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हिंदी न्यूज़ उत्तर प्रदेशनवरात्रि 2022: काशी में पशुपति और सोमनाथ, प्रयागराज में विश्वनाथ धाम, मंदिरों की तर्ज पर बन रहे पंडाल

नवरात्रि 2022: काशी में पशुपति और सोमनाथ, प्रयागराज में विश्वनाथ धाम, मंदिरों की तर्ज पर बन रहे पंडाल

नवरात्रइ पर इस बार वाराणसी में नेपाल के पशुपतिनाथ और गुजरात के सोमनाथ मंदिर का विशाल मॉडल पंडाल के रूप में दिखाई देगा तो वहीं प्रयागराज में वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर को उकेरा जा रहा है।

नवरात्रि 2022: काशी में पशुपति और सोमनाथ, प्रयागराज में विश्वनाथ धाम, मंदिरों की तर्ज पर बन रहे पंडाल
Yogesh Yadavहिन्दुस्तान,प्रयागराजTue, 27 Sep 2022 04:04 PM

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नवरात्रि पर इस बार पंडालों में देश विदेश के बड़े मंदिरों की अनुकृति देखने को मिलने वाली है। वाराणसी में नेपाल के पशुपतिनाथ और गुजरात के सोमनाथ मंदिर का विशाल मॉडल पंडाल के रूप में दिखाई देगा तो वहीं वाराणसी के साथ ही प्रयागराज में काशी विश्वनाथ मंदिर को उकेरा जा रहा है। यही नहीं, केदारनाथ मंदिर की भी अनुकृति यहां के एक पंडाल में बन रही है। 

 प्रयागराज के दुर्गा पूजा बारवारी कमेटियों की ओर से थीम पर केंद्रित आकर्षक व संदेशपरक पूजा पंडाल सज रहे हैं। इस बार कहीं आजादी के अमृत महोत्सव की झलक दिखेगी तो कहीं केदारनाथ धाम का स्वरूप। इस क्रम में कालिंदीपुरम सार्वजनिन दुर्गा पूजा कमेटी की ओर से श्री काशी विश्वनाथ मंदिर की अनुकृति में पूजा पंडाल सजाया जा रहा है। कमेटी का यह रजत जयंती वर्ष है, इसलिए उत्साह अधिक है। पंडाल का निर्माण कमेटी के अध्यक्ष एमिकस क्यूरी अरुण गुप्ता के निर्देशन में हो रहा है।

काशी में नवरात्रि पर विशेष तैयारी, पशुपतिनाथ से सोमनाथ तक की दिखेगी विशाल अनुकृति

पंडाल की डिजाइन को गुरु दयाल बिल्लू ने थर्मोकोल और प्लास्टिक की पाइप से मूर्ति रूप दिया है। पंडाल में गंगा घाटों को चित्रों के जरिए प्रदर्शित किया जाएगा। गोल्डेन रंग में बन रहे भव्य पंडाल में प्रवेश करने पर काशी विश्वनाथ धाम की अनुभूति होगी। बिल्लू ने बताया कि पंडाल को तैयार करने में सात लाख रुपये का खर्च आएगा। इसका आकार 42 फीट लंबा, 40 फीट चौड़ा और 30 फीट ऊंचा है। मां के दरबार में 15 फीट ऊंची दुर्गा प्रतिमा स्थापित की जाएगी।

गंगा-जमुनी तहजीब का मिसाल भी है पंडाल

काशी विश्वनाथ मंदिर के आकार में तैयार हो रहे पंडाल को सजाने का कार्य राजरूपपुर के मोहम्मद जुबेर खान और उनके बेटे मोहम्मद अर्श खान कर रहे हैं। जुबेर ने बताया कि पंडाल की साज-सज्जा का कार्य 15 दिन से कर रहा हूं। मुझे बहुत गर्व है कि दुर्गा पूजा में मां की सेवा करने का अवसर मिल रहा है। मेरे द्वारा सजाए गए दरबार में मां विराजेंगी।

मंदिर में रुककर तैयार की डिजाइन

बिल्लू ने बताया कि मंदिर की डिजाइन इंटरनेट पर देखने से साफ नहीं दिख रही थी। इसलिए मंदिर में चार दिन तक रुककर वहां की डिजाइन को परखा और उसे पंडाल के रूप में तैयार करने का निर्णय लिया। मंदिर को भव्य रूप देने के लिए थर्मोकोल पर 900 रुपये लीटर कीमत वाला गोल्डेन पेंट किया जा रहा है। पंडाल में कुल 22 खंभे हैं, जिसमें आठ मुख्य खंभे हैं।

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