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मुमताज मियां नम आंखों के बीच सुपुर्द-ए ख़ाक, मुरीदों का उमड़ा सैलाब

ककराला (बदायूं)। संवाददाताPublished By: Dinesh Rathour
Fri, 17 Sep 2021 08:51 PM
मुमताज मियां नम आंखों के बीच सुपुर्द-ए ख़ाक, मुरीदों का उमड़ा सैलाब

दरगाह शाह शराफत के पीरो मुर्शिद शाह सकलैन के छोटे भाई हाजी मुमताज मियां के नमाजे जनाजा में ऐसी भीड़ उमड़ी जैसे शाह शराफत मियां के उर्स में जुटती है। जनपद के अलावा अन्य स्थानों से उनके हजारों मुरीद जनाजे में शामिल होने ककराला पहुंचे। गमगीन माहौल में मुमताज मियां को शाह सुजात मजार में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। गुरुवार को उनका बरेली के अस्पताल में इलाज के दौरान बीमारी के चलते इंतकाल हो गया था। जनाने में शामिल बड़ी संख्या में मुरीदों के पहुंचने  को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था खुद एसपी सिटी को संभालनी पड़ी। प्रशासन की ओर से भी एडीएम प्रशासन के अलावा एसडीएम, तहसीलदार संग अन्य अफसर मौजूद रहे।

नगर के नामचीन हस्तियों में शुमार शाह सकलैन के भाई हाजी मुमताज मियां सकलैनी के जनाजे में बरेली, रामपुर, संभल, मुरादाबाद आदि शहरों से हजारों की संख्या में मुरीदों का गुरुवार देर रात से ही पहुंचना शुरू हो गया था। आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग गमजदा माहौल में ककराला पहुंचे। जनाजा निकलने के बाद किसी भी तरह की फोटोग्राफी या वीडियोग्राफी को मुरीदों ने पूरी तरह से रोक दिया। मुमताज मियां के जनाजे में कई नामचीन हस्तियां भी शामिल हुईं। नमाजे जनाजा उनके बड़े भाई शाह सकलैन मियां ने अदा करायी। उनका तीजा रविवार को सुबह होगा जिसमें भारी संख्या में मुरीदीन और अजीज शामिल होंगे।

इस मौके पर जिनमे खानकाहे कादरिया बदायूं से मुफ्ती दिलशाद कादरी, बरेली कालेज बरेली के प्रवक्ता डॉ. महमूद, मौलाना यासीन अली उस्मानी, मशारिख बोर्ड के चेयरमैन मौलाना तैयब अशरफ किछौची, मौलाना अनवर शेरी, मोहम्मद अली हमजा छुट्टन, काजी रिजवान, पूर्व मंत्री आबिद रजा, पूर्व विधायक आशीष यादव आदि शामिल हुए। ककराला का बाजार रहा बंद : मियां मुमताज के इंतजार की खबर के बाद ककराला बाजार बंद हो गया। लोगों ने उनके घर पहुंचकर गम जताया और उनके आखिरी दीदार किये। इस दौरान लोगों ने मुमताज मियां के किये कामों को भी याद किया।

शाह सकलैन एकेडमी की संभाल रखी थी जिम्मेदारी

मुमताज मियां शाह सकलैन एकेडमी ऑफ इंडिया के संस्थापक व सरपरस्त भी थे। एकेडमी के ज़रिए गरीब ज़रूरतमंद लड़कियों के निकाह कराने का इंतज़ाम किया। दरगाह शाह शराफत के मीडिया प्रभारी हमजा सकलैनी ने बताया कि मुमताज़ मियां सकलैनी बेसहारा, ज़रूरतमंद और मज़लूमों की एक मज़बूत आवाज़ थे। आपने अपनी पूरी ज़िंदगी क़ौम की खिदमत और लोगों की मदद में गुज़ारी। आपके पास जो भी अपनी ज़रूरत,परेशानी लेकर आया आप उससे बेहद मोहब्बत, खुलूस, अपनाइयत से पेश आते थे और उसको अपने दरवाज़े से मायूस नहीं जाने देते थे। हर तरह उसकी मदद करते थे। ख़ानकाहे सक़लैनिया शराफ़तिया से जुड़े दुनिया भर के लाखों मुरीदीन को मुमताज़ मियां के विसाल से बेहद अफ़सोस, रंज ओ गम है। उनके रुखसत हो जाने से पूरी बस्ती गमगीन हो गई। 

ककराला के लोगों से मुहब्बत करते थे 

दरगाह शाह शराफत से जुड़े आफताब आलम ने बताया कि मुमताज मियां गरीबों जरूरतमंदों की आस,उम्मीद थे। खासतौर पर ककराला वालों से आपको बड़ा लगाव और मुहब्बत थी। मुमताज मियां अपने पीछे तीन बेटे और तीन बेटियां को छोड़ गए।
 

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