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रीता बहुगुणा जोशी व राज बब्बर समेत नौ पर आरोप तय, पुलिस पर हमले और तोड़फोड़ का मामला

लखनऊ। विधि संवाददाताPublished By: Yogesh Yadav
Fri, 30 Jul 2021 10:38 PM
रीता बहुगुणा जोशी व राज बब्बर समेत नौ पर आरोप तय, पुलिस पर हमले और तोड़फोड़ का मामला

धरना-प्रदर्शन के दौरान तोड़-फोड़ व पुलिस बल पर हमला करने आदि के एक आपराधिक मामले में रीता बहुगुणा जोशी व राज बब्बर समेत नौ अभियुक्तों के खिलाफ आरोप तय कर दिया है। साथ ही अभियुक्त निर्मल खत्री व मधुसुदन मिस्त्री समेत छह अभियुक्तों की अनुपस्थिति के चलते इनकी पत्रावली अलग करने का आदेश दिया है। इस मामले के तीन अन्य अभियुक्त शारिक अली, पप्पू खान व राज कुमार लोधी को फरार घोषित करते हुए इनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट के साथ ही कुर्की की कार्यवाही से पहले की नोटिस भी जारी करने का आदेश दिया है।

एमपीएमएलए कोर्ट के विशेष जज पवन कुमार राय की विशेष अदालत के समक्ष शुक्रवार को रीता बहुगुणा जोशी, राज बब्बर, प्रहलाद प्रसाद द्विवेदी, बोधलाल शुक्ल, राजेश पति त्रिपाठी, ओंकार नाथ सिंह, मनोज तिवारी, रमेश मिश्रा व शैलेंद्र तिवारी उपस्थित हुए। अदालत ने इनके खिलाफ आईपीसी की धारा 147, 148, 149, 323, 332, 333, 336, 337, 338, 341, 343, 352 व 307 के साथ ही क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट की धारा 7 के तहत भी आरोप तय किया।

इसके साथ ही 20 अगस्त को अभियोजन को अपना साक्ष्य पेश करने का आदेश दिया। दूसरी तरफ अभियुक्त निर्मल खत्री, मधुसुदन मिस्त्री, अजय राय, प्रदीप कुमार माथुर, केके शर्मा व प्रदीप जैन आदित्य की ओर से हाजिरी माफी की अर्जी दी गई  थी। विशेष अदालत ने इस शर्त के साथ अर्जी मंजूर किया कि अगली तारीख पर यह सभी अभियुक्त व्यक्तिगत रुप से उपस्थित होंगे।

राज्य सरकार ने मुकदमा वापस लेने की दी थी अर्जी

बताते चलें कि विशेष अदालत में इस मुकदमे को जनहित में वापस लेने के लिए राज्य सरकार की ओर से एक अर्जी दी गई थी। 20 फरवरी, 2021 को अदालत ने राज्य सरकार की इस अर्जी को खारिज करते हुए मामले को गंभीर करार दिया था। इसके बाद अभियुक्तों की डिस्चार्ज अर्जी भी खारिज हो गई थी। 25 दिसंबर, 2015 को विवेचना के बाद पुलिस ने अभियुक्तों के खिलाफ आईपीसी की कई गंभीर धाराओं व क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट की धारा में भी आरोप पत्र दाखिल किया था।

ये है मामला

17 अगस्त, 2015 को इस मामले की एफआईआर एसआई प्यारेलाल प्रजापति ने थाना हजरतगंज में दज कराई थी। उस रोज कांग्रेस पार्टी का लक्ष्मण मेला स्थल पर धरना-प्रदर्शन था। करीब पांच हजार कार्यकर्ताओं के साथ अचानक यह सभी अभियुक्तगण धरना स्थल से विधानसभा का घेराव करने निकल पड़े। इन्हें समझाने व रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन नहीं माने। संकल्प वाटिका के पास पथराव करने लगे। जिससे भगदड़ मच गई। इस हमले में एडीएम पूर्वी निधि श्रीवास्तव, एसपी पुर्वी राजीव मल्होत्रा, सीओ ट्रैफिक अवनीश मिश्रा, एसएचओ आलमबाग विकास पांडेय व एसओ हुसैनगंज शिवशंकर सिंह समेत पुलिस के कई अधिकारी व पीएसी के कई जवान गंभीर रुप से घायल हो गए। अशोक मार्ग से आने व जाने वाले आम जनता को भी चोटें आई। कई गाडियों के शीशे टूट गए। कानून व्यवस्था छिन्न-भिन्न हो गया।

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