DA Image
हिंदी न्यूज़   ›   उत्तर प्रदेश  ›  एम्बुलेंस मामले पर मुख्तार अंसारी की पेशी, पूछा-16 साल से जेल में फिर 2013 की खरीद में मुझ पर मुकदमा कैसे
उत्तर प्रदेश

एम्बुलेंस मामले पर मुख्तार अंसारी की पेशी, पूछा-16 साल से जेल में फिर 2013 की खरीद में मुझ पर मुकदमा कैसे

बाराबंकी। विधि संवाददाता Published By: Yogesh Yadav
Mon, 14 Jun 2021 11:15 PM
एम्बुलेंस मामले पर मुख्तार अंसारी की पेशी, पूछा-16 साल से जेल में फिर 2013 की खरीद में मुझ पर मुकदमा कैसे

बाराबंकी के पते पर फर्जी वोटर आईडी बनाकर पंजीकरण कराने के मामले में माफिया मुख्तार अंसारी की पहली वर्चुअल पेशी बांदा जेल से हुई। इस दौरान मुख्तार ने जवाब देने के साथ ही विवेचक से भी कई सवाल पूछ डाले। उसने दो टूक में कहा कि जेल से पेशी पर ले जाने के लिए वाहन का इंतजाम सरकार करती थी। 

31 मार्च को चर्चा में आई थी एम्बुलेंस:
पूर्वांचल के माफिया विधायक मुख्तार अंसारी बीते 31 मार्च को पंजाब जेल से मोहाली कोर्ट पेशी पर गया था। उसे लेकर जाने वाली एम्बुलेंस बाराबंकी जनपद से पंजीकृत थी। मामला तूल पकड़ा तो बाराबंकी जिला प्रशासन ने जांच शुरू की। इसमें पाया गया कि मऊ के श्याम संजीवनी हास्पिटल की संचालिका डाक्टर अलका राय के बाराबंकी रफीनगर मोहल्ले से बनी फर्जी वोटर आईडी से आरटीओ विभाग में पंजीकरण कराया गया था। जिसे लेकर प्रशासन ने डाक्टर अलका राय के खिलाफ शहर कोतवाली में केस पंजीकृत कराया था। एसपी द्वारा गठित एसआईटी ने इस मामले में अलका राय, शेषनाथ राय समेत चार लोगों को जेल भेज दिया। यही नहीं मुख्तार अंसारी को भी मुकदमे में नामजद किया गया है। 

16 साल से जेल में तो बाराबंकी में मुकदमा कैसे
सोमवार को निर्धारित तिथि पर बांदा जेल में बंद माफिया मुख्तार अंसारी की वर्चुअल पेशी प्रभारी सीजेएम कमलापति के कोर्ट में हुई। इस दौरान  विवेचक एमपी सिंह, अभियोजन अधिकारी सद्दनलाल भी मौजूद रहे। इस दौरान मुख्तार ने अभियोजन अधिकारी के सवालों का जवाब दिया।  मुख्तार ने कहा कि मै 16 साल से जेल में हूं, एम्बुलेंस 2013 में पंजीकृत हुई।

पंजीकरण से पहले से मैं जेल में हूं। ऐसे में मुकदमा कैसा। यही नहीं जेल से पेशी के दौरान एम्बुलेंस प्रयोग करने पर उसने कहा कि मुझे जिस वाहन से ले जाया जाता था उसका इंतजाम सरकार करती थी। उसने कहा कि अगर मुझे गलत तरीके की सुविधाएं चाहिए होती तो मैं कोई लग्जरी वाहन का प्रयोग करता न कि ऐसी एम्बुलेंस का। इस मामले में प्रभारी सीजेएम कमलापति ने मुख्तार को आरोपित मानते हुए कार्रवाई पूर्ण की और अगली पेशी 28 जून को लगाई है।

संबंधित खबरें