Hindi NewsUP NewsMuslim women of Kashi to take Ramjyoti from Ayodhya said Shri Ram is our ancestor
'श्रीराम ही हमारे पूर्वज', अयोध्या से 'रामज्योति' लेने निकलीं काशी की मुस्लिम महिलाएं

'श्रीराम ही हमारे पूर्वज', अयोध्या से 'रामज्योति' लेने निकलीं काशी की मुस्लिम महिलाएं

संक्षेप:

काशी की मुस्लिम महिलाएं अयोध्या से राम ज्योति लेने के लिए रवाना हो गई हैं। शनिवार को नाजनीन अंसारी और नजमा अंसारी ने अपनी यात्रा शुरू की है।

Jan 06, 2024 04:17 pm ISTAnkit Ojha एजेंसियां, वाराणसी
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अयोध्या में 22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होनी है। इससे पहले ही महादेव की नगरी काशी से मुस्लिम महिलाओं का एक समूह राम नाम की अखंड ज्योति लेकर अयोध्या के लिए निकल पड़ा है। महिलाओं ने यह यात्रा भगवा वस्त्र पहनकर शुरू की। बताया जा रहा है कि ये मुस्लिम महिलाएं अयोध्या पहुंचकर राम ज्योति को प्रज्ज्वलित करेंगी और फिर इसे लेकर काशी लौटेंगी। 22 जनवरी को इसी ज्योति से मुस्लिमों के घर भी दीये जलाए जाएंगे। 

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नाजनीन अंसारी और नजमा परवीन ने प्रण लिया था कि वह अयोध्या से रामज्योति लाकर घरों को रोशन करेंगी। नाजनीन अंसारी मुस्लिम महिला फाउंडेशन की अध्यक्ष हैं। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान के बाद ही उन्होंने ऐसा करने का संकल्प लिया था। इस ज्योति के माध्यम से वह काशी के मुसलमानों से भी 22 जनवरी को उत्सव मनाने की अपील करेंगी। 

नाजनीन अंसारी का मानना है कि सभी भारतीय श्री राम के ही वंशज हैं और किसी भी भारतीय का डीएनए अलग नहीं है। वह मुस्लिम इलाकों में दीये जलाने की अपील करेंगी। इससे पहले भी वह राम नवमी और दिवाली के मौके पर उत्सव मनाती रही हैं। नाजनीन और नजमा की इस यात्रा को काशी के डोमराज ओम चौधरी और पातालपुरी मठ के महंत बालक दास ने रवाना किया। वहीं अयोध्या में महंत शंभू देवाचार्य इन महिलाओं को ज्योति सौंपेंगे। 

जानकारी के मुताबिक शनिवार को यात्रा शुरू हो गई है और रविवार को महिलाएं काशी वापस आ जाएँगी। वे अयोध्या की पवित्र मिट्टी और सरयू के जल को भी काशी लेकर पहुंचेंगी। 21 जनवरी को राम ज्योति का वितरण शुरू हो जाएगी। बता दें कि नाजनीन ने बीएचयू से ही पढ़ाई की है और उन्होंने श्रीरामचरित मानस और हनुमान चालीसा का उर्दू में अनुवाद भी किया है। महंत बालकदास उनके गुरु हैं। वह राम पथ नामक संगठन से जुड़ी हैं। नाजनीन का कहना है कि श्रीराम ही उनके पूर्वज हैं। धर्म परिवर्तन करवाकर भी पूर्वजों को नहीं बदला जा सकता। 

मुस्लिम महिलाओं ने रामलला के लिए बनाए वस्त्र
बरेली की पहचान जरी जरदोही से है। बरेली की मुस्लिम महिलाओं ने रामलला के लिए वस्तर तैयार किए हैं। मेरा हक फाउंडेशन की अध्यक्ष फरहत नकवी के नेतृत्व में मुस्लिम महिलाओं ने राम मंदिर निर्माण के लिए चंदा भी इकट्ठा किया था। महिलाओं का कहना है कि वे सहयोग राशि और वस्त्र लेकर अयोध्या जाएंगी और भाईचारे का संदेश देंगी। 

श्रीराम के दर्शन करने मुंबई से पैदल निकली मुस्लिम युवती
मुंबई से एक मुस्लिम युवती राम लला के दर्शन करने पैदल ही निकल पड़ी है। शबनम का कहना है कि वह 1425 किलोमीटर की दूरी तय करके अय़ोध्या पहुंचेंगी। वह एक दिन में 25 से 30 किलोमीटर का सफर कर रही हैं। 21 दिसंबर को ही वह यात्रा शुरू कर चुकी हैं। शबनम का कहना है कि राम भक्ति के लिए हिंदू होना जरूरी नहीं है। 

Ankit Ojha

लेखक के बारे में

Ankit Ojha
अंकित ओझा पिछले 8 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। अंकित ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया से स्नातक के बाद IIMC नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा किया है। इसके बाद कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर डिग्री हासिल की है। राजनीति, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय डेस्क पर कार्य करने का उनके पास अनुभव है। इसके अलावा बिजनेस और अन्य क्षेत्रों की भी समझ रखते हैं। हिंदी, अंग्रेजी के साथ ही पंजाबी और उर्दू का भी ज्ञान है। डिजिटल के साथ ही रेडियो और टीवी के लिए भी काम कर चुके हैं। और पढ़ें
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