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नरेंद्र गिरि मौतः सीबीआई ने सुसाइड नोट पर महंत के हस्ताक्षर और लेटर के शब्दों का मिलान कराया

प्रयागराज वार्ताPublished By: Yogesh Yadav
Mon, 27 Sep 2021 06:00 PM
नरेंद्र गिरि मौतः सीबीआई ने सुसाइड नोट पर महंत के हस्ताक्षर और लेटर के शब्दों का मिलान कराया

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरि की संदिग्ध हालत में हुई मौत की जांच कर रही केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) मौके से मिले सुसाइड नोट पर उनके हस्ताक्षर और कुछ शब्दों का मिलान एक्सपर्ट से करवा रही है। 

सूत्रों ने बताया कि मठ के लेटर पैड पर महंत द्वारा लिखे गए सुसाइड नोट को लेकर भी  कई तरह के सवाल उठ रहे थे। सीबीआई ने महंत नरेंद्र  गिरि के कथित सुसाइड नोट को अपने कब्जे में लिया है। सीबीआई टीम राइटिंग  एक्सपर्ट के जरिए महंत के हस्ताक्षर का मिलान करवा रहे हैं। महंत की पिछले सोमवार को संदिग्धावस्था में मौत हो गयी है।

उन्होने बताया कि हस्ताक्षर में फर्क मिलता तो उसके आधार पर सीबीआई आगे कदम बढ़ाएगी। हस्ताक्षर के साथ ही  उन शब्दों का भी मिलान करवाया जा रहा है, जिनका उल्लेख एक से अधिक बार हुआ  है। सुसाइड नोट की असलियत का पता लगाने के लिए राइटिंग एक्सपर्ट के साथ ही तकनीक की भी मदद ली जा रही है।

प्रयागराज के बाघंबरी मठ में ठीक एक हफ्ते पहले नरेंद्र गिरि  का शव पंखे से लटका मिला था। उनके कमरे से सुसाइड नोट भी बरामद किया गया था। इसमें शिष्य आनंद गिरि के अलावा लेटे हनुमान मंदिर के पुजारी रहे आद्या तिवारी और उनके बेटे संदीप तिवारी पर परेशान करने का आरोप लगाया गया था। सुसाइड नोट में किसी लड़की के साथ महंत नरेंद्र गिरि का  वीडियो बनाने और उसके जरिये ब्लैकमेल करने का आरोप आनंद गिरि पर लगाया गया था।

घटना के दिन ही हरिद्वार से आनंद गिरि को गिरफ्तार कर लिया गया था। आद्या तिवारी और उनके बेटे संदीप को अगले दिन गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। गिरफ्तारी के बाद से आनंद गिरि ने नरेंद्र गिरि की हत्या का आरोप लगाते हुए खुद को फंसाने का बात कही थी। महंत की मौत को लेकर कई रहस्यमय स्थितियों को देखते हुए मामले की जांच पहले एसआईटी से कराने का निर्देश दिया गया। लेकिन बाद में जांच सीबीआई को दे दी गई। एक दिन पहले ही सीबीआई ने मठ पहुंचकर घटना का रिक्रिएशन भी किया। मठ के लोगों से अलग अलग और एक साथ पूछताछ भी की थी। 

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