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उत्तर प्रदेशमुख्तार अंसारी केस : योगी सरकार ने दो आईएएस अफसरों को हटाया, जानें क्या है पूरा मामला

प्रमुख संवाददाता, लखनऊPublished By: Shivendra Singh
Wed, 04 Nov 2020 08:22 AM
मुख्तार अंसारी केस : योगी सरकार ने दो आईएएस अफसरों को हटाया, जानें क्या है पूरा मामला

उत्तर प्रदेश सरकार ने दो आईएएस अधिकारी गुरुदीप सिंह और राजीव शर्मा को हटाकर प्रतीक्षारत कर दिया है। इन अधिकारियों पर पर विवादित फैसले लेने के आरोप हैं। इनके फैसलों से सांसद अफजाल अंसारी, मुख्तार अंसारी और कैरियर मेडिकल कॉलेज व डेंटल कॉलेज के मालिकों को फायदा पहुंचने की बात कही जा रही है।

हिन्दुस्तान अखबार में 30 व 31 अक्तूबर को इस संबंध में खबर प्रकाशित हुई थी जिसके बाद योगी सरकार ने इसे गंभीरता से लिया। गुरुदीप सिंह वरिष्ठ आईएएस अधिकारी व राजस्व परिषद में सदस्य थे। राजीव शर्मा अभी कुछ समय पहले विशेष सचिव नगर विकास से राजस्व परिषद भेजे गए थे। राजस्व परिषद के सदस्य के पास न्यायिक अधिकार होता है और वो जमीन से जुड़े मामले की सुनवाई करते हैं। कुछ विवादित फैसलों की वजह से सरकार व जिला प्रशासन की काफी किरकरी हुई।

मामले की जानकारी के बाद मंगलवार को इन दोनों अधिकारियों को राजस्व परिषद से हटाकर सरकार ने प्रतिक्षारत कर दिया। आईएएस व परिषद सदस्य गुरुदीप सिंह ने लखनऊ के तहसीलदार सदर न्यायिक और अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व सीतापुर के उस आदेश को ही निरस्त कर दिया था, जिसमें कैरियर मेडिकल व डेंटल कालेज के सरकारी जमीन पर बने होने की रिपोर्ट दी गई थी।

वहीं आईएएस राजीव शर्मा ने एसडीएम सदर के 14 अगस्त के उस आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी थी, जिसमें जियामऊ के गाटा संख्या-93 की जमीन को निष्क्रान्त घोषित किया गया था। निष्क्रान्त घोषित होने से यह जमीन सरकारी हो गई थी। इसी जमीन पर बाहुबली मुख्तार अंसारी के दोनों बेटों और सांसद अफजाल अंसारी की पत्नी का बंगला बना है। हालांकि इसमें से मुख्तार के बेटों के दोनों बंगले एलडीए गिरा चुका है। अफजाल अंसारी की पत्नी का बंगला अभी नहीं गिरा है। शासन ने मामले में राजस्व परिषद के अध्यक्ष दीपक त्रिवेदी से भी विचार-विमर्श किया था। इसके बाद दोनों अफसरों को हटाकर प्रतीक्षारत कर दिया गया है।

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