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सीएए से न घबराएं मुसलमान, हकीकत को समझें, मौलाना शहाबुद्दीन की नसीहत

ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा कि सीएए से मुसलमान न घबराएं। हकीकत को समझें।

सीएए से न घबराएं मुसलमान, हकीकत को समझें, मौलाना शहाबुद्दीन की नसीहत
Deep Pandeyहिन्दुस्तान,बरेलीThu, 29 Feb 2024 10:41 AM
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ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा कि नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) को लेकर मुसलमान न घबराएं। इस बाबत मुफ्ती ने बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि सीएए की हकीकत को समझे बिना देश में प्रदर्शन किए गए। मौलाना शहाबुद्दीन ने कहा कि सीएए भारत सरकार बहुत पहले लेकर आई थी और लागू करना चाहती थी मगर हकीकत को समझे बगैर देशभर में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन होने की वजह से लागू नहीं हो सका।

मगर अब सरकार लागू करना चाहती है। इसका अध्ययन करने के बाद स्पष्ट तौर पर पता चला कि इससे भारत के मुसलमानों का कोई लेना-देना नहीं है। बल्कि यह उन लोगों से सम्बंध रखता है जो अफगानिस्तान, पाकिस्तान, श्रीलंका और पड़ोसी देश से आये हुए लोग जो अभी भारत में रह रहे हैं उनको अब तक नागरिकता नहीं मिली है, ऐसे लोगों को नागरिकता दी जाएगी।

मौलाना शहाबुद्दीन ने कहा कि सीएए के तहत भारत में रह रहे करोड़ों मुसलमानों की नागरिकता पर कोई प्रश्न चिह्न नहीं उठाया गया है। यह कैसे मुमकिन हो सकता है कि यहां सदियों से रह रहें मुसलमानों की नागरिकता को छीन लिया जाएगा। अगर भविष्य में ऐसा कोई कानून बनाया जाता है तो भारत के हालात खराब हो सकते हैं, कोई भी सरकार ऐसा कदम नहीं उठा सकती है।

दारुल उलूम मजलिस-ए-शुरा की बैठक शुरू

 दारुल उलूम में मजलिस-ए-शुरा (कार्यकारिणी सभा) की बैठक का बुधवार को आगाज हुआ। तीन दिनों तक चलने वाली इस बैठक के पहले दिन विभिन्न विभागों के अध्यक्षों ने अपनी-अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। बैठक में संस्था की शुरा द्वारा महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे। नए कर्मचारियों की नियुक्ति, उनके पदोन्नति एवं बढ़ती महंगाई के चलते वेतन में वृद्धि सहित विभिन्न जलवंत मुद्दों पर विचार विमर्श किया जाएगा। राष्ट्रीय बाल सुरक्षा अधिकार द्वारा गजवा-ए-हिंद को लेकर दिए गए नोटिस पर भी चर्चा होने की संभावना है। अंग्रेजी कोचिंग सहित विभिन्न मुद्दों पर उठाए जा रहे सवालों पर भी चर्चा की जाएगी। शरीयत के मामलों पर सवाल उठाए जाने एवं गलत व्याख्या करने पर कठोर निर्णय लिया जाएगा।

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