सड़क किनारे चाय बेचने वाले नेशनल फुटबॉलर अविनाश को मिलेगी नौकरी, डीएम ने किया ऐलान
लॉक डाउन में नौकरी खोने वाले फुटबॉलर अविनाश शर्मा की मदद के लिए जिला प्रशासन आगे आया है। ‘हिन्दुस्तान’ की खबर के बाद डीएम ने अविनाश को नौकरी दिए जाने का ऐलान किया है। वहीं, अविनाश की...

लॉक डाउन में नौकरी खोने वाले फुटबॉलर अविनाश शर्मा की मदद के लिए जिला प्रशासन आगे आया है। ‘हिन्दुस्तान’ की खबर के बाद डीएम ने अविनाश को नौकरी दिए जाने का ऐलान किया है। वहीं, अविनाश की आर्थिक मदद का भी सिलसिला लगातार जारी है।‘हिन्दुस्तान’ समाचार पत्र ने अविनाश शर्मा की व्यथा को प्रकाशित किया था। उनकी खबर सोशल प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल हुई। डीएम नीतीश कुमार ने भी इस खबर का संज्ञान लिया। उन्होंने अविनाश शर्मा को नौकरी देने का ऐलान किया है। इस संबंध में आरएसओ को भी निर्देशित किया गया है। डीएम ने बताया कि एक फुटबॉलर के तौर पर अविनाश में जो हुनर है उसका इस्तेमाल किया जाएगा। शासन को भी अविनाश की रिपोर्ट बनाकर भेजी जा रही है। हमारी मंशा है कि वह खुद भी प्रैक्टिस करें और दूसरे खिलाड़ियों को भी तैयार करें।
अब उतर जाएगा अविनाश का कर्ज
अविनाश शर्मा ने एनआईएस का डिप्लोमा करने के लिए कर्ज लिया था। इसमें से करीब 50 हजार का कर्ज अभी भी बकाया है। ‘हिन्दुस्तान’ की खबर के बाद लोगों ने दिल खोलकर अविनाश की मदद की। उनके खाते में करीब 65 हजार रुपये पहुंच गए हैं। जिस लोन को चुकाने की अविनाश बीते दो वर्षों से कोशिश कर रहे थे, वह अब एक झटके में ही उतर जाएगा।
आर्थिक मदद का सिलसिला लगातार जारी
राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक लाल बहादुर गंगवार और भाजपा जिला शिक्षक प्रकोष्ठ के संयोजक महेश चंद्र पांडे ने अविनाश के 2100 रुपये की मदद दी। मनरेगा में एपीओ अभिषेक द्विवेदी, रोटरेक्ट क्लब के गौरव खंडेलवाल, व्यापारी अजय प्रताप सक्सेना, डॉ आर के मिश्रा आदि ने भी अविनाश को मदद भेजी। अपना नाम न छापने की शर्त पर साहू राम स्वरूप डिग्री कालेज की एक शिक्षिका ने 5000 रुपए, एक युवा कारोबारी ने 3100 रुपये, एक आर्किटेक्ट ने 2500 रुपए दान किया।
अविनाश ने ‘हिन्दुस्तान’ को कहा शुक्रिया
अविनाश ने ‘हिन्दुस्तान’ समाचार पत्र का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि ‘हिन्दुस्तान’ अखबार मुहिम ने मेरी जिंदगी को बदल दिया है। मेरी सरकार से मांग है कि जितने भी अंशकालिक कोच हैं, उन सभी का नवीनीकरण किया जाए। लॉक डाउन में उन सभी की नौकरी खत्म हो चुकी है और वह भुखमरी के कगार पर आ गए हैं।
फुटबॉलर अविनाश शर्मा की प्रतिभा का हम इस्तेमाल करेंगे। एक खिलाड़ी को सबसे अधिक खुशी तभी होती है, जब उसकी प्रतिभा का सही दिशा में इस्तेमाल हो। हम उनको खेल और खिलाड़यिों के विकास में लगाएंगे। अविनाश को जॉब भी दी जाएगी।
डीएम नितीश कुमार
लेखक के बारे में
Dinesh Rathourदिनेश राठौर वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट
पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले दिनेश ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में हरदोई से की थी। कानपुर
यूनिवर्सिटी से स्नातक दिनेश ने अपने सफर में हिन्दुस्तान (कानपुर, बरेली, मुरादाबाद), दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका
(डिजिटल) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। हरदोई की गलियों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर
आज डिजिटल मीडिया के शिखर तक पहुँच चुका है। दिनेश राठौर ने यूपी और राजस्थान के विभिन्न शहरों की नब्ज को प्रिंट और
डिजिटल माध्यमों से पहचाना है।
लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में कार्यरत दिनेश दिनेश, खबरों के पीछे की राजनीति और सोशल मीडिया के ट्रेंड्स (वायरल
वीडियो) को बारीकी से विश्लेषण करने के लिए जाने जाते हैं।
पत्रकारिता का सफर
हरदोई ब्यूरो से करिअर की शुरुआत करने के बाद दिनेश ने कानपुर हिंदुस्तान से जुड़े। यहां बतौर स्ट्रिंगर डेस्क पर करीब
एक साल तक काम किया। इसके बाद वह कानपुर में ही दैनिक जागरण से जुड़े। 2012 में मुरादाबाद हिंदुस्तान जब लांच हुआ तो
उसका हिस्सा भी बने। करीब दो साल यहां नौकरी करने के बाद दिनेश राजस्थान पत्रिका से जुड़ गए। सीकर जिले में दिनेश ने
करीब तीन साल तक पत्रकारिता की। उन्होंने एक साल तक डिजिटल का काम भी किया। 2017 में दिनेश ने बरेली हिंदुस्तान में
प्रिंट के डेस्क पर वापसी की। लगभग दो साल की सेवाओं के बाद डिजिटल हिंदुस्तान में काम करने का मौका मिला जिसका सफर जारी
है।


