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NH बाईपास से जुड़े आर्बिट्रेशन मामले में आया नया मोड़, लखनऊ कमिश्नर को ट्रांसफर होगा मुकदमा

एनएच 56 बाईपास से जुड़े आर्बिट्रेशन के मामले में नया मोड़ आ गया है। हाईकोर्ट ने अमेठी डीएम के यहां चल रहे आर्बिट्रेशन वाद को लखनऊ मंडलायुक्त की कोर्ट में ट्रांसफर करने का निर्णय दिया है।

NH बाईपास से जुड़े आर्बिट्रेशन मामले में आया नया मोड़, लखनऊ कमिश्नर को ट्रांसफर होगा मुकदमा
Pawan Kumar Sharmaहिन्दुस्तान,अमेठीSun, 05 Nov 2023 08:22 PM
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एनएच 56 बाईपास से जुड़े आर्बिट्रेशन के मामले में नया मोड़ आ गया है। एक किसान द्वारा दायर की गई याचिका पर आदेश करते हुए हाईकोर्ट ने अमेठी डीएम के यहां चल रहे आर्बिट्रेशन वाद को लखनऊ मंडलायुक्त की कोर्ट में ट्रांसफर करने का निर्णय दिया है। न्यायालय ने लखनऊ मंडलायुक्त से 6 महीने में मामले की सुनवाई पूरी करने को भी कहा है।

एनएच 56 से जुड़े दो बाइपासों के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण में अधिक भुगतान किए जाने का मामला सामने आया था। एनएचआई की ओर से 25 नवंबर 2022 को 30 गांवों में किसानों को किए गए भुगतान को संशोधित करने के लिए आर्बिट्रेटर कोर्ट में केस दायर किया गया था। मामले में डीएम ने जांच कराई तो 382 करोड़ रुपए अधिक मुआवजा बांट देने की बात सामने आई। इसके क्रम में डीएम ने शासन को रिपोर्ट भेजी थी। जिस पर कार्रवाई हो रही है। वहीं आर्बिट्रेशन वाद पर सुनवाई करते हुए डीएम ने सभी पक्षकारों को नोटिस जारी किया था। दो गांवों मंगरौरा और दुलारी नगर के वाद पर निर्णय देते हुए आर्बिट्रेटर/ डीएम ने तत्कालीन सक्षम भूमि अध्याप्ति अधिकारी के तत्कालीन प्रतिकर निर्धारण को संशोधित किए जाने का आदेश दिया था। साथ ही किसानों से 9.81 करोड़ रुपए की वसूली का भी आदेश निर्गत किया था।
 
वहीं प्रकरण में एक किसान राम बली द्वारा हाईकोर्ट की शरण ली गई थी। कहा गया था कि डीएम ने पहले ही शासन को यह अवगत कराया है कि मुआवजा का निर्धारण गलत तरीके से किया गया है। ऐसे में वहां से आर्बिट्रेशन का निर्णय पारदर्शी तरीके से होना संभव नहीं है। उनकी अपील पर आदेश करते हुए हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति विवेक चौधरी तथा न्यायमूर्ति मनीष कुमार ने  एनएच के आर्बिट्रेशन से जुड़े सभी मुकदमो को मंडलायुक्त लखनऊ कोर्ट ट्रांसफर करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने लखनऊ मंडलायुक्त को 6 महीने के भीतर आर्बिट्रेशन वाद पर निर्णय करने को भी कहा है। डीएम ने केस लखनऊ मंडलायुक्त की कोर्ट को ट्रांसफर किए जाने के आदेश की पुष्टि की है। 

पुलिस मामले की जांच ईओडब्ल्यू को सौंपेगी 

शासन के निर्देश पर मुसाफिरखाना के रजिस्ट्रार कानून को द्वारा मुसाफिरखाना कोतवाली में सेवानिवृत्ति एसडीएम आरडी राम तथा पीसीएस अधिकारी कुमार कनौजिया तथा अज्ञात लोगों पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया था। 382 करोड़ रुपए अधिक मुआवजा बांट देने का आरोप लगाया गया था। मामले में अमेठी पुलिस प्रकरण को ईओडब्लू हस्तांतरित करने की तैयारी में है। एसपी द्वारा इसको लेकर आईजी से अनुमति मांगी गई है।

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