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सांसद एसपी सिंह बघेल बोल रहा हूं, प्रधान के खिलाफ कोई कार्रवाई मत करना...DPRO को धमकी, केस का आदेश

केन्द्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल के नाम पर फोन कर डीपीआरओ को धमकाने के मामले में कोर्ट ने मुकदमा दर्ज कर जांच का आदेश दिया है। पुलिस के केस नहीं दर्ज करने पर डीपीआरओ ने कोर्ट की शरण ली थी।

सांसद एसपी सिंह बघेल बोल रहा हूं, प्रधान के खिलाफ कोई कार्रवाई मत करना...DPRO को धमकी, केस का आदेश
Yogesh Yadavहिन्दुस्तान,हाथरसTue, 27 Feb 2024 11:37 PM
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हाथरस में जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) को केन्द्रीय स्वास्थ राज्य मंत्री प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल बनकर एक मोबाइल नंबर से धमकी और अभद्रता किए जाने के मामले में सोमवार को एसीजेएम कोर्ट ने मुरसान पुलिस को मुकदमा दर्ज करने के आदेश कर दिए हैं। डीपीआरओ सुबोध जोशी ने अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हाथरस कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया कि 18 जनवरी 2024 को वह सहपऊ विकास खण्ड की ग्राम पंचायत इसौदा में निरीक्षण करने के लिए गई थीं। गांव में सचिवालय बंद पाया गया। सचिवालय किसी अज्ञात व्यक्ति के स्थान पर नियम विरुद्ध तरीके से संचालित हो रहा था।

आरसीसी के निर्माण में घटिया सामग्री का प्रयोग हो रहा था। निरीक्षण के बाद जब वह शाम को लौटीं तो छह बजकर छह मिनट पर एक मोबाइल नंबर से उनके मोबाइल नंबर पर दो कॉल आईं। व्यस्तता के कारण कॉल अटेंड नहीं हो सकी। पुन: छह बजकर नौ मिनट पर उसी मोबाइल नंबर से फोन आया। आरोप है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने कहा कि आपसे प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल बात करेंगे। बात करने वाले ने अपना राजनीतिक परिचय देते हुए कहा कि मैं एसपी सिंह बघेल केन्द्रीय स्वास्थ राज्य मंत्री बोल रहा हूं।

डीपीआरओ जोशी ग्राम पंचायत इसौदा का आपके द्वारा निरीक्षण किया गया। आपको निर्देशित करता हूं कि प्रधान के खिलाफ कोई भी कार्यवही न की जाए। उन्होंने कहा कि दो तीन बार मैं लोकसभा जलेसर का सांसद रहा हूं। चुनाव में प्रधान ने मदद की थी। डीपीआरओ ने कहा कि वह नियमानुसार मदद करेंगी। मगर फोन करने वाले ने धमकाया और कहा कि उनकी जांच करा सकता हूं। आगरा में डीपीआरओ को निलंबित कराया था।

खुद को एसपी सिंह बघेल बताने वाले ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया। डीपीआरओ ने प्रार्थना पत्र में कहा कि वह पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर चुकी हैं, लेकिन अभी तक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है। सोमवार को मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने थानाध्यक्ष मुरसान को आदेशित किया है कि वह प्रार्थना पत्र में उल्लेखित कथनों के प्रकाश में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर विधि अनुसार विवेचना कराना सुनिश्चत करें।

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