नोएडा  में 1635 कर्मचारी, अधिकारी 

- ग्रेटर नोएडा में 250 कर्मचारी, अधिकारी

- यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण में 12 

- गीडा में 44

- सीडा में 08 

- लीडा में 02

- यूपीडा में 01

- सातवें वेतन पर कुल अतिरिक्त खर्च 1.40 करोड़ प्रति माह  

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  • Web Title:Noida-Greater Noida Industrial Development Authority personnel gets seventh pay scale