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रामलला को भेंट किया 80 किलो का स्वर्ण जड़ित खड्ग, छत्रपति शिवाजी महाराज से रहा है नाता

मुंबई से अयोध्या आए भक्तों ने रामलला को 80 किलो का स्वर्ण जड़ित खड्ग भेंट किया। नंदक खड़ग श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंपा गया। इसकी ऊंचाई 7 फीट से ज्यादा बताई जा रही है।

रामलला को भेंट किया 80 किलो का स्वर्ण जड़ित खड्ग, छत्रपति शिवाजी महाराज से रहा है नाता
Srishti Kunjहिन्दुस्तान टीम,अयोध्याFri, 26 Jan 2024 01:05 PM
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अयोध्या में रामलला के लिए देश दुनिया से उपहार भेंट करने का सिलसिला जारी है। इसी क्रम में प्राचीन अस्त्र शस्त्रों के निर्माता निलेश अरुण अपने साथियों के साथ मुंबई से नंदक खड़ग लेकर अयोध्या पहुंचे और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सोने से निर्मित नंदक खड़ग को भेंट किया। उन्होंने बताया कि उनके पूर्वज छत्रपति शिवाजी महाराज की सेना के लिए हथियारों का निर्माण किया करते थे। बताया गया कि नंदन खड़ग 7 फुट 3 इंच का है। इसका वजन 80 किलो है। इसे पीतल का बनाया गया है। उसके ऊपर सोने की परत चढ़ाई गई है। हालांकि इसकी लागत और इसमें कितना सोना लगा है इसकी जानकारी उन्होंने नहीं दी।

उन्होंने बताया कि भगवान के प्रति हमारी श्रद्धा है, जिसके कारण हमने नंदन खड़ग का निर्माण किया है। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने जब राम मंदिर के पक्ष में फैसला सुनाया था, तभी ने हमने संकल्प लिया था कि राम मंदिर बनने के बाद हम राम जी को खड़ग भेंट करेंगे। हमारी इच्छा आज पूर्ण हुई है। निलेश के साथ गणेश, अमर और उनके अन्य साथी इसे लेकर कारसेवकपुरम पहुंचे।

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उन्होंने बताया गया कि पुराणों में एक कथा है कि ब्रह्मा जी ने सुमेर पर्वत के शिखर पर एक यज्ञ किया था। उन्होंने उसे यज्ञ में उपस्थित लौह दैत्य को दिखा। उसे देखकर ब्रह्मा जी चिंतित हो गए कि यह मेरे यज्ञ में विघ्न डाल सकता है। ब्रह्मा जी के चिंतन करते ही अग्नि से एक महा बलवान पुरुष प्रकट हुआ और उसने ब्रह्मा जी की वंदना की। देवताओं ने उसका अभिनंदन किया और वह नंदक कहलाया। देवताओं के अनुरोध पर श्री हरि ने उस खड़ग को धारण किया। उस खड़ग के प्रहार से लौह दैत्य के एक- एक अंग काट डाले गए।

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